Interview with कल्पना रामानी

What do your fans mean to you?
मेरे प्रशंसकों द्वारा मुझे अधिकतर मेरे लेखन के लिए सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ ही मिलती हैं मगर विपरीत प्रतिक्रियाएँ बेहतर लेखन के लिए प्रेरित करती हैं जो मेरी ऊर्जा वृद्धि का कारण होता है.
What is the greatest joy of writing for you?
मुझेअपने लेखन का सबसे बड़ा आनंद इस बात से मिलता है कि विश्व के हर कोने से पाठक मुझे पढ़ते, सुनते और सराहते हैं. सकारात्मक लेखन मेरी विशेषता है जिसे पढ़कर इस दुख-सागर कहे जाने वाले संसार में अधिकाधिक पाठक वर्ग कुछ पल सुकून के साथ बिताता है
What are you working on next?
मैं अपने साहित्य सृजन के आठ वर्षों में पद्य साहित्य अपनी क्षमता से बहुत अधिक लिख चुकी हूँ अतः अब कथा साहित्य ही मेरे लेखन का उद्देश्य है. जबकि मुझमें नैसर्गिक गुण एक कवयित्री के ही अधिक मौजूद हैं.
What inspires you to get out of bed each day?
मैंने जो कुछ भी साहित्य रचा है वो सब प्रातःकाल सूर्योदय के समय प्रकृति की गोद में बैठकर अथवा घूमते हुए ही संभव हो सका है. अतः रात्रि में एक नई सुबह के साथ एक नई रचना-सृजन का स्वप्न संजोए प्रसन्न चित्त निद्रा का वरण करती हूँ.
Who are your favorite authors?
वैसे तो युवावस्था में मैंने हिंदी के बहुत से प्रसिद्ध लेखकों को पढ़ा है मगर जितना प्रेमचंद साहित्य ने मुझे प्रभावित किया वो किसी अन्य लेखक में अभी तक नहीं देख सकी हूँ. आधुनिक लेखकों की शैलियों से मैं अधिक परिचित भी नहीं हूँ.
When you're not writing, how do you spend your time?
मैं मूलतः एक सामान्य गृहिणी ही हूँ और लेखन-पठन के अलावा सारा समय गृह-कार्यों में ही बीत जाता है.
How do you discover the ebooks you read?
ई बुक्स पढ़ने के लिए लैपटॉप और मोबाइल ही मेरा सहारा हैं. लगभग आठ वर्ष पहले ६० वर्ष की आयु में स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हुए इत्तफाक से कंप्यूटर और वेब की दुनिया से परिचय हुआ, जो सीखने, लिखने और पढ़ने के जुनून में बदल गया. इनके बिना अब मेरा समय नहीं कटता.
Do you remember the first story you ever wrote?
हाँ, चूँकि मैंने कहानी-लेखन दो वर्ष पहले ही शुरू किया है और मेरी पहली लिखी हुई कहानी एक नामी हिंदी पत्रिका में छपी और पुरस्कृत भी हुई अतःबहुत अच्छी तरह याद है. यह मेरे लिए जीवन का ऐसा अप्रत्याशित क्षण और पुरस्कार था जिसे कभी नहीं भूल सकती.
What is your writing process?
मैं जिस विषय पर जिस विधा में लिखना चाहती हूँ, उसमें इस तरह खो जाती हूँ कि अन्य बातों से कोई सरोकार नहीं रह जाता. लक्ष्य प्राप्ति तक इतनी आत्म-केन्द्रित हो जाती हूँ कि आसपास क्या कुछ हो रहा है इसका भी आभास नहीं होता.
Do you remember the first story you ever read, and the impact it had on you?
मुझे कहानियाँ पढ़ने का शौक बचपन से ही रहा है और पसंद का स्तर भी समय-समय पर उम्र के अनुसार परिवर्तित होता रहा, गंभीर और मनोरंजक साहित्य मेरी पहली पसंद है. अतः ऐसी कोई कहानी याद नहीं जिसने मुझे पहली बार प्रभावित किया हो. मगर ऐतिहासिक कहानियाँ मेरे दिल-दिमाग पर ऐसा गहरा असर छोड़ती हैं जिन्हें आसानी से नहीं भूल पाती.
How do you approach cover design?
cover design के लिए गूगल से प्राप्त फ्री चित्रों से ही किताब के शीर्षक के अनुसार एक चित्र चुनकर Smashwards Team के निर्देशानुसार प्रक्रिया से गुजरते हुए सब कुछ आसानी से संपन्न हो जाता है. इसके लिए मैं Smashwards Team का मन से धन्यवाद करती हूँ जिसकी सहायता के बिना मेरे लिए यह कार्य असंभव था.
Where did you grow up, and how did this influence your writing?
मैं भारत के मध्यप्रदेश में जन्मी और पली-बढ़ी. मगर १० वर्षों से महाराष्ट्र के महानगर मुंबई की निवासी हूँ. प्रकृति और पर्यावरण प्रेम मुझमें गहरे व्याप्त है जिसका पूरा असर मेरे लेखन में भी दृष्टिगोचर होता है.
How has Smashwords contributed to your success?
मेरी नज़र में Smashwords एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहाँ मेरे समस्त रचना संसार को सही मंजिल मिल सकी है. मैं इससे पहले स्वप्रकाशन के लिए बहुत भटक चुकी थी मगर जिस सब्र और सौजन्य के साथ मार्गदर्शन यहाँ Smashwords Team ने किया वो अन्यत्र कहीं दिखाई नहीं दिया और इस साक्षात्कार ने तो मुझे विशेष होने का अहसास दिलाया है. वरना अब तक यही ज्ञात था कि साहित्यिक साक्षात्कार सिर्फ प्रसिद्ध विद्वानों के ही प्रकाशित होते हैं. मैं पुनः हृदय से इस Team का आभार व्यक्त करती हूँ.
Published 2019-09-06.
Smashwords Interviews are created by the profiled author, publisher or reader.

Books by This Author

हुई हिक सिन्धी बोली
Price: Free! Words: 5,490. Language: Hindi. Published: September 15, 2019. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
सिन्धी समाज को समर्पित इस पुस्तक से किसी पाठक का हित हो न हो मगर इतना अवश्य होगा कि आपको अपनी भूली बिसरी बोली शायद याद आ जाए. मेरे विचार में अपनी मातृभाषा के प्राण संकट में डालने के हम स्वयं ही दोषी हैं. यह पुस्तक पढ़कर देखिये, कहीं आप भी उसके शत्रु तो नहीं?
किताबें कहती हैं
Price: Free! Words: 9,270. Language: Hindi. Published: September 9, 2019. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
प्रिय पाठको, आपके सामने यह मेरा दूसरा ग़ज़ल संग्रह प्रस्तुत है. मैं अचानक अंतर्जाल पर किताबों की दुनिया से कैसे जुड़ी यह विस्मित करने वाली घटना ही है, जिसका जिक्र मैं यहीं प्रकाशित अपनी अन्य पुस्तकों के विवरण में कर चुकी हूँ. बेटियों को समर्पित नौ ग़ज़लें इस संग्रह की विशेषता है जिसे आप सदा के लिए सहेजकर अपने पास रखना चाहेंगे. किताब का शीर्षक गीत तो अवश्य ही आपका मन मोह लेगा.
नित्य प्रार्थना कीजिये
Price: Free! Words: 6,960. Language: Hindi. Published: August 17, 2019. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
दोहा प्रेमी पाठक यह तो जानते ही होंगे कि दोहा एक स्वतंत्र छंद है मगर मेरा यह संग्रह लीक से कुछ हटकर रचा गया है यानी एक ही विषय पर कुछ दोहे मिलकर गीत का रूप ले लेते हैं. ये गीत आपको विविध विषयों जैसे -प्रकृति,प्रेम,नीति,देश-प्रेम,संस्कृति आदि का प्रतिनिधत्व करते हुए नज़र आएँगे.आशा करती हूँ मेरा यह अनूठा संकलन आपको अवश्य पसंद आएगा.
खेतों ने ख़त लिखा (गीत-नवगीत संग्रह)
Price: Free! Words: 6,930. Language: Hindi. Published: August 8, 2019. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
"हौसलों के पंख" के बाद यह मेरा दूसरा गीत संग्रह है. जंगल, हरियाली, बाग़-बगीचे, गुलमोहर, रातरानी, बेला, हरसिंगार, चंपा, बाँस, गुलकनेर, बसन्त, पंछी, कौआ, कोयल, सावन, फागुन आदि विविध विषयों व भावों के माध्यम से गीत-गीत में प्रकृति से साक्षात्कार कराता ६० गीतों का यह सुन्दर गुलदान आपको अवश्य पसंद आएगा.
मूल जगत का- बेटियाँ
Price: Free! Words: 8,910. Language: Hindi. Published: August 8, 2019. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
आपने कुण्डलिया छंद तो बहुत पढ़े होंगे लेकिन विषयगत छंद लेखन कम लेखक ही कर पाते हैं. इस संग्रह में आपको लगभग हर विषय पर कुण्डलिया छंद पढने को मिलेंगे. चूंकि मेरे लेखन की शुरुवात ही छंदों से हुई अतः मेरा पूरा ध्यान व समय इन्हें सहेजने-सँवारने में लग गया. लयबद्ध सरल भाषा में रचे गए ये छंद आपका मन मोह लेंगे.
हौसलों के पंख
Price: Free! Words: 9,950. Language: Hindi. Published: August 7, 2019. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
जिस तरह प्रकृति परिवर्तन अटल है, उसी तरह जीव-जीवन में उतार चढ़ाव भी निश्चित है। सुख-दुख, धूप-छाँव, लाभ-हानि, आदि। हर इंसान को न्यूनाधिक इन समस्याओं से जूझना ही पड़ता है। लेकिन हम यदि यथार्थ को स्वीकार न करते हुए अपने हौसले ही खो बैठें तो जीना ही दूभर हो जाए। मानव जन्म किस्मत से ही मिलता है। इसे हर रूप में स्वीकार करके हमें कुदरत का आभार मानना चाहिए। इन्हीं भावों के साथ पुस्तक आपके सामने है.
परिणय के बाद
Price: Free! Words: 33,790. Language: Hindi. Published: April 19, 2019. Categories: Fiction » Romance » Contemporary
इस ई बुक में मेरी १३ कहानियाँ संग्रहीत हैं ये समाज के आधुनिक रूप का दर्पण कही जा सकती हैं. मेरी हर कहानी अंत में पाठक को सन्देश और संतोष देकर ही समाप्त होती है. इन कहानियों में सामाजिक विसंगतियों को विशेष रूप से उभारा गया है. सभी कहानियाँ अलग-अलग विषय वस्तु पर लिखी गई हैं. मेरी हर कहानी आपको अपने आसपास ही घटती हुई दिखाई देगी. जो आप पढ़ने के बाद ही जान सकेंगे.
पीली साड़ी
Price: Free! Words: 13,540. Language: Hindi. Published: January 31, 2019. Categories: Fiction » Literature » Literary
यह तो आप जानते ही हैं साहित्य समाज का दर्पण होता है. मैंने यही ध्यान में रखकर यह पुस्तक निर्मित की है. विषय अनेक हैं और घटनाएँ आपको अपने आसपास घटती हुई प्रतीत होंगी, जो आपको कुछ सोचने के लिए मजबूर कर देंगी. हम कहाँ थे और कहाँ आ पहुँचे हैं, पुरखों से मिले हुए संस्कार कहाँ खो गए? रिश्ते-नाते अपनापन अब कहाँ है? इन सवालों के जवाब खोजती, समाज को दर्पण दिखाती हुईं ये लघुकथाएँ आपको अवश्य पसंद आएंगी.
बेटियाँ होंगी न जब
Price: Free! Words: 11,780. Language: Hindi. Published: January 30, 2019. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
मेरे ग़ज़ल संग्रह के बारे में जानने के लिए नमूने के तौर पर कुछ शेर प्रस्तुत हैं- 'कल्पना' अंजाम सोचो, बेटियाँ होंगी न जब रूप कितना सृष्टि का हो जाएगा विकराल माँ! "भर्त्सना के भाव भर, कितनी भला कटुता लिखें नर पिशाचों के लिए हो काल, वो रचना लिखें". "वतन को जान हम जानें, हमारी जां वतन में हो" "जूझती थी बेड़ियों से, जो कभी लाचार हिंदी उड़ रही पाखी बनी वो सात सागर पार हिंदी"