Anath Bachhi (एकांकी)

‘अनाथ बच्ची’ (एकांकी) है-जिसमें रोमांचक पहलू यह है कि एक शराबी-कुण्ठित, अविवाहित युवा अनाथ बच्ची को पड़ा देख मुंह फेर कर आगे बढ़ जाना चाहता है, पर एकदम पैदा हुई परिस्थितियां उसकी मानवीयता को द्रवित कर, इस बात को मजबूर कर देती हैं कि वह अनाथ बच्ची का नाथ बनने के लिए दोनों हाथों को बढ़ा दें। एक बार हाथ बढ़े तो न सिर्फ अनाथ बच्ची, कुण्ठित युवा का सहारा बन उसकी जीवन नौका की दिशा बदलती चली जाती है. More

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About Dr. Fakhre Alam Khan Vidyasagar

डॉ. फखरे आलम खान 'विद्यासागर' एक जाने-माने साहित्यकार है। आपने अब तक सैकड़ो कहानियां, व्यंग्य और कविताएं लिखी है। उनकी कई पुस्तके प्रकाशित हो चुकी है। खान साहब अब डिजिटल दुनिया में भी कदम रख चुके है क्योंकि अब तक उन्होने प्रिन्ट एडिशन में भी पाठकों में अपनी अच्छी पकड़ बना रखी है।

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