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Mahabharat (Sanskrit)
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Price: $3.99 USD. Words: 929,850. Language: Unknown language. Published: January 24, 2015 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Religion and Spirituality » Hinduism
भाग 1. आदि पर्व भाग 2. सभा पर्व भाग 3. वन पर्व भाग 4. विराट पर्व भाग 5. उद्योग पर्व भाग 6. भीष्म पर्व भाग 7. द्रोण पर्व भाग 8. कर्ण पर्व भाग 9. शल्य पर्व भाग 10. सौपतिक पर्व भाग 11. स्त्री पर्व भाग 12. शान्ति पर्व भाग 13. अनुशासन पर्व भाग 14. अश्वमेधिक पर्व भाग 15. आश्रमावासिक पर्व भाग 16. मौसल पर्व भाग 17. महाप्रस्थानिक पर्व भाग 18. स्वर्गारोहण पर्व
The Yoga Sutras of Patanjali: The Book of the Spiritual Man
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Price: $2.99 USD. Words: 30,380. Language: English. Published: January 13, 2015 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Health, wellbeing, & medicine » Yoga
The Yoga Sutras of Patanjali are in themselves exceedingly brief, less than ten pages of large type in the original. Yet they contain the essence of practical wisdom, set forth in admirable order and detail. The theme, if the present interpreter be right, is the great regeneration, the birth of the spiritual from the psychical man: the same theme which Paul so wisely and eloquently set forth....
Sunderkand (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 20,680. Language: Hindi. Published: January 6, 2015 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Religion and Spirituality » Hinduism
शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशंभुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदांतवेद्यं विभुम्‌। रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं वन्देऽहं करुणाकरं रघुवरं भूपालचूडामणिम्‌॥ 1॥ शांत, सनातन, अप्रमेय (प्रमाणों से परे), निष्पाप, मोक्षरूप परमशांति देनेवाले, ब्रह्मा, शंभु और शेष से निरंतर सेवित, वेदांत के द्वारा जानने योग्य, सर्वव्यापक, देवताओं में सबसे बड़े, माया से मनुष्य रूप में दिखनेवाले,
Vikramorvasiyam (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,720. Language: Hindi. Published: November 23, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
एक बार देवलोक की परम सुंदरी अप्सरा उर्वशी अपनी सखियों के साथ कुबेर के भवन से लौट रही थी। मार्ग में केशी दैत्य ने उन्हें देख लिया और तब उसे उसकी सखी चित्रलेखा सहित वह बीच रास्ते से ही पकड़ कर ले गया। यह देखकर दूसरी अप्सराएँ सहायता के लिए पुकारने लगीं, "आर्यों! जो कोई भी देवताओं का मित्र हो और आकाश में आ-जा सके, वह आकर हमारी रक्षा करें।" उसी समय प्रतिष्ठान देश के राजा पुरुरवा भगवान सूर्य की उपासना
Meghdoot (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 10,220. Language: Hindi. Published: November 23, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
1 कश्चित्‍कान्‍ताविरहगुरुणा स्‍वाधिकारात्‍प्रमत: शापेनास्‍तग्‍ड:मितमहिमा वर्षभोग्‍येण भर्तु:। यक्षश्‍चक्रे जनकतनयास्‍नानपुण्‍योदकेषु स्निग्‍धच्‍छायातरुषु वसतिं रामगिर्याश्रमेषु।। कोई यक्ष था। वह अपने काम में असावधान हुआ तो यक्षपति ने उसे शाप दिया कि वर्ष-भर पत्‍नी का भारी विरह सहो। इससे उसकी महिमा ढल गई। उसने रामगिरि के आश्रमों में बस्‍ती बनाई जहाँ घने छायादार
Geetawali (Hindi)
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Price: $1.99 USD. Words: 5,370. Language: Hindi. Published: November 19, 2014 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Religion and Spirituality » Hinduism
आजु सुदिन सुभ घरी सुहाई | रूप-सील-गुन-धाम राम नृप-भवन प्रगट भए आई || अति पुनीत मधुमास, लगन-ग्रह-बार-जोग-समुदाई | हरषवन्त चर-अचर, भूमिसुर-तनरुह पुलक जनाई || बरषहिं बिबुध-निकर कुसुमावलि, नभ दुन्दुभी बजाई | कौसल्यादि मातु मन हरषित, यह सुख बरनि न जाई || सुनि दसरथ सुत-जनम लिये सब गुरुजन बिप्र बोलाई | बेद-बिहित करि क्रिया परम सुचि, आनँद उर न समाई || सदन बेद-धुनि करत मधुर मुनि, बहु बिधि बाज बधाई |
Ramcharitmanas (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 342,300. Language: Hindi. Published: November 16, 2014 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Religion and Spirituality » Religious philosophy
वर्णानामर्थसंघानां रसानां छंदसामपि। मंगलानां च कर्त्तारौ वंदे वाणीविनायकौ॥ 1॥ अक्षरों, अर्थ समूहों, रसों, छंदों और मंगलों की कर्त्री सरस्वती और गणेश की मैं वंदना करता हूँ॥ 1॥ भवानीशंकरौ वंदे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ। याभ्यां विना न पश्यंति सिद्धाः स्वांत:स्थमीश्वरम्‌॥ 2॥
Durgadas (Hindi)
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Price: $1.99 USD. Words: 23,320. Language: Hindi. Published: October 23, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
जोधपुर के महाराज जसवन्तसिंह की सेना में आशकरण नाम के एक राजपूत सेनापति थे, बड़े सच्चे, वीर, शीलवान् और परमार्थी। उनकी बहादुरी की इतनी धाक थी, कि दुश्मन उनके नाम से कांपते थे। दोनों दयावान् ऐसे थे कि मारवाड़ में कोई अनाथ न था।, जो उनके दरबार से निराश लौटे। जसवन्तसिंह भी उनका :बड़ा आदर-सत्कार करते थे। वीर दुर्गादास उन्हीं के लड़के थे। छोटे का नाम जसकरण था।
Vardan
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Price: $2.99 USD. Words: 46,840. Language: Hindi. Published: October 23, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
विन्घ्याचल पर्वत मध्यरात्रि के निविड़ अन्धकार में काल देव की भांति खड़ा था। उस पर उगे हुए छोटे-छोटे वृक्ष इस प्रकार दष्टिगोचर होते थे, मानो ये उसकी जटाएं है और अष्टभुजा देवी का मन्दिर जिसके कलश पर श्वेत पताकाएं वायु की मन्द-मन्द तरंगों में लहरा रही थीं, उस देव का मस्तक है मंदिर में एक झिलमिलाता हुआ दीपक था, जिसे देखकर किसी धुंधले तारे का मान हो जाता था।
Mansarovar - Part 5-8 (Hindi)
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Price: $6.99 USD. Words: 383,540. Language: Hindi. Published: September 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 5 मंदिर | निमंत्रण | रामलीला | कामना तरु | हिंसा परम धर्म | बहिष्कार | चोरी | लांछन | सती | कजाकी | आसुँओं की होली | अग्नि-समाधि | सुजान भगत | पिसनहारी का कुआँ | सोहाग का शव | आत्म-संगीत | एक्ट्रेस | ईश्वरीय न्याय | ममता | मंत्र | प्रायश्चित | कप्तान साहब | इस्तीफा | मानसरोवर - भाग 6 यह मेरी मातृभूमि है | राजा हरदौल | त्यागी का प्रेम | रानी सारन्धा | शाप | मर्यादा की वेदी | मृत्यु
Mansarovar - Part 8 (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 97,020. Language: Hindi. Published: September 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 8 खून सफेद गरीब की हाय बेटी का धन धर्मसंकट सेवा-मार्ग शिकारी राजकुमार बलिदान बोध सच्चाई का उपहार ज्वालामुखी पशु से मनुष्य मूठ ब्रह्म का स्वांग विमाता बूढ़ी काकी हार की जीत दफ्तरी विध्वंस स्वत्व-रक्षा पूर्व-संस्कार दुस्साहस बौड़म गुप्तधन आदर्श विरोध विषम समस्या अनिष्ट शंका सौत सज्जनता का दंड नमक का दारोगा उपदेश परीक्षा
Mansarovar - Part 7 (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 93,400. Language: English. Published: September 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 7 जेल पत्नी से पति शराब की दुकान जुलूस मैकू समर-यात्रा शान्ति बैंक का दिवाला आत्माराम दुर्गा का मन्दिर बड़े घर की बेटी पंच-परमेश्वर शंखनाद जिहाद फातिहा वैर का अंत दो भाई महातीर्थ विस्मृति प्रारब्ध सुहाग की साड़ी लोकमत का सम्मान नाग-पूजा ---------------------------------- मृदुला मैजिस्ट्रेट के इजलास से ज़नाने जेल में वापस आयी, तो उसका मुख प्रसन्न था। बरी हो जाने की गुलाबी आशा उसके कपोल
Mansarovar - Part 6 (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 91,830. Language: Hindi. Published: September 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 6 यह मेरी मातृभूमि है राजा हरदौल त्यागी का प्रेम रानी सारन्धा शाप मर्यादा की वेदी मृत्यु के पीछे पाप का अग्निकुंड आभूषण जुगनू की चमक गृह-दाह धोखा लाग-डाट अमावस्या की रात्रि चकमा पछतावा आप-बीती राज्य-भक्त अधिकार-चिन्ता दुराशा (प्रहसन) -------------------------- आज पूरे 60 वर्ष के बाद मुझे मातृभूमि-प्यारी मातृभूमि के दर्शन प्राप्त हुए हैं। जिस समय मैं अपने प्यारे देश से विदा हुआ था
Mansarovar - Part 1-4 (Hindi)
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Price: $6.99 USD. Words: 405,740. Language: Hindi. Published: September 23, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 1 अलग्योझा | ईदगाह | माँ | बेटोंवाली विधवा | बड़े भाई साहब | शांति | नशा | स्‍वामिनी | ठाकुर का कुआँ | घर जमाई | पूस की रात | झाँकी | गुल्‍ली-डंडा | ज्योति | दिल की रानी | धिक्‍कार | कायर | शिकार | सुभागी | अनुभव | लांछन | आखिरी हीला | तावान | घासवाली | गिला | रसिक संपादक | मनोवृत्ति
Mansarovar - Part 5 (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 102,510. Language: Hindi. Published: September 22, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
मानसरोवर - भाग 5 मंदिर निमंत्रण रामलीला कामना तरु हिंसा परम धर्म बहिष्कार चोरी लांछन सती कजाकी आसुँओं की होली अग्नि-समाधि सुजान भगत पिसनहारी का कुआँ सोहाग का शव आत्म-संगीत एक्ट्रेस ईश्वरीय न्याय ममता मंत्र प्रायश्चित कप्तान साहब इस्तीफा --------------------------- मातृ-प्रेम, तुझे धान्य है ! संसार में और जो कुछ है, मिथ्या है, निस्सार है। मातृ-प्रेम ही सत्य है, अक्षय है, अनश्वर है। ...
Mansarovar - Part 4 (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 93,630. Language: Hindi. Published: September 14, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 4 प्रेरणा सद्गति तगादा दो कब्रें ढपोरसंख डिमॉन्सट्रेशन दारोगाजी अभिलाषा खुचड़ आगा-पीछा प्रेम का उदय सती मृतक-भोज भूत सवा सेर गेहूँ सभ्यता का रहस्य समस्या दो सखियाँ स्मृति का पुजारी ------------------------ मेरी कक्षा में सूर्यप्रकाश से ज्यादा ऊधामी कोई लड़का न था, बल्कि यों कहो कि अध्यापन-काल के दस वर्षों में मुझे ऐसी विषम प्रकृति के शिष्य से साबका न पड़ा था।
Mansarovar - Part 3 (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 105,130. Language: Hindi. Published: September 13, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 3 विश्‍वास नरक का मार्ग स्त्री और पुरुष उध्दार निर्वासन नैराश्य लीला कौशल स्वर्ग की देवी आधार एक आँच की कसर माता का हृदय परीक्षा तेंतर नैराश्य दण्ड धिक्‍कार लैला मुक्तिधन दीक्षा क्षमा मनुष्य का परम धर्म गुरु-मंत्र सौभाग्य के कोड़े विचित्र होली मुक्ति-मार्ग डिक्री के रुपये शतरंज के खिलाड़ी वज्रपात सत्याग्रह भाड़े का टट्टू बाबाजी का भोग विनोद
Mansarovar - Part 2 (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 102,480. Language: Hindi. Published: September 11, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
मानसरोवर - भाग 2 कुसुम खुदाई फौजदार वेश्या चमत्कार मोटर के छींटे कैदी मिस पद्मा विद्रोही कुत्सा दो बैलों की कथा रियासत का दीवान मुफ्त का यश बासी भात में खुदा का साझा दूध का दाम बालक जीवन का शाप डामुल का कैदी नेउर गृह-नीति कानूनी कुमार लॉटरी जादू नया विवाह शूद्र --------- साल-भर की बात है, एक दिन शाम को हवा खाने जा रहा था कि महाशय नवीन से मुलाक़ात हो गयी। मेरे पुराने दोस्त हैं, बड़े बेतकल्लुफ़ और मन
Mansarovar - Part 1 (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 105,710. Language: Hindi. Published: September 6, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 1 अलग्योझा ईदगाह माँ बेटोंवाली विधवा बड़े भाई साहब शांति नशा स्‍वामिनी ठाकुर का कुआँ घर जमाई पूस की रात झाँकी गुल्‍ली-डंडा ज्योति दिल की रानी धिक्‍कार कायर शिकार सुभागी अनुभव लांछन आखिरी हीला तावान घासवाली गिला रसिक संपादक मनोवृत्ति
Ramcharcha (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 44,030. Language: Hindi. Published: July 10, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
प्यारे बच्चो! तुमने विजयदशमी का मेला तो देखा ही होगा। कहींकहीं इसे रामलीला का मेला भी कहते हैं। इस मेले में तुमने मिट्टी या पीतल के बन्दरों और भालुओं के से चेहरे लगाये आदमी देखे होंगे। राम, लक्ष्मण और सीता को सिंहासन पर बैठे देखा होगा और इनके सिंहासन के सामने कुछ फासले पर कागज और बांसों का बड़ा पुतला देखा होगा। इस पुतले के दस सिर और बीस हाथ देखे होंगे। वह रावण का पुतला है।
The Loves of Krishna: In Indian Painting and Poetry (Illustrated)
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Price: $2.99 USD. Words: 54,570. Language: English. Published: July 8, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Poetry » Ancient Poetry
During the twentieth century, a certain type of Indian painting began to fascinate the West. Unlike Mughal art, it was a product of Hindu courts in Rajasthan and the Punjab Hills and unlike Mughal painting, its chief concern was with the varied phases of romance. Ladies would be shown brooding in their chambers as storm clouds mounted in the sky.
Two Sister (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,650. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
दोनों बहनें दो साल के बाद एक तीसरे नातेदार के घर मिलीं और खूब रो-धोकर खुश हुईं तो बड़ी बहन रूपकुमारी ने देखा कि छोटी बहन रामदुलारी सिर से पाँव तक गहनों से लदी हुई है, कुछ उसका रंग खुल गया है, स्वभाव में कुछ गरिमा आ गयी है और बातचीत करने में ज्यादा चतुर हो गयी है। कीमती बनारसी साड़ी और बेलदार उन्नावी मखमल के जम्पर ने उसके रूप को और भी चमका दिया-वही रामदुलारी, लडक़पन में सिर के बाल खोले,
Srishti (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 6,140. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
(अदन की वाटिका, तीसरे पहर का समय। एक बड़ा सांप अपना सिर फूलों की एक क्यारी में छिपाये हुए और अपने शरीर को एक वृक्ष की शाखाओं में लपेटे हुए पड़ा है। वृक्ष भलीभांति च़ चुका है, क्योंकि सृष्टि के दिन हमारे अनुमान से कहीं अधिक बड़े थे। सर्प उस व्यक्ति को नहीं दिखाई दे सकता जिसको उसकी विद्यमानता का ज्ञान नहीं है, क्योंकि उसके हरे और भूरे रंग के मेल से धोखा होता है।
Rahsya (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,480. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
विमल प्रकाश ने सेवाश्रम के द्वार पर पहुँचकर जेब से रूमाल निकाला और बालों पर पड़ी हुई गर्द साफ की, फिर उसी रूमाल से जूतों की गर्द झाड़ी और अन्दर दाखिल हुआ। सुबह को वह रोज टहलने जाता है और लौटती बार सेवाश्रम की देख-भाल भी कर लेता है। वह इस आश्रम का बानी भी है, और संचालक भी। सेवाश्रम का काम शुरू हो गया था। अध्यापिकाएँ लड़कियों को पढ़ा रही थीं, माली फूलों की क्यारियों में पानी दे रहा था
Namak ka Droga (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,290. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वरप्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे इसका व्यापार करने लगे। अनेक प्रकार के छल-प्रपंचों का सूत्रपात हुआ, कोई घूस से काम निकालता था, कोई चालाकी से। अधिकारियों के पौ-बारह थे। पटवारीगिरी का सर्वसम्मानित पद छोड-छोडकर लोग इस विभाग की बरकंदाजी करते थे। इसके दारोगा पद के लिए तो वकीलों का भी जी ललचाता था।
Meri Pahli Rachna (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 1,990. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
उस वक्त मेरी उम्र कोई १३ साल की रही होगी। हिन्दी बिल्कुल न जानता था। उर्दू के उपन्यास पढ़ने-लिखने का उन्माद था। मौलाना शरर, पं० रतननाथ सरशार, मिर्जा रुसवा, मौलवी मुहम्मद अली हरदोई निवासी, उस वक्त के सर्वप्रिय उपन्यासकार थे। इनकी रचनाएँ जहाँ मिल जाती थीं, स्कूल की याद भूल जाती थी और पुस्तक समाप्त करके ही दम लेता था। उस जमाने में रेनाल्ड के उपन्यासों की धूम थी। उर्दू में उनके अनुवाद धड़ाधड़ निकल रहे
Manovratti Aur Lanchan (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 6,260. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मनोवृत्ति एक सुंदर युवती, प्रात:काल, गाँधी-पार्क में बिल्लौर के बेंच पर गहरी नींद में सोयी पायी जाय, यह चौंका देनेवाली बात है। सुंदरियाँ पार्कों में हवा खाने आती हैं, हँसती हैं, दौड़ती हैं, फूल-पौधों से खेलती हैं, किसी का इधर ध्यान नहीं जाता; लेकिन कोई युवती रविश के किनारे वाले बेंच पर बेखबर सोये, यह बिलकुल गैर मामूली बात है, अपनी ओर बल-पूर्वक आकर्षित करने वाली। रविश पर कितने आदमी चहलकदमी कर रहे
Rajarshi (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 41,760. Language: Hindi. Published: July 2, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
भुवनेश्वरी मंदिर का पत्थर का घाट गोमती नदी में जाकर मिल गया है। एक दिन ग्रीष्म-काल की सुबह त्रिपुरा के महाराजा गोविन्दमाणिक्य स्नान करने आए हैं, उनके भाई नक्षत्रराय भी साथ हैं। ऐसे समय एक छोटी लडकी अपने छोटे भाई को साथ लेकर उसी घाट पर आई। राजा का वस्त्र खींचते हुए पूछा, "तुम कौन हो?" राजा मुस्कराते हुए बोले, "माँ, मैं तुम्हारी संतान हूँ।" लडकी बोली, "मुझे पूजा के लिए फूल तोड़ दो ना!"
Aankh Ki Kirkiri (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 70,560. Language: Hindi. Published: July 1, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
विनोद की माँ हरिमती महेंद्र की माँ राजलक्ष्मी के पास जा कर धरना देने लगी। दोनों एक ही गाँव की थीं, छुटपन में साथ खेली थीं। राजलक्ष्मी महेंद्र के पीछे पड़ गईं - 'बेटा महेंद्र, इस गरीब की बिटिया का उद्धार करना पड़ेगा। सुना है, लड़की बड़ी सुंदर है, फिर पढ़ी-लिखी भी है। उसकी रुचियाँ भी तुम लोगों जैसी हैं। महेंद्र बोला - 'आजकल के तो सभी लड़के मुझ जैसे ही होते हैं।'
Rabindranath Tagore's Selected Stories (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 75,230. Language: Hindi. Published: June 30, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मेरी पाँच वर्ष की छोटी लड़की मिनी से पल भर भी बात किए बिना नहीं रहा जाता। दुनिया में आने के बाद भाषा सीखने में उसने सिर्फ एक ही वर्ष लगाया होगा। उसके बाद से जितनी देर तक सो नहीं पाती है, उस समय का एक पल भी वह चुप्पी में नहीं खोती। उसकी माता बहुधा डाँट-फटकारकर उसकी चलती हुई जबान बन्द कर देती है; किन्तु मुझसे ऐसा नहीं होता। मिनी का मौन मुझे ऐसा अस्वाभाविक-सा प्रतीत होता है, कि मुझसे वह अधिक देर...
Mangal Sutra (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 15,200. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
प्रेमचन्द का जन्म ३१ जुलाई सन् १८८० को बनारस शहर से चार मील दूर समही गाँव में हुआ था। आपके पिता का नाम अजायब राय था। वह डाकखाने में मामूली नौकर के तौर पर काम करते थे। आपके पिता ने केवल १५ साल की आयू में आपका विवाह करा दिया। विवाह के एक साल बाद ही पिताजी का देहान्त हो गया। अपनी गरीबी से लड़ते हुए प्रेमचन्द ने अपनी पढ़ाई मैट्रिक तक पहुंचाई। जीवन के आरंभ में आप अपने गाँव से दूर बनारस पढ़ने के लिए
Kankaal (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 67,340. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
प्रतिष्ठान के खँडहर में और गंगा-तट की सिकता-भूमि में अनेक शिविर और फूस के झोंपड़े खड़े हैं। माघ की अमावस्या की गोधूली में प्रयाग में बाँध पर प्रभात का-सा जनरव और कोलाहल तथा धर्म लूटने की धूम कम हो गयी है; परन्तु बहुत-से घायल और कुचले हुए अर्धमृतकों की आर्तध्वनि उस पावन प्रदेश को आशीर्वाद दे रही है। स्वयं-सेवक उन्हें सहायता पहुँचाने में व्यस्त हैं। यों तो प्रतिवर्ष यहाँ पर जन-समूह एकत्र होता है...
Kafan (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,070. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
झोपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीबी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ निकलती थी, कि दोनों कलेजा थाम लेते थे। जाड़ों की रात थी, प्रकृति सन्नाटे में डूबी हुई, सारा गाँव अन्धकार में लय हो गया था। घीसू ने कहा-मालूम होता है, बचेगी नहीं। सारा दिन दौड़ते हो गया, जा देख तो आ।
Holi Ka Uphar (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 2,150. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
मैकूलाल अमरकान्त के घर शतरंज खेलने आये, तो देखा, वह कहीं बाहर जाने की तैयारी कर रहे हैं। पूछा-कहीं बाहर की तैयारी कर रहे हो क्या भाई? फुरसत हो, तो आओ, आज दो-चार बाजियाँ हो जाएँ। अमरकान्त ने सन्दूक में आईना-कंघी रखते हुए कहा-नहीं भाई, आज तो बिलकुल फुरसत नहीं है। कल जरा ससुराल जा रहा हूँ। सामान-आमान ठीक कर रहा हूँ। मैकू-तो आज ही से क्या तैयारी करने लगे? चार कदम तो हैं। शायद पहली बार जा रहे हो?
Grah Niti Aur Naya Vivah (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 9,820. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
गृह-नीति जब माँ, बेटे से बहू की शिकायतों का दफ्तर खोल देती है और यह सिलसिला किसी तरह खत्म होते नजर नहीं आता, तो बेटा उकता जाता है और दिन-भर की थकान के कारण कुछ झुँझलाकर माँ से कहता है, 'तो आखिर तुम मुझसे क्या करने को कहती हो अम्माँ ? मेरा काम स्त्री को शिक्षा देना तो नहीं है। यह तो तुम्हारा काम है ! तुम उसे डाँटो, मारो,जो सजा चाहे दो। मेरे लिए इससे ज्यादा खुशी की और क्या बात हो सकती है...
Ghaswali Aur Dil ki Rani (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 11,220. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
घासवाली मुलिया हरी-हरी घास का गट्ठा लेकर आयी, तो उसका गेहुआँ रंग कुछ तमतमाया हुआ था और बड़ी-बड़ी मद-भरी आँखो में शंका समाई हुई थी। महावीर ने उसका तमतमाया हुआ चेहरा देखकर पूछा- क्या है मुलिया, आज कैसा जी है। मुलिया ने कुछ जवाब न दिया- उसकी आँखें डबडबा गयीं! महावीर ने समीप आकर पूछा- क्या हुआ है, बताती क्यों नहीं? किसी ने कुछ कहा है, अम्माँ ने डाँटा है, क्यों इतनी उदास है?
Ghar Jamai Aur Dhikkar (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 10,320. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
घर जमाई हरिधन जेठ की दुपहरी में ऊख में पानी देकर आया और बाहर बैठा रहा। घर में से धुआँ उठता नजर आता था। छन-छन की आवाज भी आ रही थी। उसके दोनों साले उसके बाद आये और घर में चले गए। दोनों सालों के लड़के भी आये और उसी तरह अंदर दाखिल हो गये; पर हरिधन अंदर न जा सका। इधर एक महीने से उसके साथ यहाँ जो बर्ताव हो रहा था और विशेषकर कल उसे जैसी फटकार सुननी पड़ी थी, वह उसके पाँव में बेड़ियाँ-सी डाले हुए था।
Eidgah Aur Gulli Danda (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 8,030. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
ईदगाह रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, यानी संसार को ईद की बधाई दे रहा है। गाँव में कितनी हलचल है। ईदगाह जाने की तैयारियाँ हो रही हैं। किसी के कुरते में बटन नहीं है, पड़ोस के घर में सुई-धागा लेने दौड़ा जा रहा है।
Duniya Ka Sabse Anmol Ratan (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,540. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
दिलफ़िगार एक कँटीले पेड़ के नीचे दामन चाक किये बैठा हुआ खून के आँसू बहा रहा था। वह सौन्दर्य की देवी यानी मलका दिलफ़रेब का सच्चा और जान देने वाला प्रेमी था। उन प्रेमियों में नहीं, जो इत्र-फुलेल में बसकर और शानदार कपड़ों से सजकर आशिक के वेश में माशूक़ियत का दम भरते हैं। बल्कि उन सीधे-सादे भोले-भाले फ़िदाइयों में जो जंगल और पहाड़ों से सर टकराते हैं और फ़रियाद मचाते फिरते हैं। दिलफ़रेब ने उससे कहा था
Doodh ka Daam Aur Do Bailon ki Katha (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 7,640. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
दूध का दाम अब बड़े-बड़े शहरों में दाइयाँ, नर्सें और लेडी डाक्टर, सभी पैदा हो गयी हैं; लेकिन देहातों में जच्चेखानों पर अभी तक भंगिनों का ही प्रभुत्व है और निकट भविष्य में इसमें कोई तब्दीली होने की आशा नहीं। बाबू महेशनाथ अपने गाँव के जमींदार थे, शिक्षित थे और जच्चेखानों में सुधार की आवश्यकता को मानते थे, लेकिन इसमें जो बाधाएँ थीं, उन पर कैसे विजय पाते ?
Chamatkar Aur Beti Ka Dhan (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,850. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
चमत्कार बी.ए. पास करने के बाद चन्द्रप्रकाश को एक टयूशन करने के सिवा और कुछ न सूझा। उसकी माता पहले ही मर चुकी थी, इसी साल पिता का भी देहान्त हो गया और प्रकाश जीवन के जो मधुर स्वप्न देखा करता था, वे सब धूल में मिल गये। पिता ऊँचे ओहदे पर थे, उनकी कोशिश से चन्द्रप्रकाश को कोई अच्छी जगह मिलने की पूरी आशा थी; पर वे सब मनसूबे धरे रह गये और अब गुजर-बसर के लिए वही 30) महीने की टयूशन रह गई।
Bilashi (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 1,750. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
पक्का दो कोस रास्ता पैदल चलकर स्कूल में पढ़ने जाया करता हूँ। मैं अकेला नहीं हूँ, दस-बारह जने हैं। जिनके घर देहात में हैं, उनके लड़कों को अस्सी प्रतिशत इसी प्रकार विद्या-लाभ करना पड़ता है। अत: लाभ के अंकों में अन्त तक बिल्कुल शून्य न पड़ने पर भी जो पड़ता है, उसका हिसाब लगाने के लिए इन कुछेक बातों पर विचार कर लेना काफी होगा कि जिन लड़कों को सबेरे आठ बजे के भीतर ही बाहर निकल कर आने-जाने में चार....
Beton Wali Vidhwa Aur Maa (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 13,100. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
बेटोंवाली विधवा पंडित अयोध्यानाथ का देहांत हुआ तो सबने कहा, ईश्वर आदमी की ऐसी ही मौत दे। चार जवान बेटे थे, एक लड़की। चारों लड़कों के विवाह हो चुके थे, केवल लड़की क्‍वाँरी थी। संपत्ति भी काफी छोड़ी थी। एक पक्का मकान, दो बगीचे, कई हजार के गहने और बीस हजार नकद। विधवा फूलमती को शोक तो हुआ और कई दिन तक बेहाल पड़ी रही, लेकिन जवान बेटों को सामने देखकर उसे ढाढ़स हुआ।
Anupama Ka Prem (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 2,950. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी। वह समझती थी, मनुष्य के हृदय में जितना प्रेम, जितनी माधुरी, जितनी शोभा, जितना सौंदर्य, जितनी तृष्णा है, सब छान-बीनकर, साफ कर उसने अपने मष्तिष्क के भीतर जमा कर रखी है। मनुष्य- स्वभाव, मनुष्य-चरित्र, उसका नख दर्पण हो गया है। संसार में उसके लिए सीखने योग्य वस्तु और कोई नही है, सबकुछ जान चुकी है, सब कुछ सीख चुकी है।
Alankar (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 61,460. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
उन दिनों नील नदी के तट पर बहुत से तपस्वी रहा करते थे। दोनों ही किनारों पर कितनी ही झोंपड़ियां थोड़ी थोड़ी दूर पर बनी हुई थीं। तपस्वी लोग इन्हीं में एकान्तवास करते थे और जरूरत पड़ने पर एक दूसरे की सहायता करते थे। इन्हीं झोंपड़ियों के बीच में जहां तहां गिरजे बने हुए थे। परायः सभी गिरजाघरों पर सलीब का आकार दिखाई देता था। धमोर्त्सवों पर साधु सन्त दूर दूर से वहां आ जाते थे।
Aahuti (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,480. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
आनन्द ने गद्देदार कुर्सी पर बैठकर सिगार जलाते हुए कहा-आज विशम्भर ने कैसी हिमाकत की! इम्तहान करीब है और आप आज वालण्टियर बन बैठे। कहीं पकड़ गये, तो इम्तहान से हाथ धोएँगे। मेरा तो खयाल है कि वजीफ़ा भी बन्द हो जाएगा। सामने दूसरे बेंच पर रूपमणि बैठी एक अखबार पढ़ रही थी। उसकी आँखें अखबार की तरफ थीं; पर कान आनन्द की तरफ लगे हुए थे। बोली-यह तो बुरा हुआ। तुमने समझाया नहीं?
11 Vars Ka Samay (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,510. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
दिन-भर बैठे-बैठे मेरे सिर में पीड़ा उत्‍पन्‍न हुई : मैं अपने स्‍थान से उठा और अपने एक नए एकांतवासी मित्र के यहाँ मैंने जाना विचारा। जाकर मैंने देखा तो वे ध्‍यान-मग्‍न सिर नीचा किए हुए कुछ सोच रहे थे। मुझे देखकर कुछ आश्‍चर्य नहीं हुआ; क्‍योंकि यह कोई नई बात नहीं थी। उन्‍हें थोड़े ही दिन पूरब से इस देश मे आए हुआ है। नगर में उनसे मेरे सिवा और किसी से विशेष जान-पहिचान नहीं है;
Path Ke Davedar (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 80,560. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
अपूर्व के मित्र मजाक करते, ''तुमने एम. एस-सी. पास कर लिया, लेकिन तुम्हारे सिर पर इतनी लम्बी चोटी है। क्या चोटी के द्वारा दिमाग में बिजली की तरंगें आती जाती रहती हैं?'' अपूर्व उत्तर देता, ''एम. एस-सी. की किताबों में चोटी के विरुध्द तो कुछ लिखा नहीं मिलता। फिर बिजली की तरंगों के संचार के इतिहास का तो अभी आरम्भ ही नहीं हुआ है। विश्वास न हो तो एम. एस-सी. पढ़ने वालों से पूछकर देख लो।''
Dehati Samaj (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 44,190. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
बाबू वेणी घोषाल ने मुखर्जी बाबू के घर में पैर रखा ही था कि उन्हें एक स्त्री दीख पड़ी, पूजा में निमग्न। उसकी आयु थी, यही आधी के करीब। वेणी बाबू ने उन्हें देखते ही विस्मय से कहा, 'मौसी, आप हैं! और रमा किधर है?' मौसी ने पूजा में बैठे ही बैठे रसोईघर की ओर संकेत कर दिया। वेणी बाबू ने रसोईघर के पास आ कर रमा से प्रश्‍न किया - 'तुमने निश्‍चय किया या नहीं, यदि नहीं तो कब करोगी?' रमा रसोई में व्यस्त थी।
Nirmala (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 63,980. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
यों तो बाबू उदयभानुलाल के परिवार में बीसों ही प्राणी थे, कोई ममेरा भाई था, कोई फुफेरा, कोई भांजा था, कोई भतीजा, लेकिन यहां हमें उनसे कोई प्रयोजन नहीं, वह अच्छे वकील थे, लक्ष्मी प्रसन्न थीं और कुटुम्ब के दरिद्र प्राणियों को आश्रय देना उनका कत्तव्य ही था। हमारा सम्बन्ध तो केवल उनकी दोनों कन्याओं से है, जिनमें बड़ी का नाम निर्मला और छोटी का कृष्णा था। अभी कल दोनों साथ-साथ गुड़िया खेलती थीं।
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