Books tagged: lalit

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Found 48 results

सरयू तीरे तीरथ (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 14,650. Language: Hindi. Published: October 29, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
यह मेरी प्रथम पुस्तक है। मैं बचपन से ही साहित्य से बड़ा लगाव रखता था। इस पुस्तक के लिखने का सबसे बड़ा श्रेय मैं श्री देवेंद्र सोनी जी को जाता है। मैं दसवीं का परीक्षा फल देखने के पश्चात पूर्णतया अवसाद ग्रस्त हो गया था। तभी फेसबुक पर मुझे आप मिले। आपकी प्रेरणादायक लघुकथाओं ने मुझे लिखना और जीना सिखाया। मैं विशेष आभार अग्रज कृष्ण कुमार द्विवेदी जी का भी करना चाहूँगा जिन्होंने मुझे लेखन हित में सदैव
आओ याद करें
Price: $1.00 USD. Words: 5,860. Language: Hindi. Published: August 30, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
हिंदी बाल साहित्य की सृजन सुधा अनन्य प्रणयिनी प्रज्ञा गुप्ता ने संपादन, कहानी, बाल कविता, संस्मरण बाल जीवनी के माध्यम से हिंदी बाल साहित्य रचना को नई दृष्टि और गति प्रदान की है। रसायन शास्त्र में एम.एस-सी. प्रज्ञा ने बच्चों को प्रेरक और औत्सुक्य पूर्ण साहित्य रचना और पाठक के प्रति जिज्ञासा वृत्ति को पर्याप्त प्रोत्साहित किया है। उनका बाल साहित्य चिंतन निश्चय ही उपादेय, महत्वपूर्ण और स्तुत्य है।
પડાવ
Price: $1.00 USD. Words: 37,530. Language: Gujarati. Published: June 28, 2018. Categories: Fiction » Biographical
શેઠ ધનસુખલાલની કાર ધીમી ગતિ થી બરોડા થી સાવલી તરફ આગળ વધી રહી છે. ધનસુખલાલ પાછળની સીટમાં બેઠા છે અને મધુકાકા ડ્રાઈવિંગ સીટ પર. મધુકાકા છેલ્લા દશ વર્ષ નાં વફાદાર ડ્રાઈવર . શેઠ ધનસુખલાલે ઘણા સમયથી સાવલી ના આચાર્ય મહાસુખનંદજીનાં આશ્રમ વિષે સાંભળ્યું હતું અને આશ્રમની મુલાકાત અને આચાર્યશ્રીનાં દર્શન ની ઈચ્છા જાગી હતી. શેઠ ધનસુખલાલની કાર ધીમી ગતિ થી બરોડા થી સાવલી તરફ આગળ વધી રહી છે. ધનસુખલાલ પાછળ
टेम्स की सरगम
Price: $2.00 USD. Words: 45,240. Language: Hindi. Published: June 20, 2018. Categories: Fiction » Romance » Historical
बीसवीं सदी के अंग्रेजों की गुलामी के कुछ दशक भारतीय मंच पर तमाम ऐसी घटनाओं को फोकस करने में लगे रहे जिससे सम्पूर्ण जनमानस जागा और गुलामी के कलंक को माथे से मिटाने में जुट गया। आजादी का प्रयास इतना, महत्वपूर्ण हो उठा था कि तमाम धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक असमानताएँ भूल बस संघर्ष की आँच में कूद पड़ने का जनमानस बन चुका था। एकबारगी धर्म, साहित्य, कला (संगीत, नृत्य, चित्रकला) से जुड़े लोग भी कुछ ऐसी ही मानस
मुझे जन्म दो माँ
Price: $2.00 USD. Words: 17,630. Language: Hindi. Published: June 18, 2018. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Women Authors
औरत को लेकर कई सवाल मेरे दिमाग में मंडराते रहते हैं। क्यों परिवार की मान-मर्यादा, शिष्टता की सीमा रेखा लड़कियों को ही दिखाई जाती है, लड़कों को नहीं? क्यों पिता, भाई, पति, बेटे की सुरक्षा के घेरे में वह जिंदगी गुजारे? क्यों सारे व्रत, उपवास, नियम-धरम औरतों के जिम्मे? क्यों पति और पुत्र के कल्याण के लिए ही सारे व्रत, पूजा, अनुषअठान? क्यों नहीं औरतों के लिए यह सब? यह करो, यह मत करो, ऐसे उठो, ऐसे बैठो-
अन्तर्द्वन्द्व
Price: $1.00 USD. Words: 4,930. Language: Hindi. Published: June 13, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
साहित्य समाज को आईना दिखाता है और आईना कभी झूठ नहीं बोलता है। समाज की संरचना हमने और आपने ही की है, आदरणीय विजय तन्हा जी की रचनाएं पढ़ी और विवश हो गया सोचने को। वर्तमान परिप्रेक्ष्य एवं विसंगतियों का मार्मिक शब्द चित्र है विजय तन्हा का काव्य संग्रह "अन्तर्द्वन्द्व" जिसमें "अहसास", "पेट की आग", "अपनापन", "एक सच" आदि रचनाओं में हृदय को स्पर्श कर झकझोर देने की क्षमता है। "पैगाम" शीर्षक की रचना
फिट्'टे मूंह तुंदा (डोगरी काह्'नी ते लेख संग्रैह्)
Price: $1.00 USD. Words: 7,310. Language: Hindi. Published: June 10, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
फिट्'टे मूंह तुंदा (निक्की काह्'नीं) रतन डोगरी ते डोगरी दे कलमकारें दे भविक्ख दे बारे च डूंह्'गा सोचे करदा हा। ओह् सोचै करदा हा जे फकीरे दे कनवीनर बनदे गै कलमकारें कियां उस्सी सिरै उप्पर चुकी लैता ऐ? हर पुस्तक विमोचन उप्पर फकीरे गी गै प्रधानता दित्ती जा करदी ऐ? रत्न गी बिंद भी समझ निं ही आवै करदी जे फकीरा रातो-रात इन्ना अक्लमंद कियां होई गया ऐ, जां ए सारा कमाल डोगरी साहित्य अकादमी दिल्ली
सबरनाखा
Price: $2.00 USD. Words: 2,600. Language: Hindi. Published: May 25, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
शायद तुम्हारे लिए आनंद है सप्ताह भर से भूखे पेट हूँ पेट के गड्ढे में आग जल रही है धू-धू कर हुंह और बर्दास्त नहीं हो रहा है सर के ऊपर तक आग की लपटें उठ रही हैं पेट के गड्ढे को भरने जलती आग को बुझाने के लिए तुमसे कितना प्रार्थना किया एक मुट्ठी भोजन के लिए बार-बार गया तुम्हारे पास पर तुम बचे हुए भोजन को अधखाया और जूठन को मुझे देने में तुम्हें नागवार लगा गन्दी नाली में बहा दिया शायद तुम्हारे लिए आनं
छेड़ दो तार (काव्य संग्रह)
Price: $2.00 USD. Words: 4,690. Language: Hindi. Published: May 23, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
छेड़ दो तार छेड़ दो तार वीणा के हे शारदे मन में दीपक प्रभा का दमकने लगे खिल उठें सारी कलियाँ पवन झूम ले गुन गुनायें ये पंक्षी गगन चूम ले प्यार ही प्यार हो हर दिशाओं में अब छेड़ दो तार छेड़ दो तार वीणा के हे शारदे मन में दीपक प्रभा का दमकने लगे खिल उठें सारी कलियाँ पवन झूम ले गुन गुनायें ये पंक्षी गगन चूम ले प्यार ही प्यार हो हर दिशाओं में अब छेड़ दो तार छेड़ दो तार वीणा के हे शारदे मन में दीप
सबसे अच्छा पिता
Price: $1.00 USD. Words: 2,340. Language: Hindi. Published: May 23, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
दोस्तो, मै, आलोक फोगाट आपके सामने एक मार्मिक कहानी लेकर उपस्थित हुआ हूँ, माँ-बाप कैसे पेट काटकर अपने बच्चों को पढाते हैं फिर समस्या आती है उनका भविष्य बनाने की| उच्च शिक्षा का खर्चा सुनकर तो उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं,कैसे पैसों का इंतजाम होता है, उनकी जिन्दगी में एक अजनबी का भगवान बनकर आना| यही इस कहानी का आकर्षण है| दोस्तो, मै, आलोक फोगाट आपके सामने एक मार्मिक कहानी लेकर उपस्थित हुआ हूँ, माँ-