Interview with अनुराग सिंह

बतौर लेखक, आपकी सबसे बड़ी ख़ुशी क्या है?
लेखन या कोई भी अन्य रचनात्मक विधा आपको सृजन करने का अवसर प्रदान करती है| जैसा कि आप इस किताब में भी पढ़ सकते है, जहाँ एक किरदार कहता है की रचनात्मक कार्य आपको सबसे बड़े रचयिता(प्रभू) के समकक्ष ला खड़ा करता है|
आपके पसंदीदा लेखक कौन है?
प्रेमचंद. वैसे मैं बाहरी लेखको से भी काफी प्रभावित रहा हूँ लेकिन अगर एक नाम लेना हो तो वो प्रेमचंद ही होंगे
क्या आपको अपनी लिखी पहली रचना याद है?
जरुर क्यों नहीं, पर वो बहुत बचकानी थी| साथ ही मैं आज तक उसका मन माफिक अंत नहीं ढूँढ पाया हूँ
आपकी लेखन प्रक्रिया क्या है, बता सकते है?
ऐसी कोई खास प्रक्रिया नहीं है| अब जैसे इस रचना को ही ले ले, तो ये मेरे स्वयं के कुछ प्रश्न थे, जिनके उत्तर तलाशते तलाशते इस किताब का जन्म हुआ|
क्या आपको अपनी पहली पढ़ी कहानी याद है, जिसने आप पर गहरा प्रभाव छोड़ा हो?
पहली कहानी तो याद नहीं, लेकिन पहली रचना जिसने प्रभावित किया वो गबन थी| (हँसते हुए) कितना प्रभाव छोड़ा इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते है कि इस रचना में भी गबन का जिक्र आपको मिल जायेगा
आप खाली समय में क्या पढ़ते है?
समय बिताने को पढना हो तो मैं कवितायेँ ही पढता हूँ| किताब मैं तभी पढता हूँ जब उसकी बहुत अधिक प्रशंषा सुनी हो
अपनी मेज का विवरण देना चाहेंगे?
जरुर, अगर होती तो अवश्य देता| मैंने लगभग किताब अपने मोबाइल पर ही लिखी है| जब भी कोई लिखने योग्य बात ध्यान में आती, तो वो भी मैं मोबाइल में ही लिख लेता
आपको स्वतः प्रकाशित करने के पीछे क्या उत्प्रेरक रहे है?
इसके कई कारण है| पहला मुझे शुद्ध हिंदी का प्रयोग करना था, जो की आमतौर पर थोड़ी कठिन हो जाती है| दूसरा यह उपन्यास न होकर उपन्यासिका है, वो भी मनोवैज्ञानिक| पिछले दिनों जिस तरह का साहित्य या कला वस्तु प्रसिद्धी के शिखर पर पहुंची है, वो मुख्यतः प्रेम प्रलाप के इर्द गिर्द थी| साथ ही उनकी भाषा अंग्रेजी थी| ऐसे में अपनी शर्तों पर प्रकाशक की खोज से बेहतर विकल्प था स्वतः प्रकशित करना
आपके प्रशंसक आपके लिए क्या महत्त्व रखते है?
अभी तक तो मैं अपने किसी प्रशंसक से मिला नहीं| लेकिन अगर होते है तो ये लोग ही निरंतर लिखने के लिए प्रेरक होंगे|
अगली रचना के बारे में कुछ सोचा है?
सोचा भी है, लिख रहा हूँ| इस बार एक उपन्यास ही है और प्रेम प्रलाप से सम्बंधित भी है (हँसते हुए)| पर कोशिश यही है की औरों से अलग रहे
Published 2014-11-29.
Smashwords Interviews are created by the profiled author, publisher or reader.