Fiction » Literature » Literary criticism » Short Stories

Mansarovar - Part 5 (Hindi)
By
Price: $3.99 USD. Words: 102,510. Language: Hindi. Published: September 22, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
मानसरोवर - भाग 5 मंदिर निमंत्रण रामलीला कामना तरु हिंसा परम धर्म बहिष्कार चोरी लांछन सती कजाकी आसुँओं की होली अग्नि-समाधि सुजान भगत पिसनहारी का कुआँ सोहाग का शव आत्म-संगीत एक्ट्रेस ईश्वरीय न्याय ममता मंत्र प्रायश्चित कप्तान साहब इस्तीफा --------------------------- मातृ-प्रेम, तुझे धान्य है ! संसार में और जो कुछ है, मिथ्या है, निस्सार है। मातृ-प्रेम ही सत्य है, अक्षय है, अनश्वर है। ...
Mansarovar - Part 4 (Hindi)
By
Price: $3.99 USD. Words: 93,630. Language: Hindi. Published: September 14, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 4 प्रेरणा सद्गति तगादा दो कब्रें ढपोरसंख डिमॉन्सट्रेशन दारोगाजी अभिलाषा खुचड़ आगा-पीछा प्रेम का उदय सती मृतक-भोज भूत सवा सेर गेहूँ सभ्यता का रहस्य समस्या दो सखियाँ स्मृति का पुजारी ------------------------ मेरी कक्षा में सूर्यप्रकाश से ज्यादा ऊधामी कोई लड़का न था, बल्कि यों कहो कि अध्यापन-काल के दस वर्षों में मुझे ऐसी विषम प्रकृति के शिष्य से साबका न पड़ा था।
Mansarovar - Part 3 (Hindi)
By
Price: $3.99 USD. Words: 105,130. Language: Hindi. Published: September 13, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 3 विश्‍वास नरक का मार्ग स्त्री और पुरुष उध्दार निर्वासन नैराश्य लीला कौशल स्वर्ग की देवी आधार एक आँच की कसर माता का हृदय परीक्षा तेंतर नैराश्य दण्ड धिक्‍कार लैला मुक्तिधन दीक्षा क्षमा मनुष्य का परम धर्म गुरु-मंत्र सौभाग्य के कोड़े विचित्र होली मुक्ति-मार्ग डिक्री के रुपये शतरंज के खिलाड़ी वज्रपात सत्याग्रह भाड़े का टट्टू बाबाजी का भोग विनोद
Mansarovar - Part 2 (Hindi)
By
Price: $3.99 USD. Words: 102,480. Language: Hindi. Published: September 11, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
मानसरोवर - भाग 2 कुसुम खुदाई फौजदार वेश्या चमत्कार मोटर के छींटे कैदी मिस पद्मा विद्रोही कुत्सा दो बैलों की कथा रियासत का दीवान मुफ्त का यश बासी भात में खुदा का साझा दूध का दाम बालक जीवन का शाप डामुल का कैदी नेउर गृह-नीति कानूनी कुमार लॉटरी जादू नया विवाह शूद्र --------- साल-भर की बात है, एक दिन शाम को हवा खाने जा रहा था कि महाशय नवीन से मुलाक़ात हो गयी। मेरे पुराने दोस्त हैं, बड़े बेतकल्लुफ़ और मन
Mansarovar - Part 1 (Hindi)
By
Price: $3.99 USD. Words: 105,710. Language: Hindi. Published: September 6, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 1 अलग्योझा ईदगाह माँ बेटोंवाली विधवा बड़े भाई साहब शांति नशा स्‍वामिनी ठाकुर का कुआँ घर जमाई पूस की रात झाँकी गुल्‍ली-डंडा ज्योति दिल की रानी धिक्‍कार कायर शिकार सुभागी अनुभव लांछन आखिरी हीला तावान घासवाली गिला रसिक संपादक मनोवृत्ति
Three Stories
By
Price: $1.99 USD. Words: 7,690. Language: English. Published: August 20, 2014. Category: Fiction » Literature » Literary
Three stories by award-winning Australian writer Laurie Steed in the one volume: Orbiting: Fire threatens and old loves rear their head as Sophie endures a summer of extremes. Wallpaper: Cracks start to show in the fabric of a family during their daughter's piano recital. The Lost Podcast: A father and son, one present, and one absent, share respective realities in a New Yorker Fiction Podcast
The Lost Podcast
By
Series: Short Stories, Book 1. Price: Free! Words: 2,490. Language: English. Published: August 20, 2014. Category: Fiction » Literature » Literary
A father and son, one present, and one absent, share realities in a notably different New Yorker Fiction Podcast in 'The Lost Podcast', a story by Laurie Steed. "Laurie's enthusiasm for his craft is wonderfully infectious; his writing is honest and elegant. I recommend him in every way." – Brigid Lowry
Orbiting
By
Series: Short Stories, Book 3. Price: $0.99 USD. Words: 2,720. Language: English. Published: August 20, 2014. Category: Fiction » Literature » Literary
Fire threatens and old loves rear their head as Sophie endures a summer of extremes in 'Orbiting', a story by Laurie Steed. "Laurie Steed is one of the exciting new names in Australian writing - his stories are smart, soulful and challenging. I can't wait to see what he does next." – Paddy O'Reilly
Wallpaper
By
Series: Short Stories, Book 2. Price: $0.99 USD. Words: 2,830. Language: English. Published: August 20, 2014. Category: Fiction » Literature » Literary
(5.00 from 1 review)
Cracks start to show in the fabric of a family during their daughter's piano recital in 'Wallpaper', a story by Laurie Steed. "Laurie Steed's stories are sometimes tender, sometimes brutal, and always beautifully written. He is a writer to watch." – Ryan O'Neill
Glass Eyes: A Short Story about a Family's Struggle
By
Price: Free! Words: 4,600. Language: English. Published: July 21, 2014. Category: Fiction » Literature » Literary
Five-year-old Kate struggles to understand what is happening to her world as she witnesses her father's deepening depression. In the midst of her family’s turmoil, Kate finds solace in her grandfather’s upstairs apartment, though she is troubled by the stuffed fox in his bedroom. As Kate tries to adapt to the changes in her life, the fox becomes a symbol of what she fears.
Ramcharcha (Hindi)
By
Price: $4.99 USD. Words: 44,030. Language: Hindi. Published: July 10, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
प्यारे बच्चो! तुमने विजयदशमी का मेला तो देखा ही होगा। कहींकहीं इसे रामलीला का मेला भी कहते हैं। इस मेले में तुमने मिट्टी या पीतल के बन्दरों और भालुओं के से चेहरे लगाये आदमी देखे होंगे। राम, लक्ष्मण और सीता को सिंहासन पर बैठे देखा होगा और इनके सिंहासन के सामने कुछ फासले पर कागज और बांसों का बड़ा पुतला देखा होगा। इस पुतले के दस सिर और बीस हाथ देखे होंगे। वह रावण का पुतला है।
Two Sister (Hindi)
By
Price: $0.99 USD. Words: 5,650. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
दोनों बहनें दो साल के बाद एक तीसरे नातेदार के घर मिलीं और खूब रो-धोकर खुश हुईं तो बड़ी बहन रूपकुमारी ने देखा कि छोटी बहन रामदुलारी सिर से पाँव तक गहनों से लदी हुई है, कुछ उसका रंग खुल गया है, स्वभाव में कुछ गरिमा आ गयी है और बातचीत करने में ज्यादा चतुर हो गयी है। कीमती बनारसी साड़ी और बेलदार उन्नावी मखमल के जम्पर ने उसके रूप को और भी चमका दिया-वही रामदुलारी, लडक़पन में सिर के बाल खोले,
Srishti (Hindi)
By
Price: $0.99 USD. Words: 6,140. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
(अदन की वाटिका, तीसरे पहर का समय। एक बड़ा सांप अपना सिर फूलों की एक क्यारी में छिपाये हुए और अपने शरीर को एक वृक्ष की शाखाओं में लपेटे हुए पड़ा है। वृक्ष भलीभांति च़ चुका है, क्योंकि सृष्टि के दिन हमारे अनुमान से कहीं अधिक बड़े थे। सर्प उस व्यक्ति को नहीं दिखाई दे सकता जिसको उसकी विद्यमानता का ज्ञान नहीं है, क्योंकि उसके हरे और भूरे रंग के मेल से धोखा होता है।
Rahsya (Hindi)
By
Price: $0.99 USD. Words: 5,480. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
विमल प्रकाश ने सेवाश्रम के द्वार पर पहुँचकर जेब से रूमाल निकाला और बालों पर पड़ी हुई गर्द साफ की, फिर उसी रूमाल से जूतों की गर्द झाड़ी और अन्दर दाखिल हुआ। सुबह को वह रोज टहलने जाता है और लौटती बार सेवाश्रम की देख-भाल भी कर लेता है। वह इस आश्रम का बानी भी है, और संचालक भी। सेवाश्रम का काम शुरू हो गया था। अध्यापिकाएँ लड़कियों को पढ़ा रही थीं, माली फूलों की क्यारियों में पानी दे रहा था
Namak ka Droga (Hindi)
By
Price: $0.99 USD. Words: 3,290. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वरप्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे इसका व्यापार करने लगे। अनेक प्रकार के छल-प्रपंचों का सूत्रपात हुआ, कोई घूस से काम निकालता था, कोई चालाकी से। अधिकारियों के पौ-बारह थे। पटवारीगिरी का सर्वसम्मानित पद छोड-छोडकर लोग इस विभाग की बरकंदाजी करते थे। इसके दारोगा पद के लिए तो वकीलों का भी जी ललचाता था।
Meri Pahli Rachna (Hindi)
By
Price: $0.99 USD. Words: 1,990. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
उस वक्त मेरी उम्र कोई १३ साल की रही होगी। हिन्दी बिल्कुल न जानता था। उर्दू के उपन्यास पढ़ने-लिखने का उन्माद था। मौलाना शरर, पं० रतननाथ सरशार, मिर्जा रुसवा, मौलवी मुहम्मद अली हरदोई निवासी, उस वक्त के सर्वप्रिय उपन्यासकार थे। इनकी रचनाएँ जहाँ मिल जाती थीं, स्कूल की याद भूल जाती थी और पुस्तक समाप्त करके ही दम लेता था। उस जमाने में रेनाल्ड के उपन्यासों की धूम थी। उर्दू में उनके अनुवाद धड़ाधड़ निकल रहे
Manovratti Aur Lanchan (Hindi)
By
Price: $0.99 USD. Words: 6,260. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मनोवृत्ति एक सुंदर युवती, प्रात:काल, गाँधी-पार्क में बिल्लौर के बेंच पर गहरी नींद में सोयी पायी जाय, यह चौंका देनेवाली बात है। सुंदरियाँ पार्कों में हवा खाने आती हैं, हँसती हैं, दौड़ती हैं, फूल-पौधों से खेलती हैं, किसी का इधर ध्यान नहीं जाता; लेकिन कोई युवती रविश के किनारे वाले बेंच पर बेखबर सोये, यह बिलकुल गैर मामूली बात है, अपनी ओर बल-पूर्वक आकर्षित करने वाली। रविश पर कितने आदमी चहलकदमी कर रहे
Rabindranath Tagore's Selected Stories (Hindi)
By
Price: $4.99 USD. Words: 75,230. Language: Hindi. Published: June 30, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मेरी पाँच वर्ष की छोटी लड़की मिनी से पल भर भी बात किए बिना नहीं रहा जाता। दुनिया में आने के बाद भाषा सीखने में उसने सिर्फ एक ही वर्ष लगाया होगा। उसके बाद से जितनी देर तक सो नहीं पाती है, उस समय का एक पल भी वह चुप्पी में नहीं खोती। उसकी माता बहुधा डाँट-फटकारकर उसकी चलती हुई जबान बन्द कर देती है; किन्तु मुझसे ऐसा नहीं होता। मिनी का मौन मुझे ऐसा अस्वाभाविक-सा प्रतीत होता है, कि मुझसे वह अधिक देर...
Mangal Sutra (Hindi)
By
Price: $0.99 USD. Words: 15,200. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
प्रेमचन्द का जन्म ३१ जुलाई सन् १८८० को बनारस शहर से चार मील दूर समही गाँव में हुआ था। आपके पिता का नाम अजायब राय था। वह डाकखाने में मामूली नौकर के तौर पर काम करते थे। आपके पिता ने केवल १५ साल की आयू में आपका विवाह करा दिया। विवाह के एक साल बाद ही पिताजी का देहान्त हो गया। अपनी गरीबी से लड़ते हुए प्रेमचन्द ने अपनी पढ़ाई मैट्रिक तक पहुंचाई। जीवन के आरंभ में आप अपने गाँव से दूर बनारस पढ़ने के लिए
Kankaal (Hindi)
By
Price: $0.99 USD. Words: 67,340. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
प्रतिष्ठान के खँडहर में और गंगा-तट की सिकता-भूमि में अनेक शिविर और फूस के झोंपड़े खड़े हैं। माघ की अमावस्या की गोधूली में प्रयाग में बाँध पर प्रभात का-सा जनरव और कोलाहल तथा धर्म लूटने की धूम कम हो गयी है; परन्तु बहुत-से घायल और कुचले हुए अर्धमृतकों की आर्तध्वनि उस पावन प्रदेश को आशीर्वाद दे रही है। स्वयं-सेवक उन्हें सहायता पहुँचाने में व्यस्त हैं। यों तो प्रतिवर्ष यहाँ पर जन-समूह एकत्र होता है...