सब तुम्हारा

“प्रणव की कविताओं से गुजरना एक युवा मन की संवेदना और प्रेम से गुजरना है। कविता लेखन एक कला है, यह गहरी साधना और परिश्रम के साथ प्रतिभा की भी मांग करती है। प्रणव की कविताओं से गुजरते हुए उनके अंदर बैठे एक भावुक और संवेदनशील कवि से हमारा सामना होता है। यह कवि अपने शब्दों में किसी तरह की बनावट के साथ न आकर एकदम सहज रूप में सामने आता है। More

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Words: 10,120
Language: Hindi
ISBN: 9781370020003
About वर्जिन साहित्यपीठ

सम्पादक के पद पर कार्यरत

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