Books tagged: hindi story books

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दे दना दन
Price: $2.99 USD. Words: 130. Language: Hindi. Published: December 22, 2015. Categories: Fiction » Children’s books » Family / Parents, Fiction » Children’s books » Fairy Tales & Folklore / Country & Ethnic
"De Dana Dan" is a Hindi Children's picture book and is written in Hind script and in Hindi using English script. "De Dana Dan" ek mazedar, gudgudane waali kahani hain. Is kahani mein murge hain, murgiyan hain, aur ek drusht kouwa hai.
Durgadas (दुर्गादास)
Price: $2.00 USD. Words: 22,830. Language: Hindi. Published: November 22, 2015 by Durlabh eSahitya Corner. Categories: Fiction » Literary collections » Asian / General
‘दुर्गादास’ उपन्यास मुंशी प्रेमचन्द का एक ऐतिहासिक उपन्यास है। इसमें राष्ट्रप्रेमी, साहसी राजपूत दुर्गादास के संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी है। वीर दुर्गादास अपने अनूठे आत्म-त्याग, अपनी निःस्वार्थ सेवा-भक्ति के लिए एक महान योद्धा के समान हैं। प्रस्तुत उपन्यास में दुर्गादास शूर होकर भी साधु पुरुष थे।
Mangalsutra (मंगलसूत्र)
Price: $2.00 USD. Words: 23,770. Language: Hindi. Published: October 4, 2015 by Durlabh eSahitya Corner. Categories: Fiction » Literary collections » Asian / General
प्रेमचंद के इस उपन्यास ‘मंगलसूत्र’ में कैसे एक नारी का जीवन शादी के बाद बदल जाता है और किस प्रकार से उसे हर कदम पर अपने मंगलसूत्र का मान रखना पड़ता है…
Vardan
Price: $2.99 USD. Words: 46,840. Language: Hindi. Published: October 23, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories, Fiction » Literature » Literary
विन्घ्याचल पर्वत मध्यरात्रि के निविड़ अन्धकार में काल देव की भांति खड़ा था। उस पर उगे हुए छोटे-छोटे वृक्ष इस प्रकार दष्टिगोचर होते थे, मानो ये उसकी जटाएं है और अष्टभुजा देवी का मन्दिर जिसके कलश पर श्वेत पताकाएं वायु की मन्द-मन्द तरंगों में लहरा रही थीं, उस देव का मस्तक है मंदिर में एक झिलमिलाता हुआ दीपक था, जिसे देखकर किसी धुंधले तारे का मान हो जाता था।
Mansarovar - Part 8 (Hindi)
Series: Mansarovar Part 1-8. Price: $2.99 USD. Words: 97,020. Language: Hindi. Published: September 28, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
मानसरोवर - भाग 8 खून सफेद गरीब की हाय बेटी का धन धर्मसंकट सेवा-मार्ग शिकारी राजकुमार बलिदान बोध सच्चाई का उपहार ज्वालामुखी पशु से मनुष्य मूठ ब्रह्म का स्वांग विमाता बूढ़ी काकी हार की जीत दफ्तरी विध्वंस स्वत्व-रक्षा पूर्व-संस्कार दुस्साहस बौड़म गुप्तधन आदर्श विरोध विषम समस्या अनिष्ट शंका सौत सज्जनता का दंड नमक का दारोगा उपदेश परीक्षा
Mansarovar - Part 5 (Hindi)
Series: Mansarovar Part 1-8. Price: $2.99 USD. Words: 102,510. Language: Hindi. Published: September 22, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories, Fiction » Literature » Literary
मानसरोवर - भाग 5 मंदिर निमंत्रण रामलीला कामना तरु हिंसा परम धर्म बहिष्कार चोरी लांछन सती कजाकी आसुँओं की होली अग्नि-समाधि सुजान भगत पिसनहारी का कुआँ सोहाग का शव आत्म-संगीत एक्ट्रेस ईश्वरीय न्याय ममता मंत्र प्रायश्चित कप्तान साहब इस्तीफा --------------------------- मातृ-प्रेम, तुझे धान्य है ! संसार में और जो कुछ है, मिथ्या है, निस्सार है। मातृ-प्रेम ही सत्य है, अक्षय है, अनश्वर है। ...
Srishti (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 6,140. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Short Stories, Fiction » Literature » Literary
(अदन की वाटिका, तीसरे पहर का समय। एक बड़ा सांप अपना सिर फूलों की एक क्यारी में छिपाये हुए और अपने शरीर को एक वृक्ष की शाखाओं में लपेटे हुए पड़ा है। वृक्ष भलीभांति च़ चुका है, क्योंकि सृष्टि के दिन हमारे अनुमान से कहीं अधिक बड़े थे। सर्प उस व्यक्ति को नहीं दिखाई दे सकता जिसको उसकी विद्यमानता का ज्ञान नहीं है, क्योंकि उसके हरे और भूरे रंग के मेल से धोखा होता है।
Namak ka Droga (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 3,290. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वरप्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे इसका व्यापार करने लगे। अनेक प्रकार के छल-प्रपंचों का सूत्रपात हुआ, कोई घूस से काम निकालता था, कोई चालाकी से। अधिकारियों के पौ-बारह थे। पटवारीगिरी का सर्वसम्मानित पद छोड-छोडकर लोग इस विभाग की बरकंदाजी करते थे। इसके दारोगा पद के लिए तो वकीलों का भी जी ललचाता था।
Manovratti Aur Lanchan (Hindi)
Price: $0.99 USD. Words: 6,260. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Nonfiction » Literary criticism » Short Stories
मनोवृत्ति एक सुंदर युवती, प्रात:काल, गाँधी-पार्क में बिल्लौर के बेंच पर गहरी नींद में सोयी पायी जाय, यह चौंका देनेवाली बात है। सुंदरियाँ पार्कों में हवा खाने आती हैं, हँसती हैं, दौड़ती हैं, फूल-पौधों से खेलती हैं, किसी का इधर ध्यान नहीं जाता; लेकिन कोई युवती रविश के किनारे वाले बेंच पर बेखबर सोये, यह बिलकुल गैर मामूली बात है, अपनी ओर बल-पूर्वक आकर्षित करने वाली। रविश पर कितने आदमी चहलकदमी कर रहे
Rajarshi (Hindi)
Price: $2.99 USD. Words: 41,760. Language: Hindi. Published: July 2, 2014 by Sai ePublications & Sai Shop. Categories: Fiction » Literature » Literary, Fiction » Literary collections » Asian / General
भुवनेश्वरी मंदिर का पत्थर का घाट गोमती नदी में जाकर मिल गया है। एक दिन ग्रीष्म-काल की सुबह त्रिपुरा के महाराजा गोविन्दमाणिक्य स्नान करने आए हैं, उनके भाई नक्षत्रराय भी साथ हैं। ऐसे समय एक छोटी लडकी अपने छोटे भाई को साथ लेकर उसी घाट पर आई। राजा का वस्त्र खींचते हुए पूछा, "तुम कौन हो?" राजा मुस्कराते हुए बोले, "माँ, मैं तुम्हारी संतान हूँ।" लडकी बोली, "मुझे पूजा के लिए फूल तोड़ दो ना!"