Cheekhati Aawazein

प्रस्तुत काव्य-संग्रह 'चीख़ती आवाज़ें' उन दबी हुई संवेदनाओं का अनुभव मात्र है जिसे कवि ने अपने जीवन के दौरान प्रत्येक क्षण महसूस किया। हम अपने चारों ओर निरंतर ही एक ध्वनि विस्तारित होने का अनुभव करते हैं परन्तु जिंदगी की चकाचौंध में इसे अनदेखा करना हमारा स्वभाव बनता जा रहा है। ये ध्वनियाँ केवल ध्वनिमात्र ही नहीं बल्कि समय की दरकार है। मानवमात्र की चेतना जागृत करने का शंखनाद है। More

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About Dhruv Singh 'Eklavya'

जन्म : १९८७ वाराणसी के एक मध्यमवर्गीय 'कृषक' परिवार में।
शिक्षा : विज्ञान परास्नातक,अणु एवं कोशिका आनुवंशिकी विज्ञान में विशेष दक्षता।
साहित्यिक जीवन : काशीहिंदू विश्वविद्यालय में छात्र जीवन के दौरान प्रथम रचना 'बेपरवाह क़ब्रें' से साहित्यिक यात्रा का आरम्भ। अबतक कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित।
वर्तमान में 'एकलव्य' और 'लोकतंत्र' संवाद मंच नामक ब्लॉगों का संचालन
https://kalprerana.blogspot.in,
https://loktantrasanvad.blogspot.in

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