बच्चे सोचते हैं (काव्य संग्रह)

बच्चे सोचते हैं

बच्चे सोचते हैं-
माँ कभी बीमार नहीं होती
उसके घुटनों में दर्द नहीं होता
हाथ नहीं दुखते
शरीर थकता नहीं,
वह घंटों जो कहती है
बच्चे सोचते हैं

बच्चे सोचते हैं-
माँ कभी बीमार नहीं होती
उसके घुटनों में दर्द नहीं होता
हाथ नहीं दुखते
शरीर थकता नहीं,
वह घंटों जो कहती है
बच्चे सोचते हैं

बच्चे सोचते हैं-
माँ कभी बीमार नहीं होती
उसके घुटनों में दर्द नहीं होता
हाथ नहीं दुखते
शरीर थकता नहीं, More

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