Fiction » Poetry » Contemporary Poetry

Wells
Price: Free! Words: 4,150. Language: British English. Published: May 4, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry, Fiction » Poetry » African Poetry
Wells is a collection of poetry born from the thoughts, interactions and ideas of people. It creates an insight into the ever changing world of man. A thrilling read and awesome work of art!
Peace and War
Price: Free! Words: 7,000. Language: English. Published: May 2, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
Peace is rarely peaceful. Women’s voices are rarely heard in war. This volume of poetry seeks to go some way in attempting to address these issues, using the simplest words to capture the deepest emotions.
तूं ते अऊं (डोगरी कविता संग्रैह्)
You set the price! Words: 3,720. Language: Hindi. Published: May 2, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
बस तूं गै तूं ऐं खाबें च ख्यालें च सोहें च स्यालें च धुंधें च पालें च नैहरें च नालें च दुखें-कसालें च बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं । अक्खियें दी जोती च जीवन दे मोती च पत-झड़ च ब्हारें च बांकड़े नजारें च बस तूं गै तूं ऐं खाबें च ख्यालें च सोहें च स्यालें च धुंधें च पालें च नैहरें च नालें च दुखें-कसालें च बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं । अक्खियें दी जोती
भारत स्वाभिमान लौटाना है (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 13,600. Language: Hindi. Published: May 1, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
जय हिन्द, जय भारती-२ चलो उट्ठो हे देश बासियो, नया इतिहास रचाना है, भारत को स्वच्छ बनाने का, संकल्प आज दोहराना है. जय हिन्द........... इस संकल्प के साथ-साथ, गँगा को निर्मल बनाना है, अब समय नहीं कुछ है बाकी, इन कामों में लग जाना है. जय हिन्द........... जय हिन्द, जय भारती-२ चलो उट्ठो हे देश बासियो, नया इतिहास रचाना है, भारत को स्वच्छ बनाने का, संकल्प आज दोहराना है. जय हिन्द........... इस संकल
Beings Within the Skies of a World
Series: World on Fire Poetry. Price: Free! Words: 930. Language: English. Published: May 1, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry, Fiction » Poetry » Themes & motifs
Everything we do affects everything around us. There are no solitary islands in our world as everything is connected. Whether we look at life in general on our world, or at the qualities of the happiest, most radiant people, we see that we contribute for a time, then are gone. The marvels of life continue without us, and the illusions of self-importance and inequality limit us all. Three poems.
Universei - Poetry for Everyone
Price: Free! Words: 20,470. Language: English. Published: May 1, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
Universei - Poetry for everyone is a self published book by Anthony James Day. Themes of the poems include love, hate, anger and the meaning of life.
ग़म बिकता है (ग़ज़ल संग्रह)
You set the price! Words: 4,130. Language: Hindi. Published: April 30, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
कुछ बाहर औ कुछ अंदर देखा हमने हर आँख समंदर देखा। रूह तक घायल हुआ है जिनसे, शहरों में ऐसा मंजर देखा। अपनो से भी बचकर चलते हैं हर आस्तीन में खंजर देखा। कुछ बाहर औ कुछ अंदर देखा हमने हर आँख समंदर देखा। रूह तक घायल हुआ है जिनसे, शहरों में ऐसा मंजर देखा। अपनो से भी बचकर चलते हैं हर आस्तीन में खंजर देखा। कुछ बाहर औ कुछ अंदर देखा हमने हर आँख समंदर देखा। रूह तक घायल हुआ है जिनसे, शहर
ललका गुलाब
You set the price! Words: 4,870. Language: Hindi. Published: April 30, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
हम स्नातक स्वामी देवानंद डिग्री कॉलेज लार देवरिया से हिंदी, समाजशास्त्र से कइले बानी। गोपालगंज के महाकवि राधामोहन चौबे "अंजन जी" से 2014 में मिलनी त भोजपुरी लिखे पढ़े में रूचि बढ़ल आ गोपालगंज के मुशहरी से "सुभाष पाण्डेय" गुरु जी" से मिल के भोजपुरी लिखे के प्रेरणा मिलल, अउरी जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया परिवार के बहुत प्यार-दुलार मिलेला । वर्तमान में हम सऊदी अरब में मेकेनिकल टेक्नीशियन के नोकरी करतानी।
बिक रही हैं बेटियाँ
You set the price! Words: 13,250. Language: Hindi. Published: April 29, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मैं प्रकाश कुमार (कुमार प्रकाश) वाराणसी जिले के एक छोटे से गाँव दरेखू का निवासी हूँ। प्रारम्भिक शिक्षा वाराणसी में ही प्राप्त किया तत्पश्चात इंजिनियरिंग की पढ़ाई के लिये बरेली गया और वहाँ श्री राम मूर्ति कालेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलॉजी से मेकैनिकल ब्रांच में स्नातक किया। गुड़गांव में कुछ दिनों तक निजी संथान में काम किया वहाँ मजदूरों की दयनीय स्थिति देखकर बहुत कष्ट होता था और उसी ने मुझे लिखने क
Songs of Struggle
Price: Free! Words: 6,720. Language: English. Published: April 24, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
Poems about society, politics and the struggles of life. Many different aspects of these problems are dealt with but my poems end on a positive note looking towards a more hopeful future!
काव्य मञ्जूषा (काव्य संकलन)
You set the price! Words: 4,610. Language: Hindi. Published: April 23, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मरद अब दूसरी औरत ले आया है मिथिलेश कुमार राय मरद अब दूसरी औरत ले आया है पहली औरत पाँच बेटियाँ जनने के बाद दरवाजे पर बँधी पशुओँ संग अपना दिल लगाने लगी है मरद जब भी उसे टोकता है उसकी आवाज कर्कश होती है एक छोटे से वाक्य मेँ कई तरह की भद्दी गालियाें मेँ मरद उसे रोज बताता है कि उसकी किस्मत कितनी फूटी हुई है यह सब देखती-सुनती पहली औरत चुपचुप अपना माथा धुनती रहती है और विधाता को कोसती रहती है लोगोँ ने
Old Friend Faith
Series: World on Fire Poetry. Price: Free! Words: 880. Language: English. Published: April 20, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry, Fiction » Poetry » Female authors
Faith grows with time, but in directions one would never suspect when starting out in the world. One poem, ~ 470 words.
अनुभूतियाँ (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 2,450. Language: Hindi. Published: April 19, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
रावण ढोल बाजे और नाद कर रहे उन्माद मध्य मै हूँ खडा जैसे धरती में हूं गढा मैं खडा शान्त मेरे दरम्यान सब अशांत वर्ष दर वर्ष प्रति वर्ष बढ रहा मेरा कद वर्तमान युग में बौने होते राम मेरे समक्ष रावण ढोल बाजे और नाद कर रहे उन्माद मध्य मै हूँ खडा जैसे धरती में हूं गढा मैं खडा शान्त मेरे दरम्यान सब अशांत वर्ष दर वर्ष प्रति वर्ष बढ रहा मेरा कद वर्तमान युग में बौने होते राम मेरे समक्ष रावण ढोल बाजे और
आस के किरीन (भोजपुरी काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 700. Language: Hindi. Published: April 18, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
भोजपुरी नाव के पेज के संचालक आ गाजीपुर, उत्तर प्रदेश के रहे वाला तारकेश्वर राय जी, भोजपुरी साहित्य खातिर लगातार काम कर रहल बानी। भोजपुरी पंचायत, भोजपुरी साहित्य सरिता आदि पत्रिका आ ऑनलाइन वेबसाइट पत्रिका जइसे THEBHOJPURI.COM, JOGIRA.COM, FIRSTEDITORIAL.COM, ANJORIA.COM आदि में तारकेश्वर जी क रचना आकर्षण के केंद्र होली स। गांव से जमीन से जुड़ल तारकेश्वर जी, बॉयमर ग्रुप गुरुग्राम हरियाणा में
मेरियां इक्की गज़लां (गज़ल संग्रैह्)
You set the price! Words: 3,070. Language: Hindi. Published: April 17, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
गज़ल ... 1 प्राणें शा बी प्यारा भारत। भारत साढ़ा न्यारा भारत।। तरंगा इसदी शान नराली। गुल गुलशन एह् सारा भारत।। हिरख प्यार ते अहिंसाबादी। पर निग्गर शैल करारा भारत।। हिंदु - मुस्लम - सिख - ईसाई। सारें गी एह् प्यारा भारत।। विश्ब शांति दा एह् स्नेहा। हिरखै दी बगदी धारा भारत।। हर मज़हबी गी आ'ज़ादी पूरी। मंदर मस्ज़द चर्च गुरुद्वारा भारत।। जम्मू-कश्मीर भाएं कन्याकुमारी। इक
Melancholy: A Farewell of Poems?
Price: Free! Words: 3,190. Language: English. Published: April 17, 2018 by Androgynous Papers. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry, Fiction » Poetry » American poetry
"Melancholy" is a small collection of deep poems that poignantly depict a man struggling to live his life. The author has dealt with constant and serious depression for years, but he also writes of his harsh anxiety that renders his life, perhaps, not worth living.
हम एगो छोट पन्ना पर का लिखी? (भोजपुरी काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 2,190. Language: Hindi. Published: April 16, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
कबो मन मार के रहनी कबो मन मार के रहनी कबो संगे मुस्की मार के रहनी रउआ भलहीं दूर भागत फिरी हमसे हरदम रउआ खातिर तइयार हम रहनी दुख से भरल करेजा रहे जे हमार कबो बाकिर देख के राउर खुसी चहचहात हम रहनी कबो मन मार के रहनी कबो मन मार के रहनी कबो संगे मुस्की मार के रहनी रउआ भलहीं दूर भागत फिरी हमसे हरदम रउआ खातिर तइयार हम रहनी दुख से भरल करेजा रहे जे हमार कबो बाकिर देख के राउर खुसी चहचहात हम रहनी कब
रंग बिहारी
You set the price! Words: 1,220. Language: Hindi. Published: April 14, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
सोचतानी एगो कविता लिखी जेहमे होखे माई के प्यार, बाबूजी के डाट फटकार। दिदिया के होखे पुचकार, दादी जी के परम दुलार। सोचतानी एगो कविता लिखी। जेह में होखे गाँव के गोरी, चइता कजरी झुमरी होरी। सतुआ, भुजा, मड़ुआ, मकई, चमन फुलेसर नथुनी मुनरी। सोचतानी एगो कविता लिखी जेहमे होखे माई के प्यार, बाबूजी के डाट फटकार। दिदिया के होखे पुचकार, दादी जी के परम दुलार। सोचतानी एगो कविता लिखी। जेह में होखे गाँव
From The Eyes Of The Beholder
Price: Free! Words: 2,220. Language: English. Published: April 13, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
It changed him. He's not the same person anymore. Watch the world through the eyes of a 15-year-old as he pens down his experiences, events, and thoughts that changed his perspective of the world. For the worse. Could they change yours?
गाज
You set the price! Words: 5,660. Language: Hindi. Published: April 12, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
युगानुयुगे वाहत असतेस तु दोन्ही किनार्याना धरून कीती स्थित्यंतरे झाली जगात त्या साऱ्यांना सोबत घेऊन अनेक ऋतु आले आणी गेले तुझ्या प्रवाहात बदल नाही झाले आयुष्ये बदलत असतात काठावरच्या माणसांची तुला काहीच खबर नसते जणु कशाची आणी कुणाची . तुला पाहतात कुणी देव मुर्तीच्या रूपात आणी पुजतात मंदिराच्या गाभार्यात आला जरी कंटाळा कधी थांबायची “मुभा” नाही तुला कधी वाटले जर असे तुझ्या मनाला तर “आमंत्रण