Fiction » Poetry » Contemporary Poetry

काव्य मञ्जूषा (काव्य संकलन)
You set the price! Words: 4,610. Language: Hindi. Published: April 23, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मरद अब दूसरी औरत ले आया है मिथिलेश कुमार राय मरद अब दूसरी औरत ले आया है पहली औरत पाँच बेटियाँ जनने के बाद दरवाजे पर बँधी पशुओँ संग अपना दिल लगाने लगी है मरद जब भी उसे टोकता है उसकी आवाज कर्कश होती है एक छोटे से वाक्य मेँ कई तरह की भद्दी गालियाें मेँ मरद उसे रोज बताता है कि उसकी किस्मत कितनी फूटी हुई है यह सब देखती-सुनती पहली औरत चुपचुप अपना माथा धुनती रहती है और विधाता को कोसती रहती है लोगोँ ने
Old Friend Faith
Series: World on Fire Poetry. Price: Free! Words: 880. Language: English. Published: April 20, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry, Fiction » Poetry » Female authors
Faith grows with time, but in directions one would never suspect when starting out in the world. One poem, ~ 470 words.
अनुभूतियाँ (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 2,450. Language: Hindi. Published: April 19, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
रावण ढोल बाजे और नाद कर रहे उन्माद मध्य मै हूँ खडा जैसे धरती में हूं गढा मैं खडा शान्त मेरे दरम्यान सब अशांत वर्ष दर वर्ष प्रति वर्ष बढ रहा मेरा कद वर्तमान युग में बौने होते राम मेरे समक्ष रावण ढोल बाजे और नाद कर रहे उन्माद मध्य मै हूँ खडा जैसे धरती में हूं गढा मैं खडा शान्त मेरे दरम्यान सब अशांत वर्ष दर वर्ष प्रति वर्ष बढ रहा मेरा कद वर्तमान युग में बौने होते राम मेरे समक्ष रावण ढोल बाजे और
आस के किरीन (भोजपुरी काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 700. Language: Hindi. Published: April 18, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
भोजपुरी नाव के पेज के संचालक आ गाजीपुर, उत्तर प्रदेश के रहे वाला तारकेश्वर राय जी, भोजपुरी साहित्य खातिर लगातार काम कर रहल बानी। भोजपुरी पंचायत, भोजपुरी साहित्य सरिता आदि पत्रिका आ ऑनलाइन वेबसाइट पत्रिका जइसे THEBHOJPURI.COM, JOGIRA.COM, FIRSTEDITORIAL.COM, ANJORIA.COM आदि में तारकेश्वर जी क रचना आकर्षण के केंद्र होली स। गांव से जमीन से जुड़ल तारकेश्वर जी, बॉयमर ग्रुप गुरुग्राम हरियाणा में
मेरियां इक्की गज़लां (गज़ल संग्रैह्)
You set the price! Words: 3,070. Language: Hindi. Published: April 17, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
गज़ल ... 1 प्राणें शा बी प्यारा भारत। भारत साढ़ा न्यारा भारत।। तरंगा इसदी शान नराली। गुल गुलशन एह् सारा भारत।। हिरख प्यार ते अहिंसाबादी। पर निग्गर शैल करारा भारत।। हिंदु - मुस्लम - सिख - ईसाई। सारें गी एह् प्यारा भारत।। विश्ब शांति दा एह् स्नेहा। हिरखै दी बगदी धारा भारत।। हर मज़हबी गी आ'ज़ादी पूरी। मंदर मस्ज़द चर्च गुरुद्वारा भारत।। जम्मू-कश्मीर भाएं कन्याकुमारी। इक
Melancholy: A Farewell of Poems?
Price: Free! Words: 3,190. Language: English. Published: April 17, 2018 by Androgynous Papers. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry, Fiction » Poetry » American poetry
"Melancholy" is a small collection of deep poems that poignantly depict a man struggling to live his life. The author has dealt with constant and serious depression for years, but he also writes of his harsh anxiety that renders his life, perhaps, not worth living.
हम एगो छोट पन्ना पर का लिखी? (भोजपुरी काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 2,190. Language: Hindi. Published: April 16, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
कबो मन मार के रहनी कबो मन मार के रहनी कबो संगे मुस्की मार के रहनी रउआ भलहीं दूर भागत फिरी हमसे हरदम रउआ खातिर तइयार हम रहनी दुख से भरल करेजा रहे जे हमार कबो बाकिर देख के राउर खुसी चहचहात हम रहनी कबो मन मार के रहनी कबो मन मार के रहनी कबो संगे मुस्की मार के रहनी रउआ भलहीं दूर भागत फिरी हमसे हरदम रउआ खातिर तइयार हम रहनी दुख से भरल करेजा रहे जे हमार कबो बाकिर देख के राउर खुसी चहचहात हम रहनी कब
रंग बिहारी
You set the price! Words: 1,220. Language: Hindi. Published: April 14, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
सोचतानी एगो कविता लिखी जेहमे होखे माई के प्यार, बाबूजी के डाट फटकार। दिदिया के होखे पुचकार, दादी जी के परम दुलार। सोचतानी एगो कविता लिखी। जेह में होखे गाँव के गोरी, चइता कजरी झुमरी होरी। सतुआ, भुजा, मड़ुआ, मकई, चमन फुलेसर नथुनी मुनरी। सोचतानी एगो कविता लिखी जेहमे होखे माई के प्यार, बाबूजी के डाट फटकार। दिदिया के होखे पुचकार, दादी जी के परम दुलार। सोचतानी एगो कविता लिखी। जेह में होखे गाँव
From The Eyes Of The Beholder
Price: Free! Words: 2,220. Language: English. Published: April 13, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
It changed him. He's not the same person anymore. Watch the world through the eyes of a 15-year-old as he pens down his experiences, events, and thoughts that changed his perspective of the world. For the worse. Could they change yours?
गाज
You set the price! Words: 5,660. Language: Hindi. Published: April 12, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
युगानुयुगे वाहत असतेस तु दोन्ही किनार्याना धरून कीती स्थित्यंतरे झाली जगात त्या साऱ्यांना सोबत घेऊन अनेक ऋतु आले आणी गेले तुझ्या प्रवाहात बदल नाही झाले आयुष्ये बदलत असतात काठावरच्या माणसांची तुला काहीच खबर नसते जणु कशाची आणी कुणाची . तुला पाहतात कुणी देव मुर्तीच्या रूपात आणी पुजतात मंदिराच्या गाभार्यात आला जरी कंटाळा कधी थांबायची “मुभा” नाही तुला कधी वाटले जर असे तुझ्या मनाला तर “आमंत्रण
Sylvian Tears
Price: Free! Words: 15,600. Language: English. Published: April 11, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
Sylvian Tear is a collection of poetry that focuses on a somewhat new genre of poetry altogether, if you will, called Sylviology. One poem is a heart of Sylvia Plath, while another is the colour of her hair; one is her professional life while another one is her lips as she read her poetry to the world.
Uçan Balon
Price: Free! Words: 4,050. Language: Turkish. Published: April 9, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
Hicran Saka’nın ilk şiir kitabı “Gel”den sonra Türkçe şiirlerini topladığı ikinci kitabı
विश्व के त्योहार
You set the price! Words: 3,180. Language: Hindi. Published: April 4, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मैं पेशे से सीनियर कंटेंट राइटर हूँ। मैंने गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मॉस कम्युनिकेशन में एम्. ए. किया है। मुझे कविताएँ व लेख लिखने में खास रूचि है। मैं पिछले १० सालों से अध्यात्म, खेल आदि पर कविताएँ एवं लेख लिख रहा हूँ। मैं पेशे से सीनियर कंटेंट राइटर हूँ। मैंने गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मॉस कम्युनिकेशन में एम्. ए. किया है। मुझे कविताएँ व लेख लिखने में खास रूचि है। म
लोकतंत्र और रेलगाड़ी
You set the price! Words: 5,280. Language: Hindi. Published: April 2, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
कविता लिखना मेरा शौक नहीं है, देश- दुनियाँ व समाज की विडम्बनायें देखकर मन प्रतिक्रियात्मक हो जाता है, जिसे तत्क्षण अभिव्यक्त करने मे कवितायें बन जाती है। इसीलिए मैं कविताओं को अभिव्यक्ति की नैनो तकनीक मानता हूँ। इसके पूर्व मेरा काव्य संग्रह “लोकतंत्र और नदी ” इसी वर्ष (2018) प्रकाशित हुआ है, इसी क्रम में दूसरा काव्यसंग्रह “लोकतंत्र और रेलगाड़ी” प्रस्तुत है। जिसमें देश, दुनियाँ, समाज की विद्रूप
Unleashed Tales
Price: Free! Words: 1,240. Language: English. Published: April 1, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
A poetry collection with conspiracies of life and it's constraints in our minds.
An affair with words
Price: Free! Words: 1,780. Language: English. Published: April 1, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
for the people who like, freedom and chaos, light and darkness, love and betrayals, hope and hopelessness, look no further, this is a collection of 21 short poems, all about life, pain and all the random things that happened in my real life and in my wild dreams, written in simple english. a quick and must read. having some issues mind the poor formatting for now.
Verses Undone
Price: Free! Words: 3,560. Language: English. Published: March 31, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry, Fiction » Poetry » Female authors
Take a roller coaster ride inside of the human heart with this short collection of 15 poems dealing with everything from love and romance to death to anger to friendship and beyond. Written in both free verse and fixed verse format, these poems will not only touch your emotions but they will also motivate you think deeper.
बातें कुछ अनकही सी
You set the price! Words: 2,170. Language: Hindi. Published: March 30, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
चाहा है तुमने मुझे हर रंग में, हर रूप में साथ दिया है तुमने मेरा हर छाँव में, हर धूप में सोचती हूँ लेकिन कभी यूँ ही बैठकर ए मेरे हमसफ़र! चाहा है तुमने मुझे हर रंग में, हर रूप में साथ दिया है तुमने मेरा हर छाँव में, हर धूप में सोचती हूँ लेकिन कभी यूँ ही बैठकर ए मेरे हमसफ़र! चाहा है तुमने मुझे हर रंग में, हर रूप में साथ दिया है तुमने मेरा हर छाँव में, हर धूप में सोचती हूँ लेकिन कभी यूँ ही बैठकर ए मेरे
काव्य-काँकरियाँ
You set the price! Words: 6,270. Language: Hindi. Published: March 25, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
कंकड़ फैंकना एक सहज मानवी प्रवृत्ति है। कभी यूंही खेल खेल में अपनों पर या दूसरों पर। बचपन में पोखर-तालावों में, मेंढ़कों, पक्षियों, कुत्ते-बिल्लियों पर, पेड़ों पर फलों को तोड़ने हेतु ढेले फैंकना किसे नहीं सुहाया। बालिकाओं के आदि-खेल ‘कंकड़’ गुटके और बालकों के रंग-बिरंगे कंचों का खेल कौन नहीं जानता। कंकड़ फैंकना एक सहज मानवी प्रवृत्ति है। कभी यूंही खेल खेल में अपनों पर या दूसरों पर। बचपन में पोखर-तालावो
मैंने कहा था
You set the price! Words: 8,890. Language: Hindi. Published: March 23, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
महेश रौतेला फोन: 9426614203 जन्म-स्थान: खजुरानी (अल्मोड़ा) जन्म-तिथि: 25 जुलाई, 1955 शिक्षा: एमएससी (रसायन विज्ञान), कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल सम्प्रति: लेखन कार्य प्रकाशन: क्षणभर, वर्षों बाद, हे कृष्ण, कभी सोचा न था, ओ वसंत, हमीं यात्रा हैं, नानी तुमने कभी किसी से प्यार किया था। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। सम्पर्क: 19, मारूतिनन्दन चाँदखेड़ा, अहमदाबाद - 382424 प्रकाशन: क्षण