Fiction » Literary collections

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Padres e hijos
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Price: $6.99 USD. Words: 65,580. Language: Spanish. Published: July 7, 2014. Category: Fiction » Classics
Publicada por primera vez en 1862, Padres e hijos es, según los críticos de varias generaciones, la mejor novela de este autor, quien reflejó en sus obras, y en especial en esta, la cotidianeidad y la esencia del pueblo ruso. Un clásico de la literatura universal que todos debemos leer.
Translating Libya: Chasing the Libyan Short Story, from Mizda to Benghazi
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Price: $5.99 USD. Words: 75,410. Language: English. Published: July 3, 2014 and represented by Dystel and Goderich Literary Management. Category: Fiction » Literary collections » Middle Eastern
Part travelogue, part anthology, part memoir, Translating Libya presents the country's modern history through 16 short stories, from the Italian Occupation to the Arab Spring.
Rajarshi (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 41,760. Language: Hindi. Published: July 2, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
भुवनेश्वरी मंदिर का पत्थर का घाट गोमती नदी में जाकर मिल गया है। एक दिन ग्रीष्म-काल की सुबह त्रिपुरा के महाराजा गोविन्दमाणिक्य स्नान करने आए हैं, उनके भाई नक्षत्रराय भी साथ हैं। ऐसे समय एक छोटी लडकी अपने छोटे भाई को साथ लेकर उसी घाट पर आई। राजा का वस्त्र खींचते हुए पूछा, "तुम कौन हो?" राजा मुस्कराते हुए बोले, "माँ, मैं तुम्हारी संतान हूँ।" लडकी बोली, "मुझे पूजा के लिए फूल तोड़ दो ना!"
Grits In A Bowl
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Price: $1.99 USD. Words: 5,810. Language: English. Published: July 1, 2014. Category: Fiction » Literary collections » Female authors
This book goes against everything that is supposed to be right. From format and introduction to spacing and industry standards. It is not because the author does not know how to spell or not know the English language. She is a writer with a college education and comes from a background of educators. On the contrary, the stories in this book are considered to be “unusual connections.”
Aankh Ki Kirkiri (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 70,560. Language: Hindi. Published: July 1, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
विनोद की माँ हरिमती महेंद्र की माँ राजलक्ष्मी के पास जा कर धरना देने लगी। दोनों एक ही गाँव की थीं, छुटपन में साथ खेली थीं। राजलक्ष्मी महेंद्र के पीछे पड़ गईं - 'बेटा महेंद्र, इस गरीब की बिटिया का उद्धार करना पड़ेगा। सुना है, लड़की बड़ी सुंदर है, फिर पढ़ी-लिखी भी है। उसकी रुचियाँ भी तुम लोगों जैसी हैं। महेंद्र बोला - 'आजकल के तो सभी लड़के मुझ जैसे ही होते हैं।'
Anupama Ka Prem (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 2,950. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी। वह समझती थी, मनुष्य के हृदय में जितना प्रेम, जितनी माधुरी, जितनी शोभा, जितना सौंदर्य, जितनी तृष्णा है, सब छान-बीनकर, साफ कर उसने अपने मष्तिष्क के भीतर जमा कर रखी है। मनुष्य- स्वभाव, मनुष्य-चरित्र, उसका नख दर्पण हो गया है। संसार में उसके लिए सीखने योग्य वस्तु और कोई नही है, सबकुछ जान चुकी है, सब कुछ सीख चुकी है।
Alankar (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 61,460. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
उन दिनों नील नदी के तट पर बहुत से तपस्वी रहा करते थे। दोनों ही किनारों पर कितनी ही झोंपड़ियां थोड़ी थोड़ी दूर पर बनी हुई थीं। तपस्वी लोग इन्हीं में एकान्तवास करते थे और जरूरत पड़ने पर एक दूसरे की सहायता करते थे। इन्हीं झोंपड़ियों के बीच में जहां तहां गिरजे बने हुए थे। परायः सभी गिरजाघरों पर सलीब का आकार दिखाई देता था। धमोर्त्सवों पर साधु सन्त दूर दूर से वहां आ जाते थे।
Aahuti (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,480. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
आनन्द ने गद्देदार कुर्सी पर बैठकर सिगार जलाते हुए कहा-आज विशम्भर ने कैसी हिमाकत की! इम्तहान करीब है और आप आज वालण्टियर बन बैठे। कहीं पकड़ गये, तो इम्तहान से हाथ धोएँगे। मेरा तो खयाल है कि वजीफ़ा भी बन्द हो जाएगा। सामने दूसरे बेंच पर रूपमणि बैठी एक अखबार पढ़ रही थी। उसकी आँखें अखबार की तरफ थीं; पर कान आनन्द की तरफ लगे हुए थे। बोली-यह तो बुरा हुआ। तुमने समझाया नहीं?
11 Vars Ka Samay (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,510. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
दिन-भर बैठे-बैठे मेरे सिर में पीड़ा उत्‍पन्‍न हुई : मैं अपने स्‍थान से उठा और अपने एक नए एकांतवासी मित्र के यहाँ मैंने जाना विचारा। जाकर मैंने देखा तो वे ध्‍यान-मग्‍न सिर नीचा किए हुए कुछ सोच रहे थे। मुझे देखकर कुछ आश्‍चर्य नहीं हुआ; क्‍योंकि यह कोई नई बात नहीं थी। उन्‍हें थोड़े ही दिन पूरब से इस देश मे आए हुआ है। नगर में उनसे मेरे सिवा और किसी से विशेष जान-पहिचान नहीं है;
The Whole Nine Yarns
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Price: $4.00 USD. Words: 29,930. Language: English. Published: June 26, 2014 by Raven Publishing of Montana. Category: Fiction » Literary collections » American / General
Nine delightful tales of the west, both long ago and contemporary, are told in the charming style of a country gentleman. These tales of Montana and the West bring the reader back to a time when life was simpler —or was it?
Path Ke Davedar (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 80,560. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
अपूर्व के मित्र मजाक करते, ''तुमने एम. एस-सी. पास कर लिया, लेकिन तुम्हारे सिर पर इतनी लम्बी चोटी है। क्या चोटी के द्वारा दिमाग में बिजली की तरंगें आती जाती रहती हैं?'' अपूर्व उत्तर देता, ''एम. एस-सी. की किताबों में चोटी के विरुध्द तो कुछ लिखा नहीं मिलता। फिर बिजली की तरंगों के संचार के इतिहास का तो अभी आरम्भ ही नहीं हुआ है। विश्वास न हो तो एम. एस-सी. पढ़ने वालों से पूछकर देख लो।''
Dehati Samaj (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 44,190. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
बाबू वेणी घोषाल ने मुखर्जी बाबू के घर में पैर रखा ही था कि उन्हें एक स्त्री दीख पड़ी, पूजा में निमग्न। उसकी आयु थी, यही आधी के करीब। वेणी बाबू ने उन्हें देखते ही विस्मय से कहा, 'मौसी, आप हैं! और रमा किधर है?' मौसी ने पूजा में बैठे ही बैठे रसोईघर की ओर संकेत कर दिया। वेणी बाबू ने रसोईघर के पास आ कर रमा से प्रश्‍न किया - 'तुमने निश्‍चय किया या नहीं, यदि नहीं तो कब करोगी?' रमा रसोई में व्यस्त थी।
Nirmala (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 63,980. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
यों तो बाबू उदयभानुलाल के परिवार में बीसों ही प्राणी थे, कोई ममेरा भाई था, कोई फुफेरा, कोई भांजा था, कोई भतीजा, लेकिन यहां हमें उनसे कोई प्रयोजन नहीं, वह अच्छे वकील थे, लक्ष्मी प्रसन्न थीं और कुटुम्ब के दरिद्र प्राणियों को आश्रय देना उनका कत्तव्य ही था। हमारा सम्बन्ध तो केवल उनकी दोनों कन्याओं से है, जिनमें बड़ी का नाम निर्मला और छोटी का कृष्णा था। अभी कल दोनों साथ-साथ गुड़िया खेलती थीं।
Rangbhumi (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 245,070. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
शहर अमीरों के रहने और क्रय-विक्रय का स्थान है। उसके बाहर की भूमि उनके मनोरंजन और विनोद की जगह है। उसके मध्‍य भाग में उनके लड़कों की पाठशालाएँ और उनके मुकद़मेबाजी के अखाड़े होते हैं, जहाँ न्याय के बहाने गरीबों का गला घोंटा जाता है। शहर के आस-पास गरीबों की बस्तियाँ होती हैं। बनारस में पाँड़ेपुर ऐसी ही बस्ती है।
Prema (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 42,610. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
संध्या का समय है, डूबने वाले सूर्य की सुनहरी किरणें रंगीन शीशो की आड़ से, एक अंग्रेजी ढंग पर सजे हुए कमरे में झॉँक रही हैं जिससे सारा कमरा रंगीन हो रहा है। अंग्रेजी ढ़ंग की मनोहर तसवीरें, जो दीवारों से लटक रहीं है, इस समय रंगीन वस्त्र धारण करके और भी सुंदर मालूम होती है। कमरे के बीचोंबीच एक गोल मेज़ है जिसके चारों तरफ नर्म मखमली गद्दोकी रंगीन कुर्सियॉ बिछी हुई है।
Srikanta (Hindi)
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Price: $4.99 USD. Words: 227,470. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मेरी सारी जिन्दगी घूमने में ही बीती है। इस घुमक्कड़ जीवन के तीसरे पहर में खड़े होकर, उसके एक अध्याापक को सुनाते हुए, आज मुझे न जाने कितनी बातें याद आ रही हैं। यों घूमते-फिरते ही तो मैं बच्चे से बूढ़ा हुआ हूँ। अपने-पराए सभी के मुँह से अपने सम्बन्ध में केवल 'छि:-छि:' सुनते-सुनते मैं अपनी जिन्दगी को एक बड़ी भारी 'छि:-छि:' के सिवाय और कुछ भी नहीं समझ सका।
Pratigya (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 27,850. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
देवकी - 'जा कर समझाओ-बुझाओ और क्या करोगे। उनसे कहो, भैया, हमारा डोंगा क्यों मझधार में डुबाए देते हो। तुम घर के लड़के हो। तुमसे हमें ऐसी आशा न थी। देखो कहते क्या हैं।' देवकी - 'आखिर क्यों? कोई हरज है?' देवकी ने इस आपत्ति का महत्व नहीं समझा। बोली - 'यह तो कोई बात नहीं आज अगर कमलाप्रसाद मुसलमान हो जाए, तो क्या हम उसके पास आना-जाना छोड़ देंगे? हमसे जहाँ तक हो सकेगा, हम उसे समझाएँगे ...
Karmabhumi (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 129,270. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
हमारे स्कूलों और कॉलेजों में जिस तत्परता से फीस वसूल की जाती है, शायद मालगुजारी भी उतनी सख्ती से नहीं वसूल की जाती। महीने में एक दिन नियत कर दिया जाता है। उस दिन फीस का दाखिला होना अनिवार्य है। या तो फीस दीजिए, या नाम कटवाइए, या जब तक फीस न दाखिल हो, रोज कुछ जुर्माना दीजिए। कहीं-कहीं ऐसा भी नियम है कि उसी दिन फीस दुगुनी कर दी जाती है, और किसी दूसरी तारीख को दुगुनी फीस न दी तो नाम कट जाता है।
Gaban (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 108,000. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
बरसात के दिन हैं, सावन का महीना । आकाश में सुनहरी घटाएँ छाई हुई हैं । रह - रहकर रिमझिम वर्षा होने लगती है । अभी तीसरा पहर है ; पर ऐसा मालूम हों रहा है, शाम हो गयी । आमों के बाग़ में झूला पड़ा हुआ है । लड़कियाँ भी झूल रहीं हैं और उनकी माताएँ भी । दो-चार झूल रहीं हैं, दो चार झुला रही हैं । कोई कजली गाने लगती है, कोई बारहमासा । इस ऋतु में महिलाओं की बाल-स्मृतियाँ भी जाग उठती हैं ।
Refugees
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Price: Free! Words: 5,900. Language: English. Published: June 25, 2014. Category: Fiction » Literary collections » Australian & Oceanian
A bunch of stuff that's been rejected; rescued and given another life.