Books tagged: hindi novels

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Found 23 results

गरीब का नव वर्ष
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Series: Hindi Books: Novels and Poetry, Book 4 · Novels and Stories, Book 67. Price: $1.25 USD. Words: 3,880. Language: Hindi. Published: August 8, 2013. Category: Fiction » Literature » Urban
उस मोटी औरत के बाद एक आदमी आया था। रस्सी से बाँधे हुए पांच मुर्गे उस आदमी के दायें हाथ में उल्टे लटक रहे थे। मुर्गे अपनी मृत्यू के आभास से चिल्ला रहे थे।
ओस की एक बूँद
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Series: Hindi Books: Novels and Poetry, Book 5 · Novels and Stories, Book 68. Price: $1.99 USD. Words: 6,090. Language: Hindi. Published: August 14, 2013. Category: Fiction » Romance » Suspense
उसकी लाश को एक छोटे से सुन्दर लकडी के बक्से में रखा गया था और सभी लोग उस बक्से को बारी बारी से उठाकर एक पंक्ती में बंगलोर शहर के बीचों बीच स्थित कब्रिस्तान की ओर धीरे धीरे जा रहे थे। सभी की आन्खें नम थी।
Pratigya (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 27,850. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
देवकी - 'जा कर समझाओ-बुझाओ और क्या करोगे। उनसे कहो, भैया, हमारा डोंगा क्यों मझधार में डुबाए देते हो। तुम घर के लड़के हो। तुमसे हमें ऐसी आशा न थी। देखो कहते क्या हैं।' देवकी - 'आखिर क्यों? कोई हरज है?' देवकी ने इस आपत्ति का महत्व नहीं समझा। बोली - 'यह तो कोई बात नहीं आज अगर कमलाप्रसाद मुसलमान हो जाए, तो क्या हम उसके पास आना-जाना छोड़ देंगे? हमसे जहाँ तक हो सकेगा, हम उसे समझाएँगे ...
Dehati Samaj (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 44,190. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
बाबू वेणी घोषाल ने मुखर्जी बाबू के घर में पैर रखा ही था कि उन्हें एक स्त्री दीख पड़ी, पूजा में निमग्न। उसकी आयु थी, यही आधी के करीब। वेणी बाबू ने उन्हें देखते ही विस्मय से कहा, 'मौसी, आप हैं! और रमा किधर है?' मौसी ने पूजा में बैठे ही बैठे रसोईघर की ओर संकेत कर दिया। वेणी बाबू ने रसोईघर के पास आ कर रमा से प्रश्‍न किया - 'तुमने निश्‍चय किया या नहीं, यदि नहीं तो कब करोगी?' रमा रसोई में व्यस्त थी।
Aahuti (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,480. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
आनन्द ने गद्देदार कुर्सी पर बैठकर सिगार जलाते हुए कहा-आज विशम्भर ने कैसी हिमाकत की! इम्तहान करीब है और आप आज वालण्टियर बन बैठे। कहीं पकड़ गये, तो इम्तहान से हाथ धोएँगे। मेरा तो खयाल है कि वजीफ़ा भी बन्द हो जाएगा। सामने दूसरे बेंच पर रूपमणि बैठी एक अखबार पढ़ रही थी। उसकी आँखें अखबार की तरफ थीं; पर कान आनन्द की तरफ लगे हुए थे। बोली-यह तो बुरा हुआ। तुमने समझाया नहीं?
Alankar (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 61,460. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
उन दिनों नील नदी के तट पर बहुत से तपस्वी रहा करते थे। दोनों ही किनारों पर कितनी ही झोंपड़ियां थोड़ी थोड़ी दूर पर बनी हुई थीं। तपस्वी लोग इन्हीं में एकान्तवास करते थे और जरूरत पड़ने पर एक दूसरे की सहायता करते थे। इन्हीं झोंपड़ियों के बीच में जहां तहां गिरजे बने हुए थे। परायः सभी गिरजाघरों पर सलीब का आकार दिखाई देता था। धमोर्त्सवों पर साधु सन्त दूर दूर से वहां आ जाते थे।
Anupama Ka Prem (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 2,950. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी। वह समझती थी, मनुष्य के हृदय में जितना प्रेम, जितनी माधुरी, जितनी शोभा, जितना सौंदर्य, जितनी तृष्णा है, सब छान-बीनकर, साफ कर उसने अपने मष्तिष्क के भीतर जमा कर रखी है। मनुष्य- स्वभाव, मनुष्य-चरित्र, उसका नख दर्पण हो गया है। संसार में उसके लिए सीखने योग्य वस्तु और कोई नही है, सबकुछ जान चुकी है, सब कुछ सीख चुकी है।
Beton Wali Vidhwa Aur Maa (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 13,100. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
बेटोंवाली विधवा पंडित अयोध्यानाथ का देहांत हुआ तो सबने कहा, ईश्वर आदमी की ऐसी ही मौत दे। चार जवान बेटे थे, एक लड़की। चारों लड़कों के विवाह हो चुके थे, केवल लड़की क्‍वाँरी थी। संपत्ति भी काफी छोड़ी थी। एक पक्का मकान, दो बगीचे, कई हजार के गहने और बीस हजार नकद। विधवा फूलमती को शोक तो हुआ और कई दिन तक बेहाल पड़ी रही, लेकिन जवान बेटों को सामने देखकर उसे ढाढ़स हुआ।
Bilashi (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 1,750. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
पक्का दो कोस रास्ता पैदल चलकर स्कूल में पढ़ने जाया करता हूँ। मैं अकेला नहीं हूँ, दस-बारह जने हैं। जिनके घर देहात में हैं, उनके लड़कों को अस्सी प्रतिशत इसी प्रकार विद्या-लाभ करना पड़ता है। अत: लाभ के अंकों में अन्त तक बिल्कुल शून्य न पड़ने पर भी जो पड़ता है, उसका हिसाब लगाने के लिए इन कुछेक बातों पर विचार कर लेना काफी होगा कि जिन लड़कों को सबेरे आठ बजे के भीतर ही बाहर निकल कर आने-जाने में चार....
Chamatkar Aur Beti Ka Dhan (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,850. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
चमत्कार बी.ए. पास करने के बाद चन्द्रप्रकाश को एक टयूशन करने के सिवा और कुछ न सूझा। उसकी माता पहले ही मर चुकी थी, इसी साल पिता का भी देहान्त हो गया और प्रकाश जीवन के जो मधुर स्वप्न देखा करता था, वे सब धूल में मिल गये। पिता ऊँचे ओहदे पर थे, उनकी कोशिश से चन्द्रप्रकाश को कोई अच्छी जगह मिलने की पूरी आशा थी; पर वे सब मनसूबे धरे रह गये और अब गुजर-बसर के लिए वही 30) महीने की टयूशन रह गई।