Fiction » Poetry » Contemporary Poetry

तेरे आने की उम्मीद (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 9,370. Language: Hindi. Published: May 21, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
रुक जा रुक जा दो पल के लिए ही सही पर आज तू रुक जा रो लेने दे मुझे तेरे कांधे में सर रखकर तू आज फिर मेरा हमदम बन जा ना रोक मेरे आंसूओं को . बह जाने दे इसे तू बस मेरी इन नजरो में खो जा थाम ले एक बार फिर से इन हाथों को , जो छोड़ा था तुने ज़माने के डर से थाम के इन हाथों को तू ,फिर से अपनी महोब्बत को जिंदा कर जा रुक जा रुक जा दो पल के लिए ही सही पर आज तू रुक जा रो लेने दे मुझे तेरे कांधे में सर
अलंकरण (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 9,060. Language: Hindi. Published: May 21, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मुझे ऐसे शहर में घर नही चाहिए सिलवटों में चादरों की बिक जाए प्यार जहाँ, मुझे ऐसे शहर में घर नहीं चाहिए| स्पर्शों में हवस हो सम्मान की ना हो जगह, मुझे ऐसे शहर में घर नहीं चाहिए| गूंजती रहीं हों जहाँ सिसकियाँ सन्नाटों में, फंस गयी हों हिचकियाँ शोरगुल के काँटों में, उम्मीद ने तोड़ा हो दम विश्वास की छाया में जहाँ, मुझे ऐसे शहर में घर नहीं चाहिए| मुझे ऐसे शहर में घर नही चाहिए सिलवटों में चादरों की ब
Recital Notes, Volume 2: The Digital Sessions
Price: Free! Words: 2,610. Language: English. Published: May 20, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
This is the second collection in a series of poems inspired by and first drafted during recitals I have attended.
अवधपति! आ जाओ इक बार (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 8,720. Language: Hindi. Published: May 15, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
भक्त की करुण पुकार सुनकर भक्तवत्सल परमपिता परमेश्वर हर युग में आए हैं, इसी अटूट विश्वास और अक्षय श्रद्धा से संतृप्त मानस भाव लेकर अवध पुकार रहा है अवधपति मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को। उस राम को जो भक्त की वांछित मनोकामना पूर्ति हेतु मानव ही नहीं अपितु पशु, पक्षी अथवा प्रकृति के रूप में भी अविलम्ब दौड़े चले आते हैं और आएँगे भी क्योंकि यह एक अबोध भक्त की पुकार है। पुरातन धरोहर, वर्तमान यथार्थ एवं भव
मैं और मेरे एहसास (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 7,460. Language: Hindi. Published: May 10, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
सबसे पहले मैं मेरा यह काव्य संग्रह “मैं और मेरे एहसास” के लिए श्रीमती सबा खान जी (भोपाल) का दिल से बहुत आभारी हूँ! सबा खान जी खुद लेखिका हैं…नौकरी भी करतीं हैं…बच्चों और पिछड़ी जातियों के लिये भी काम करती हैं…इतनी सारी व्यस्तता के बावजूद भी इस काव्य संग्रह के लिये इसकी ई फाइल तैयार करने में सबा खान जी ने खुशी खुशी मेरी बहुत ही मदद की है मेरे परम मित्र श्री अशोक कटेसीया जी (मेरे कालेज के मित्र) और श
एक दिन सभी स्त्रियाँ नग्न हो जाएंगी
You set the price! Words: 5,450. Language: Hindi. Published: May 8, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
एक दिन सभी स्त्रियाँ नग्न हो जाएंगी तुम जानते हो स्त्रियों को अपनी देह से प्रेम होता है उनकी जान उनकी देह में ही होती है इसीलिए वे इसे सजाती सँवारती और सलीके से ज़ाहिर करती हैं वे कभी भी पूर्णतः नग्न नहीं होतीं एक दिन सभी स्त्रियाँ नग्न हो जाएंगी तुम जानते हो स्त्रियों को अपनी देह से प्रेम होता है उनकी जान उनकी देह में ही होती है इसीलिए वे इसे सजाती सँवारती और सलीके से ज़ाहिर करती हैं वे कभी भी
बच्चे सोचते हैं (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 5,230. Language: Hindi. Published: May 6, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
बच्चे सोचते हैं बच्चे सोचते हैं- माँ कभी बीमार नहीं होती उसके घुटनों में दर्द नहीं होता हाथ नहीं दुखते शरीर थकता नहीं, वह घंटों जो कहती है बच्चे सोचते हैं बच्चे सोचते हैं- माँ कभी बीमार नहीं होती उसके घुटनों में दर्द नहीं होता हाथ नहीं दुखते शरीर थकता नहीं, वह घंटों जो कहती है बच्चे सोचते हैं बच्चे सोचते हैं- माँ कभी बीमार नहीं होती उसके घुटनों में दर्द नहीं होता हाथ नहीं दुखते शरीर थकता नहीं,
मेरी कलम रो रही है (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 2,660. Language: Hindi. Published: May 6, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
"मेरी कलम रो रही है" कविता संग्रह प्रस्तुत करते हुए मुझे अतीव प्रसन्नता हो रही है। मेरी ये कविताएँ साहित्य के हर पहलू को छूती हुई मानव चेतना को पुष्ट करती जाती हैं। जहाँ सागर की विशालता हो, वहाँ एक बूंद के रूप में स्मृतियों में अंकित चंद भावनाओं को उकेर कर मैं आशा करता हूँ कि मेरे आत्म विश्वास का यह तुहिन कण भी सागर की अनंत धाराओं में शनै शनै चलते रहने का विश्वास न खोएगा ! "मेरी कलम रो रही है " को
बांधो नहीं मुझे (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 4,650. Language: Hindi. Published: May 4, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
आत्म मुग्धता? नहीं आत्म प्रवंचना? नहीं फिर क्या बात है मुझमें बस एक प्यारा सा दिल मेरा और हंसी की सौगात है मुझमें दुनिया में होंगे सुखनवर बहुत अच्छे से भी अच्छे, पर बात जो मेरी वह किसी में भी नहीं आत्म मुग्धता? नहीं आत्म प्रवंचना? नहीं फिर क्या बात है मुझमें बस एक प्यारा सा दिल मेरा और हंसी की सौगात है मुझमें दुनिया में होंगे सुखनवर बहुत अच्छे से भी अच्छे, पर बात जो मेरी वह किसी में भी नह
इन्द्रधनुष (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 1,060. Language: Hindi. Published: May 4, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मन कभी शांत है बहुत, कभी हलचल भी है बहुत, कभी दर्द सहता हूँ , कभी गीत कहता हूँ कभी रमता जोगी हूँ, कभी बुद्ध रहता हूँ मैं मौन कहता हूँ दरख़्त बेजुबान ही सही, मगर दर्द तो सहता है, फिर भी छाँव देता है, फल दूंगा यही कहता है मैं मौन कहता हूँ मन कभी शांत है बहुत, कभी हलचल भी है बहुत, कभी दर्द सहता हूँ , कभी गीत कहता हूँ कभी रमता जोगी हूँ, कभी बुद्ध रहता हूँ मैं मौन कहता हूँ दरख़्त बेजुबान ही सही
Wells
Price: Free! Words: 4,150. Language: British English. Published: May 4, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry, Fiction » Poetry » African Poetry
Wells is a collection of poetry born from the thoughts, interactions and ideas of people. It creates an insight into the ever changing world of man. A thrilling read and awesome work of art!
Peace and War
Price: Free! Words: 7,000. Language: English. Published: May 2, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
Peace is rarely peaceful. Women’s voices are rarely heard in war. This volume of poetry seeks to go some way in attempting to address these issues, using the simplest words to capture the deepest emotions.
तूं ते अऊं (डोगरी कविता संग्रैह्)
You set the price! Words: 3,720. Language: Hindi. Published: May 2, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
बस तूं गै तूं ऐं खाबें च ख्यालें च सोहें च स्यालें च धुंधें च पालें च नैहरें च नालें च दुखें-कसालें च बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं । अक्खियें दी जोती च जीवन दे मोती च पत-झड़ च ब्हारें च बांकड़े नजारें च बस तूं गै तूं ऐं खाबें च ख्यालें च सोहें च स्यालें च धुंधें च पालें च नैहरें च नालें च दुखें-कसालें च बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं । अक्खियें दी जोती
भारत स्वाभिमान लौटाना है (काव्य संग्रह)
You set the price! Words: 13,600. Language: Hindi. Published: May 1, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
जय हिन्द, जय भारती-२ चलो उट्ठो हे देश बासियो, नया इतिहास रचाना है, भारत को स्वच्छ बनाने का, संकल्प आज दोहराना है. जय हिन्द........... इस संकल्प के साथ-साथ, गँगा को निर्मल बनाना है, अब समय नहीं कुछ है बाकी, इन कामों में लग जाना है. जय हिन्द........... जय हिन्द, जय भारती-२ चलो उट्ठो हे देश बासियो, नया इतिहास रचाना है, भारत को स्वच्छ बनाने का, संकल्प आज दोहराना है. जय हिन्द........... इस संकल
Beings Within the Skies of a World
Series: World on Fire Poetry. Price: Free! Words: 930. Language: English. Published: May 1, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry, Fiction » Poetry » Themes & motifs
Everything we do affects everything around us. There are no solitary islands in our world as everything is connected. Whether we look at life in general on our world, or at the qualities of the happiest, most radiant people, we see that we contribute for a time, then are gone. The marvels of life continue without us, and the illusions of self-importance and inequality limit us all. Three poems.
ग़म बिकता है (ग़ज़ल संग्रह)
You set the price! Words: 4,130. Language: Hindi. Published: April 30, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
कुछ बाहर औ कुछ अंदर देखा हमने हर आँख समंदर देखा। रूह तक घायल हुआ है जिनसे, शहरों में ऐसा मंजर देखा। अपनो से भी बचकर चलते हैं हर आस्तीन में खंजर देखा। कुछ बाहर औ कुछ अंदर देखा हमने हर आँख समंदर देखा। रूह तक घायल हुआ है जिनसे, शहरों में ऐसा मंजर देखा। अपनो से भी बचकर चलते हैं हर आस्तीन में खंजर देखा। कुछ बाहर औ कुछ अंदर देखा हमने हर आँख समंदर देखा। रूह तक घायल हुआ है जिनसे, शहर
ललका गुलाब
You set the price! Words: 4,870. Language: Hindi. Published: April 30, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
हम स्नातक स्वामी देवानंद डिग्री कॉलेज लार देवरिया से हिंदी, समाजशास्त्र से कइले बानी। गोपालगंज के महाकवि राधामोहन चौबे "अंजन जी" से 2014 में मिलनी त भोजपुरी लिखे पढ़े में रूचि बढ़ल आ गोपालगंज के मुशहरी से "सुभाष पाण्डेय" गुरु जी" से मिल के भोजपुरी लिखे के प्रेरणा मिलल, अउरी जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया परिवार के बहुत प्यार-दुलार मिलेला । वर्तमान में हम सऊदी अरब में मेकेनिकल टेक्नीशियन के नोकरी करतानी।
बिक रही हैं बेटियाँ
You set the price! Words: 13,250. Language: Hindi. Published: April 29, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मैं प्रकाश कुमार (कुमार प्रकाश) वाराणसी जिले के एक छोटे से गाँव दरेखू का निवासी हूँ। प्रारम्भिक शिक्षा वाराणसी में ही प्राप्त किया तत्पश्चात इंजिनियरिंग की पढ़ाई के लिये बरेली गया और वहाँ श्री राम मूर्ति कालेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलॉजी से मेकैनिकल ब्रांच में स्नातक किया। गुड़गांव में कुछ दिनों तक निजी संथान में काम किया वहाँ मजदूरों की दयनीय स्थिति देखकर बहुत कष्ट होता था और उसी ने मुझे लिखने क
Songs of Struggle
Price: Free! Words: 6,720. Language: English. Published: April 24, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
Poems about society, politics and the struggles of life. Many different aspects of these problems are dealt with but my poems end on a positive note looking towards a more hopeful future!
काव्य मञ्जूषा (काव्य संकलन)
You set the price! Words: 4,610. Language: Hindi. Published: April 23, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मरद अब दूसरी औरत ले आया है मिथिलेश कुमार राय मरद अब दूसरी औरत ले आया है पहली औरत पाँच बेटियाँ जनने के बाद दरवाजे पर बँधी पशुओँ संग अपना दिल लगाने लगी है मरद जब भी उसे टोकता है उसकी आवाज कर्कश होती है एक छोटे से वाक्य मेँ कई तरह की भद्दी गालियाें मेँ मरद उसे रोज बताता है कि उसकी किस्मत कितनी फूटी हुई है यह सब देखती-सुनती पहली औरत चुपचुप अपना माथा धुनती रहती है और विधाता को कोसती रहती है लोगोँ ने

Related Categories