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Rahsya (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 5,480. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
विमल प्रकाश ने सेवाश्रम के द्वार पर पहुँचकर जेब से रूमाल निकाला और बालों पर पड़ी हुई गर्द साफ की, फिर उसी रूमाल से जूतों की गर्द झाड़ी और अन्दर दाखिल हुआ। सुबह को वह रोज टहलने जाता है और लौटती बार सेवाश्रम की देख-भाल भी कर लेता है। वह इस आश्रम का बानी भी है, और संचालक भी। सेवाश्रम का काम शुरू हो गया था। अध्यापिकाएँ लड़कियों को पढ़ा रही थीं, माली फूलों की क्यारियों में पानी दे रहा था
Ghar Jamai Aur Dhikkar (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 10,320. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
घर जमाई हरिधन जेठ की दुपहरी में ऊख में पानी देकर आया और बाहर बैठा रहा। घर में से धुआँ उठता नजर आता था। छन-छन की आवाज भी आ रही थी। उसके दोनों साले उसके बाद आये और घर में चले गए। दोनों सालों के लड़के भी आये और उसी तरह अंदर दाखिल हो गये; पर हरिधन अंदर न जा सका। इधर एक महीने से उसके साथ यहाँ जो बर्ताव हो रहा था और विशेषकर कल उसे जैसी फटकार सुननी पड़ी थी, वह उसके पाँव में बेड़ियाँ-सी डाले हुए था।
Mangal Sutra (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 15,200. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
प्रेमचन्द का जन्म ३१ जुलाई सन् १८८० को बनारस शहर से चार मील दूर समही गाँव में हुआ था। आपके पिता का नाम अजायब राय था। वह डाकखाने में मामूली नौकर के तौर पर काम करते थे। आपके पिता ने केवल १५ साल की आयू में आपका विवाह करा दिया। विवाह के एक साल बाद ही पिताजी का देहान्त हो गया। अपनी गरीबी से लड़ते हुए प्रेमचन्द ने अपनी पढ़ाई मैट्रिक तक पहुंचाई। जीवन के आरंभ में आप अपने गाँव से दूर बनारस पढ़ने के लिए
Chamatkar Aur Beti Ka Dhan (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 5,850. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
चमत्कार बी.ए. पास करने के बाद चन्द्रप्रकाश को एक टयूशन करने के सिवा और कुछ न सूझा। उसकी माता पहले ही मर चुकी थी, इसी साल पिता का भी देहान्त हो गया और प्रकाश जीवन के जो मधुर स्वप्न देखा करता था, वे सब धूल में मिल गये। पिता ऊँचे ओहदे पर थे, उनकी कोशिश से चन्द्रप्रकाश को कोई अच्छी जगह मिलने की पूरी आशा थी; पर वे सब मनसूबे धरे रह गये और अब गुजर-बसर के लिए वही 30) महीने की टयूशन रह गई।
Srishti (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 6,140. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories, Fiction » Literature » Literary
(अदन की वाटिका, तीसरे पहर का समय। एक बड़ा सांप अपना सिर फूलों की एक क्यारी में छिपाये हुए और अपने शरीर को एक वृक्ष की शाखाओं में लपेटे हुए पड़ा है। वृक्ष भलीभांति च़ चुका है, क्योंकि सृष्टि के दिन हमारे अनुमान से कहीं अधिक बड़े थे। सर्प उस व्यक्ति को नहीं दिखाई दे सकता जिसको उसकी विद्यमानता का ज्ञान नहीं है, क्योंकि उसके हरे और भूरे रंग के मेल से धोखा होता है।
Ghaswali Aur Dil ki Rani (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 11,220. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
घासवाली मुलिया हरी-हरी घास का गट्ठा लेकर आयी, तो उसका गेहुआँ रंग कुछ तमतमाया हुआ था और बड़ी-बड़ी मद-भरी आँखो में शंका समाई हुई थी। महावीर ने उसका तमतमाया हुआ चेहरा देखकर पूछा- क्या है मुलिया, आज कैसा जी है। मुलिया ने कुछ जवाब न दिया- उसकी आँखें डबडबा गयीं! महावीर ने समीप आकर पूछा- क्या हुआ है, बताती क्यों नहीं? किसी ने कुछ कहा है, अम्माँ ने डाँटा है, क्यों इतनी उदास है?
Manovratti Aur Lanchan (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 6,260. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
मनोवृत्ति एक सुंदर युवती, प्रात:काल, गाँधी-पार्क में बिल्लौर के बेंच पर गहरी नींद में सोयी पायी जाय, यह चौंका देनेवाली बात है। सुंदरियाँ पार्कों में हवा खाने आती हैं, हँसती हैं, दौड़ती हैं, फूल-पौधों से खेलती हैं, किसी का इधर ध्यान नहीं जाता; लेकिन कोई युवती रविश के किनारे वाले बेंच पर बेखबर सोये, यह बिलकुल गैर मामूली बात है, अपनी ओर बल-पूर्वक आकर्षित करने वाली। रविश पर कितने आदमी चहलकदमी कर रहे
Doodh ka Daam Aur Do Bailon ki Katha (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 7,640. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
दूध का दाम अब बड़े-बड़े शहरों में दाइयाँ, नर्सें और लेडी डाक्टर, सभी पैदा हो गयी हैं; लेकिन देहातों में जच्चेखानों पर अभी तक भंगिनों का ही प्रभुत्व है और निकट भविष्य में इसमें कोई तब्दीली होने की आशा नहीं। बाबू महेशनाथ अपने गाँव के जमींदार थे, शिक्षित थे और जच्चेखानों में सुधार की आवश्यकता को मानते थे, लेकिन इसमें जो बाधाएँ थीं, उन पर कैसे विजय पाते ?
Two Sister (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 5,650. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
दोनों बहनें दो साल के बाद एक तीसरे नातेदार के घर मिलीं और खूब रो-धोकर खुश हुईं तो बड़ी बहन रूपकुमारी ने देखा कि छोटी बहन रामदुलारी सिर से पाँव तक गहनों से लदी हुई है, कुछ उसका रंग खुल गया है, स्वभाव में कुछ गरिमा आ गयी है और बातचीत करने में ज्यादा चतुर हो गयी है। कीमती बनारसी साड़ी और बेलदार उन्नावी मखमल के जम्पर ने उसके रूप को और भी चमका दिया-वही रामदुलारी, लडक़पन में सिर के बाल खोले,
Grah Niti Aur Naya Vivah (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 9,820. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
गृह-नीति जब माँ, बेटे से बहू की शिकायतों का दफ्तर खोल देती है और यह सिलसिला किसी तरह खत्म होते नजर नहीं आता, तो बेटा उकता जाता है और दिन-भर की थकान के कारण कुछ झुँझलाकर माँ से कहता है, 'तो आखिर तुम मुझसे क्या करने को कहती हो अम्माँ ? मेरा काम स्त्री को शिक्षा देना तो नहीं है। यह तो तुम्हारा काम है ! तुम उसे डाँटो, मारो,जो सजा चाहे दो। मेरे लिए इससे ज्यादा खुशी की और क्या बात हो सकती है...
Meri Pahli Rachna (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 1,990. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
उस वक्त मेरी उम्र कोई १३ साल की रही होगी। हिन्दी बिल्कुल न जानता था। उर्दू के उपन्यास पढ़ने-लिखने का उन्माद था। मौलाना शरर, पं० रतननाथ सरशार, मिर्जा रुसवा, मौलवी मुहम्मद अली हरदोई निवासी, उस वक्त के सर्वप्रिय उपन्यासकार थे। इनकी रचनाएँ जहाँ मिल जाती थीं, स्कूल की याद भूल जाती थी और पुस्तक समाप्त करके ही दम लेता था। उस जमाने में रेनाल्ड के उपन्यासों की धूम थी। उर्दू में उनके अनुवाद धड़ाधड़ निकल रहे
Duniya Ka Sabse Anmol Ratan (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 3,540. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
दिलफ़िगार एक कँटीले पेड़ के नीचे दामन चाक किये बैठा हुआ खून के आँसू बहा रहा था। वह सौन्दर्य की देवी यानी मलका दिलफ़रेब का सच्चा और जान देने वाला प्रेमी था। उन प्रेमियों में नहीं, जो इत्र-फुलेल में बसकर और शानदार कपड़ों से सजकर आशिक के वेश में माशूक़ियत का दम भरते हैं। बल्कि उन सीधे-सादे भोले-भाले फ़िदाइयों में जो जंगल और पहाड़ों से सर टकराते हैं और फ़रियाद मचाते फिरते हैं। दिलफ़रेब ने उससे कहा था
Bilashi (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 1,750. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
पक्का दो कोस रास्ता पैदल चलकर स्कूल में पढ़ने जाया करता हूँ। मैं अकेला नहीं हूँ, दस-बारह जने हैं। जिनके घर देहात में हैं, उनके लड़कों को अस्सी प्रतिशत इसी प्रकार विद्या-लाभ करना पड़ता है। अत: लाभ के अंकों में अन्त तक बिल्कुल शून्य न पड़ने पर भी जो पड़ता है, उसका हिसाब लगाने के लिए इन कुछेक बातों पर विचार कर लेना काफी होगा कि जिन लड़कों को सबेरे आठ बजे के भीतर ही बाहर निकल कर आने-जाने में चार....
Holi Ka Uphar (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 2,150. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
मैकूलाल अमरकान्त के घर शतरंज खेलने आये, तो देखा, वह कहीं बाहर जाने की तैयारी कर रहे हैं। पूछा-कहीं बाहर की तैयारी कर रहे हो क्या भाई? फुरसत हो, तो आओ, आज दो-चार बाजियाँ हो जाएँ। अमरकान्त ने सन्दूक में आईना-कंघी रखते हुए कहा-नहीं भाई, आज तो बिलकुल फुरसत नहीं है। कल जरा ससुराल जा रहा हूँ। सामान-आमान ठीक कर रहा हूँ। मैकू-तो आज ही से क्या तैयारी करने लगे? चार कदम तो हैं। शायद पहली बार जा रहे हो?
Vikramorvasiyam (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 5,720. Language: Hindi. Published: November 23, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
एक बार देवलोक की परम सुंदरी अप्सरा उर्वशी अपनी सखियों के साथ कुबेर के भवन से लौट रही थी। मार्ग में केशी दैत्य ने उन्हें देख लिया और तब उसे उसकी सखी चित्रलेखा सहित वह बीच रास्ते से ही पकड़ कर ले गया। यह देखकर दूसरी अप्सराएँ सहायता के लिए पुकारने लगीं, "आर्यों! जो कोई भी देवताओं का मित्र हो और आकाश में आ-जा सके, वह आकर हमारी रक्षा करें।" उसी समय प्रतिष्ठान देश के राजा पुरुरवा भगवान सूर्य की उपासना
Namak ka Droga (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 3,290. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वरप्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे इसका व्यापार करने लगे। अनेक प्रकार के छल-प्रपंचों का सूत्रपात हुआ, कोई घूस से काम निकालता था, कोई चालाकी से। अधिकारियों के पौ-बारह थे। पटवारीगिरी का सर्वसम्मानित पद छोड-छोडकर लोग इस विभाग की बरकंदाजी करते थे। इसके दारोगा पद के लिए तो वकीलों का भी जी ललचाता था।
Eidgah Aur Gulli Danda (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 8,030. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
ईदगाह रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, यानी संसार को ईद की बधाई दे रहा है। गाँव में कितनी हलचल है। ईदगाह जाने की तैयारियाँ हो रही हैं। किसी के कुरते में बटन नहीं है, पड़ोस के घर में सुई-धागा लेने दौड़ा जा रहा है।
Kafan (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 3,070. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
झोपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीबी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ निकलती थी, कि दोनों कलेजा थाम लेते थे। जाड़ों की रात थी, प्रकृति सन्नाटे में डूबी हुई, सारा गाँव अन्धकार में लय हो गया था। घीसू ने कहा-मालूम होता है, बचेगी नहीं। सारा दिन दौड़ते हो गया, जा देख तो आ।
Beton Wali Vidhwa Aur Maa (Hindi)
Price: $0.99 USD. (Free until Feb. 28!) Words: 13,100. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
बेटोंवाली विधवा पंडित अयोध्यानाथ का देहांत हुआ तो सबने कहा, ईश्वर आदमी की ऐसी ही मौत दे। चार जवान बेटे थे, एक लड़की। चारों लड़कों के विवाह हो चुके थे, केवल लड़की क्‍वाँरी थी। संपत्ति भी काफी छोड़ी थी। एक पक्का मकान, दो बगीचे, कई हजार के गहने और बीस हजार नकद। विधवा फूलमती को शोक तो हुआ और कई दिन तक बेहाल पड़ी रही, लेकिन जवान बेटों को सामने देखकर उसे ढाढ़स हुआ।