Kalrav

परिवर्तन जीवन का नियम है लेकिन यह नियम जितना शाश्वत है इसकी स्वीकार्यता उतनी सहज नहीं । परिवर्तन का विरोध हर स्तर पर सदा होता आया है । साहित्य भी इससे अछूता नहीं । साहित्य जीवन का प्रतिबिम्ब है इसलिए परिवर्तन का नियम इस पर भी लागू होता है और परिवर्तन के विरोध की सामान्य प्रवृति के कारण निराला की " जूही की कली " जैसी उत्कृष्ट कविता भी कभी अप्रकाशित लौट आई थी । More

Available ebook formats: epub

  • Category: Fiction » Poetry » Medieval
  • Words: 9,200
  • Language: Hindi
  • ISBN: 9789385818066
About OnlineGatha

Publish Free Ebooks, Self Publisher,Publish your book, build a reader base and sell more copies. Available in both print and eBook formats in major online stores.Publish Fiction, Non-Fiction, Academic and Poetry books in English & Hindi.Download Free ebooks, buy online Book

Also by This Author

Reviews

This book has not yet been reviewed.
Report this book