Books tagged: hindi fiction

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Found 38 results

पॉलिटीशिया का ड्रैगन (The Dragon of Polititia)
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Series: Hindi Poetry and Fiction, Book 2. Price: $0.99 USD. Words: 59,120. Language: Hindi. Published: September 5, 2012. Category: Fiction » Literature » Literary
The story takes place in an “imaginary” island marked by an immoral life of people who just pass time in idle gossips, lawlessness, hypocrisy, and lewdness. The island truly had a glorious past but the present scenario was just the opposite. The police, the politicians, the divines, the officers and the intellectuals are all sunk in the depth of moral corruption and sexual appetite.
नाइन
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Price: $1.99 USD. Words: 9,590. Language: Hindi. Published: March 6, 2014. Category: Fiction » Literature » Drama
नाइन..., नौ रचनाओं का संग्रह है, जहाँ एक ओर “हर पल”, “समंदर”, “सच”, और “जीवन-चक्र” जैसी रचनायें हैं जो जीवन और जीवनशैली के पहलुओं पर नज़र डालती हैं और “अगली बार” जैसी कहानी भी है जिसमें हास्य का पुट है। वहीं दूसरी ओर हैं, “वो आँखें”, “स्कूल”, “पहली नज़र का फेर”, और “थैंक्यू सर” जो जीवन के सबसे खूबसूरत अहसास “प्यार” के विभिन्न स्वरूपों से अवगत कराती हैं।
Sangram Part 1-5 (Hindi)
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Price: $4.99 USD. Words: 54,020. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
प्रभात का समय। सूर्य की सुनहरी किरणें खेतों और वृक्षों पर पड़ रही हैं। वृक्षपुंजों में पक्षियों का कलरव हो रहा है। बसंत ऋतु है। नई-नई कोपलें निकल रही हैं। खेतों में हरियाली छाई हुई है। कहीं-कहीं सरसों भी फूल रही है। शीत-बिंदु पौधों पर चमक रहे हैं। हलधर : अब और कोई बाधा न पड़े तो अबकी उपज अच्छी होगी। कैसी मोटी-मोटी बालें निकल रही हैं। राजेश्वरी : यह तुम्हारी कठिन तपस्या का फल है।
Gaban (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 108,000. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
बरसात के दिन हैं, सावन का महीना । आकाश में सुनहरी घटाएँ छाई हुई हैं । रह - रहकर रिमझिम वर्षा होने लगती है । अभी तीसरा पहर है ; पर ऐसा मालूम हों रहा है, शाम हो गयी । आमों के बाग़ में झूला पड़ा हुआ है । लड़कियाँ भी झूल रहीं हैं और उनकी माताएँ भी । दो-चार झूल रहीं हैं, दो चार झुला रही हैं । कोई कजली गाने लगती है, कोई बारहमासा । इस ऋतु में महिलाओं की बाल-स्मृतियाँ भी जाग उठती हैं ।
Karmabhumi (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 129,270. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
हमारे स्कूलों और कॉलेजों में जिस तत्परता से फीस वसूल की जाती है, शायद मालगुजारी भी उतनी सख्ती से नहीं वसूल की जाती। महीने में एक दिन नियत कर दिया जाता है। उस दिन फीस का दाखिला होना अनिवार्य है। या तो फीस दीजिए, या नाम कटवाइए, या जब तक फीस न दाखिल हो, रोज कुछ जुर्माना दीजिए। कहीं-कहीं ऐसा भी नियम है कि उसी दिन फीस दुगुनी कर दी जाती है, और किसी दूसरी तारीख को दुगुनी फीस न दी तो नाम कट जाता है।
Pratigya (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 27,850. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
देवकी - 'जा कर समझाओ-बुझाओ और क्या करोगे। उनसे कहो, भैया, हमारा डोंगा क्यों मझधार में डुबाए देते हो। तुम घर के लड़के हो। तुमसे हमें ऐसी आशा न थी। देखो कहते क्या हैं।' देवकी - 'आखिर क्यों? कोई हरज है?' देवकी ने इस आपत्ति का महत्व नहीं समझा। बोली - 'यह तो कोई बात नहीं आज अगर कमलाप्रसाद मुसलमान हो जाए, तो क्या हम उसके पास आना-जाना छोड़ देंगे? हमसे जहाँ तक हो सकेगा, हम उसे समझाएँगे ...
Srikanta (Hindi)
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Price: $4.99 USD. Words: 227,470. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मेरी सारी जिन्दगी घूमने में ही बीती है। इस घुमक्कड़ जीवन के तीसरे पहर में खड़े होकर, उसके एक अध्याापक को सुनाते हुए, आज मुझे न जाने कितनी बातें याद आ रही हैं। यों घूमते-फिरते ही तो मैं बच्चे से बूढ़ा हुआ हूँ। अपने-पराए सभी के मुँह से अपने सम्बन्ध में केवल 'छि:-छि:' सुनते-सुनते मैं अपनी जिन्दगी को एक बड़ी भारी 'छि:-छि:' के सिवाय और कुछ भी नहीं समझ सका।
Rangbhumi (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 245,070. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
शहर अमीरों के रहने और क्रय-विक्रय का स्थान है। उसके बाहर की भूमि उनके मनोरंजन और विनोद की जगह है। उसके मध्‍य भाग में उनके लड़कों की पाठशालाएँ और उनके मुकद़मेबाजी के अखाड़े होते हैं, जहाँ न्याय के बहाने गरीबों का गला घोंटा जाता है। शहर के आस-पास गरीबों की बस्तियाँ होती हैं। बनारस में पाँड़ेपुर ऐसी ही बस्ती है।
Nirmala (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 63,980. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
यों तो बाबू उदयभानुलाल के परिवार में बीसों ही प्राणी थे, कोई ममेरा भाई था, कोई फुफेरा, कोई भांजा था, कोई भतीजा, लेकिन यहां हमें उनसे कोई प्रयोजन नहीं, वह अच्छे वकील थे, लक्ष्मी प्रसन्न थीं और कुटुम्ब के दरिद्र प्राणियों को आश्रय देना उनका कत्तव्य ही था। हमारा सम्बन्ध तो केवल उनकी दोनों कन्याओं से है, जिनमें बड़ी का नाम निर्मला और छोटी का कृष्णा था। अभी कल दोनों साथ-साथ गुड़िया खेलती थीं।
Dehati Samaj (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 44,190. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
बाबू वेणी घोषाल ने मुखर्जी बाबू के घर में पैर रखा ही था कि उन्हें एक स्त्री दीख पड़ी, पूजा में निमग्न। उसकी आयु थी, यही आधी के करीब। वेणी बाबू ने उन्हें देखते ही विस्मय से कहा, 'मौसी, आप हैं! और रमा किधर है?' मौसी ने पूजा में बैठे ही बैठे रसोईघर की ओर संकेत कर दिया। वेणी बाबू ने रसोईघर के पास आ कर रमा से प्रश्‍न किया - 'तुमने निश्‍चय किया या नहीं, यदि नहीं तो कब करोगी?' रमा रसोई में व्यस्त थी।