सोडली महाकाव्य-अफ्रीका की रेत

कुण्डली के समान सोडली भी छह पंक्तियों की पद्य है। कुण्डली और सोडली में भिन्नता- दोहा के उपरान्त रौला के स्थान पर दो सोरठे । सोरठे में प्रथम चरण का तुकान्त मिलान तीसरे चरण से और दूसरे चरण का चौथे चरण से होता है। प्रारम्भ दोहे से किया गया है, सोडली का आदि और समापन समान शब्द या शब्द-युग्म से ही होता है। दोहे के अन्तिम चरण की पुनरावृत्ति प्रथम सोरठा के प्रथम चरण में है। More

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About Dr. Awadhesh Kishore

The author is currently working as Dean, School of Agriculture, SunRise Unuversity, Alwar, Rajasthan INDIA
The author has worked as Professor in Hamelmalo Agricultural College, Hamelmalo, Keren, ERITREA
The author is doctorate in Agriculture, and post graduate in education as well.

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