काव्य मञ्जूषा (काव्य संकलन)

मरद अब दूसरी औरत ले आया है
मिथिलेश कुमार राय

मरद अब दूसरी औरत ले आया है
पहली औरत
पाँच बेटियाँ जनने के बाद
दरवाजे पर बँधी पशुओँ संग
अपना दिल लगाने लगी है
मरद जब भी उसे टोकता है
उसकी आवाज कर्कश होती है
एक छोटे से वाक्य मेँ
कई तरह की भद्दी गालियाें मेँ
मरद उसे रोज बताता है
कि उसकी किस्मत कितनी फूटी हुई है

यह सब देखती-सुनती पहली औरत
चुपचुप अपना माथा धुनती रहती है
और विधाता को कोसती रहती है
लोगोँ ने More

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Words: 4,610
Language: Hindi
ISBN: 9781370254408
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सम्पादक के पद पर कार्यरत

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