Nonfiction » Literary criticism » Short Stories

Palavras Soltas ao Vento - Crônicas, Contos e Memórias
Price: Free! Words: 24,040. Language: Portuguese. Published: December 17, 2017. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
Este livro é uma pequena coletânea de crônicas, textos e contos que eu escrevi nos últimos anos. Todo o conteúdo diz muito sobre cada momento meu, angústias, descobertas, medos, alegrias e buscas. Todos eles são a minha forma, não de ensinar, mas de aprender.
The Knight and the Princess
Price: Free! Words: 7,880. Language: English. Published: December 14, 2013. Categories: Fiction » Fairy tales, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
One uninterrupted gaze into the reflecting pool reveals everything there is to know about oneself. For a young knight who dreams of becoming king, and the princess who is determined to marry him, the fate of the realm unfolds before them… and nothing is what they expect.
Cover Art
Price: Free! Words: 2,450. Language: English. Published: May 28, 2015. Categories: Fiction » Humor & comedy » Parody, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
(5.00 from 10 reviews)
Will the writer be able to make word count and still make every word count? Or will the bad guy do something bad? Find out in this action-packed thrill-ride! (The writer assumes no liability on the contents of this crap. Read at your own risk, and if you wipe your butt with it, may you get a paper cut. That’s all I have to say about that.)
Glass Eyes: A Short Story about a Family's Struggle
Price: Free! Words: 4,600. Language: English. Published: July 21, 2014. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
Five-year-old Kate struggles to understand what is happening to her world as she witnesses her father's deepening depression. In the midst of her family’s turmoil, Kate finds solace in her grandfather’s upstairs apartment, though she is troubled by the stuffed fox in his bedroom. As Kate tries to adapt to the changes in her life, the fox becomes a symbol of what she fears.
Romanticist
Price: Free! Words: 640. Language: English. Published: April 13, 2016. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories, Essay » Sociology
A somewhat poetic musing on the pervasiveness of superficial romanticism.
Ghaswali Aur Dil ki Rani (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 11,220. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
घासवाली मुलिया हरी-हरी घास का गट्ठा लेकर आयी, तो उसका गेहुआँ रंग कुछ तमतमाया हुआ था और बड़ी-बड़ी मद-भरी आँखो में शंका समाई हुई थी। महावीर ने उसका तमतमाया हुआ चेहरा देखकर पूछा- क्या है मुलिया, आज कैसा जी है। मुलिया ने कुछ जवाब न दिया- उसकी आँखें डबडबा गयीं! महावीर ने समीप आकर पूछा- क्या हुआ है, बताती क्यों नहीं? किसी ने कुछ कहा है, अम्माँ ने डाँटा है, क्यों इतनी उदास है?
Duniya Ka Sabse Anmol Ratan (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 3,540. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
दिलफ़िगार एक कँटीले पेड़ के नीचे दामन चाक किये बैठा हुआ खून के आँसू बहा रहा था। वह सौन्दर्य की देवी यानी मलका दिलफ़रेब का सच्चा और जान देने वाला प्रेमी था। उन प्रेमियों में नहीं, जो इत्र-फुलेल में बसकर और शानदार कपड़ों से सजकर आशिक के वेश में माशूक़ियत का दम भरते हैं। बल्कि उन सीधे-सादे भोले-भाले फ़िदाइयों में जो जंगल और पहाड़ों से सर टकराते हैं और फ़रियाद मचाते फिरते हैं। दिलफ़रेब ने उससे कहा था
Yesterday, I died (The Devil's Forge)
Price: $0.99 USD. Words: 1,060. Language: English. Published: March 26, 2012. Categories: Fiction » Science fiction » Short stories, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
(3.67 from 9 reviews)
Bradley Snowden wakes up almost 100 years after he died to find that he is not the man he was.
The Gods of Grayfriar's Lane (S.Blackhall {Author}, P.J Donald {Editor}, 2019)
Price: Free! Words: 37,040. Language: Scots. Published: April 5, 2019. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
The Gods of Grayfriars Lane (2019 - eBook) is a novella in English with Scots dialogue by 'Queen of Doric', Sheena Blackhall and Edited by Paul J. Donald. It centres on the lives of two cousins between the years 1899-1904, and is loosely based on the lives of Lizzie Philip and her cousin Dr Catherine Emslie Anderson, one of the first women doctors to graduate from Aberdeen University.
Ghar Jamai Aur Dhikkar (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 10,320. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
घर जमाई हरिधन जेठ की दुपहरी में ऊख में पानी देकर आया और बाहर बैठा रहा। घर में से धुआँ उठता नजर आता था। छन-छन की आवाज भी आ रही थी। उसके दोनों साले उसके बाद आये और घर में चले गए। दोनों सालों के लड़के भी आये और उसी तरह अंदर दाखिल हो गये; पर हरिधन अंदर न जा सका। इधर एक महीने से उसके साथ यहाँ जो बर्ताव हो रहा था और विशेषकर कल उसे जैसी फटकार सुननी पड़ी थी, वह उसके पाँव में बेड़ियाँ-सी डाले हुए था।
Mansarovar - Part 1 (Hindi)
Series: Mansarovar Part 1-8. Price: $2.99 USD. Words: 105,710. Language: Hindi. Published: September 6, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
मानसरोवर - भाग 1 अलग्योझा ईदगाह माँ बेटोंवाली विधवा बड़े भाई साहब शांति नशा स्‍वामिनी ठाकुर का कुआँ घर जमाई पूस की रात झाँकी गुल्‍ली-डंडा ज्योति दिल की रानी धिक्‍कार कायर शिकार सुभागी अनुभव लांछन आखिरी हीला तावान घासवाली गिला रसिक संपादक मनोवृत्ति
Meri Pahli Rachna (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 1,990. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
उस वक्त मेरी उम्र कोई १३ साल की रही होगी। हिन्दी बिल्कुल न जानता था। उर्दू के उपन्यास पढ़ने-लिखने का उन्माद था। मौलाना शरर, पं० रतननाथ सरशार, मिर्जा रुसवा, मौलवी मुहम्मद अली हरदोई निवासी, उस वक्त के सर्वप्रिय उपन्यासकार थे। इनकी रचनाएँ जहाँ मिल जाती थीं, स्कूल की याद भूल जाती थी और पुस्तक समाप्त करके ही दम लेता था। उस जमाने में रेनाल्ड के उपन्यासों की धूम थी। उर्दू में उनके अनुवाद धड़ाधड़ निकल रहे
Mansarovar - Part 6 (Hindi)
Series: Mansarovar Part 1-8. Price: $2.99 USD. Words: 91,830. Language: Hindi. Published: September 25, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
मानसरोवर - भाग 6 यह मेरी मातृभूमि है राजा हरदौल त्यागी का प्रेम रानी सारन्धा शाप मर्यादा की वेदी मृत्यु के पीछे पाप का अग्निकुंड आभूषण जुगनू की चमक गृह-दाह धोखा लाग-डाट अमावस्या की रात्रि चकमा पछतावा आप-बीती राज्य-भक्त अधिकार-चिन्ता दुराशा (प्रहसन) -------------------------- आज पूरे 60 वर्ष के बाद मुझे मातृभूमि-प्यारी मातृभूमि के दर्शन प्राप्त हुए हैं। जिस समय मैं अपने प्यारे देश से विदा हुआ था
Durgadas (Hindi)
Price: $1.99 USD. Words: 23,320. Language: Hindi. Published: October 23, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
जोधपुर के महाराज जसवन्तसिंह की सेना में आशकरण नाम के एक राजपूत सेनापति थे, बड़े सच्चे, वीर, शीलवान् और परमार्थी। उनकी बहादुरी की इतनी धाक थी, कि दुश्मन उनके नाम से कांपते थे। दोनों दयावान् ऐसे थे कि मारवाड़ में कोई अनाथ न था।, जो उनके दरबार से निराश लौटे। जसवन्तसिंह भी उनका :बड़ा आदर-सत्कार करते थे। वीर दुर्गादास उन्हीं के लड़के थे। छोटे का नाम जसकरण था।
Beton Wali Vidhwa Aur Maa (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 13,100. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
बेटोंवाली विधवा पंडित अयोध्यानाथ का देहांत हुआ तो सबने कहा, ईश्वर आदमी की ऐसी ही मौत दे। चार जवान बेटे थे, एक लड़की। चारों लड़कों के विवाह हो चुके थे, केवल लड़की क्‍वाँरी थी। संपत्ति भी काफी छोड़ी थी। एक पक्का मकान, दो बगीचे, कई हजार के गहने और बीस हजार नकद। विधवा फूलमती को शोक तो हुआ और कई दिन तक बेहाल पड़ी रही, लेकिन जवान बेटों को सामने देखकर उसे ढाढ़स हुआ।
Kafan (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 3,070. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
झोपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीबी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ निकलती थी, कि दोनों कलेजा थाम लेते थे। जाड़ों की रात थी, प्रकृति सन्नाटे में डूबी हुई, सारा गाँव अन्धकार में लय हो गया था। घीसू ने कहा-मालूम होता है, बचेगी नहीं। सारा दिन दौड़ते हो गया, जा देख तो आ।
Namak ka Droga (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 3,290. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वरप्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे इसका व्यापार करने लगे। अनेक प्रकार के छल-प्रपंचों का सूत्रपात हुआ, कोई घूस से काम निकालता था, कोई चालाकी से। अधिकारियों के पौ-बारह थे। पटवारीगिरी का सर्वसम्मानित पद छोड-छोडकर लोग इस विभाग की बरकंदाजी करते थे। इसके दारोगा पद के लिए तो वकीलों का भी जी ललचाता था।
Doodh ka Daam Aur Do Bailon ki Katha (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 7,640. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
दूध का दाम अब बड़े-बड़े शहरों में दाइयाँ, नर्सें और लेडी डाक्टर, सभी पैदा हो गयी हैं; लेकिन देहातों में जच्चेखानों पर अभी तक भंगिनों का ही प्रभुत्व है और निकट भविष्य में इसमें कोई तब्दीली होने की आशा नहीं। बाबू महेशनाथ अपने गाँव के जमींदार थे, शिक्षित थे और जच्चेखानों में सुधार की आवश्यकता को मानते थे, लेकिन इसमें जो बाधाएँ थीं, उन पर कैसे विजय पाते ?
Rahsya (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 5,480. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
विमल प्रकाश ने सेवाश्रम के द्वार पर पहुँचकर जेब से रूमाल निकाला और बालों पर पड़ी हुई गर्द साफ की, फिर उसी रूमाल से जूतों की गर्द झाड़ी और अन्दर दाखिल हुआ। सुबह को वह रोज टहलने जाता है और लौटती बार सेवाश्रम की देख-भाल भी कर लेता है। वह इस आश्रम का बानी भी है, और संचालक भी। सेवाश्रम का काम शुरू हो गया था। अध्यापिकाएँ लड़कियों को पढ़ा रही थीं, माली फूलों की क्यारियों में पानी दे रहा था
Mansarovar - Part 4 (Hindi)
Series: Mansarovar Part 1-8. Price: $2.99 USD. Words: 93,630. Language: Hindi. Published: September 14, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
मानसरोवर - भाग 4 प्रेरणा सद्गति तगादा दो कब्रें ढपोरसंख डिमॉन्सट्रेशन दारोगाजी अभिलाषा खुचड़ आगा-पीछा प्रेम का उदय सती मृतक-भोज भूत सवा सेर गेहूँ सभ्यता का रहस्य समस्या दो सखियाँ स्मृति का पुजारी ------------------------ मेरी कक्षा में सूर्यप्रकाश से ज्यादा ऊधामी कोई लड़का न था, बल्कि यों कहो कि अध्यापन-काल के दस वर्षों में मुझे ऐसी विषम प्रकृति के शिष्य से साबका न पड़ा था।

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