भारत स्वाभिमान लौटाना है (काव्य संग्रह)

जय हिन्द, जय भारती-२

चलो उट्ठो हे देश बासियो,
नया इतिहास रचाना है,
भारत को स्वच्छ बनाने का,
संकल्प आज दोहराना है.
जय हिन्द...........

इस संकल्प के साथ-साथ,
गँगा को निर्मल बनाना है,
अब समय नहीं कुछ है बाकी,
इन कामों में लग जाना है.
जय हिन्द...........
जय हिन्द, जय भारती-२

चलो उट्ठो हे देश बासियो,
नया इतिहास रचाना है,
भारत को स्वच्छ बनाने का,
संकल्प आज दोहराना है.
जय हिन्द...........

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Words: 13,600
Language: Hindi
ISBN: 9780463145807
About वर्जिन साहित्यपीठ

सम्पादक के पद पर कार्यरत

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