Kinner

वंश के अभिमान में डूबे एक ऐसे इंसान की कहानी, जिसे वंश चलाने के लिए पुत्र की चाहत थी। पत्नी से पुत्र के बजाय पुत्री के रूप में संतान मिली तो ठाकुर ने उसे तुरंत नजरों से दूर कर दिया। अगली संतान की प्राप्ति हुई तो वह किन्नर था...ईश्वर की लीला ने अपना रंग दिखाना आरम्भ किया तो ठाकुर के सामने पश्चाताप में सिर झुकाने के अलावा कोई चारा न था। More

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About Dr. Fakhre Alam Khan Vidyasagar

डॉ. फखरे आलम खान 'विद्यासागर' एक जाने-माने साहित्यकार है। आपने अब तक सैकड़ो कहानियां, व्यंग्य और कविताएं लिखी है। उनकी कई पुस्तके प्रकाशित हो चुकी है। खान साहब अब डिजिटल दुनिया में भी कदम रख चुके है क्योंकि अब तक उन्होने प्रिन्ट एडिशन में भी पाठकों में अपनी अच्छी पकड़ बना रखी है।

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