Love Or Compromise

उस दिन के बाद वो बदल चुकी थी, हर रोज छोटी-छोटी कपड़े पहन कर मेरे सामने आया करती थी, दिन-ब दिन खिलती जा रही थी, अपनी नशेली अदाओं से वो मुझे अपनी दीवाना बनाती जा रही थी, हर रोज अपनी दो नैनों की बाण से मेरे दिल को क़त्ल किये जा रही थी, अपनी गोरा बदन दिखा-दिखा कर मुझे तड़पा रही थी, तरसा रही थी। ऐसे हालात में मैं क्या करता? मैं तो बेचारा फंस गया था उसकी नकली प्यार की जाल में, More

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  • Category: Fiction » Classics
  • Words: 12,970
  • Language: Hindi

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