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Books

बेटोंवाली विधवा - मानसरोवर लघु कथा मुंशी प्रेमचंद
Price: Free! Words: 6,830. Language: Hindi. Published: February 14, 2018. Categories: Essay » Literature
बेटोंवाली विधवा मानसरोवर कथा संग्रह – भाग १ मुंशी प्रेमचंद 1 पंडित अयोध्यानाथ का देहांत हुआ तो सबने कहा, ईश्वर आदमी की ऐसी ही मौत दे। चार जवान बेटे थे, एक लड़की। चारों लड़कों के विवाह हो चुके थे, केवल लड़की क्‍वाँरी थी। संपत्ति भी काफी छोड़ी थी। एक पक्का मकान, दो बगीचे, कई हजार के गहने और बीस हजार नकद। विधवा फूलमती को शोक तो हुआ और कई दिन तक बेहाल पड़ी रही, लेकिन जवान बेटों को सामने देखकर
ठाकुर का कुआँ - मानसरोवर लघु कथा मुंशी प्रेमचंद
Price: Free! Words: 1,210. Language: Hindi. Published: February 14, 2018. Categories: Essay » Literature
ठाकुर का कुआँ मानसरोवर कथा संग्रह – भाग १ मुंशी प्रेमचंद जोखू ने लोटा मुँह से लगाया तो पानी में सख्त बदबू आयी । गंगी से बोला- यह कैसा पानी है ? मारे बास के पिया नहीं जाता । गला सूखा जा रहा है और तू सड़ा पानी पिलाये देती है ! गंगी प्रतिदिन शाम पानी भर लिया करती थी । कुआँ दूर था, बार-बार जाना मुश्किल था । कल वह पानी लायी, तो उसमें बू बिलकुल न थी, आज पानी में बदबू कैसी !
पूस की रात - मानसरोवर लघु कथा मुंशी प्रेमचंद
Price: Free! Words: 2,270. Language: Hindi. Published: February 14, 2018. Categories: Essay » Literature
पूस की रात - मुंशी प्रेमचंद मानसरोवर कथा संग्रह – भाग १ हल्कू ने आकर स्त्री से कहा- सहना आया है, लाओ, जो रुपये रखे हैं, उसे दे दूँ, किसी तरह गला तो छूटे । मुन्नी झाड़ू लगा रही थी। पीछे फिरकर बोली- तीन ही तो रुपये हैं, दे दोगे तो कम्मल कहाँ से आवेगा ? माघ-पूस की रात हार में कैसे कटेगी ? उससे कह दो, फसल पर दे देंगे। अभी नहीं । हल्कू एक क्षण अनिश्चित दशा में खड़ा रहा ।
ईदगाह - मानसरोवर लघु कथा मुंशी प्रेमचंद
Price: Free! Words: 5,000. Language: Hindi. Published: February 14, 2018. Categories: Essay » Literature
ईदगाह - मुंशी प्रेमचंद मानसरोवर कथा संग्रह – भाग १ रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, यानी संसार को ईद की बधाई दे रहा है। गाँव में कितनी हलचल है।
अलग्योझा - मानसरोवर लघु कथा मुंशी प्रेमचंद
Price: Free! Words: 7,210. Language: Hindi. Published: January 9, 2018. Categories: Essay » Literature
Algojha - Short Story by Munshi Premchand अलग्योझा - मुंशी प्रेमचंद मानसरोवर कथा संग्रह – भाग १ भोला महतो ने पहली स्त्री के मर जाने बाद दूसरी सगाई की तो उसके लड़के रग्घू के लिये बुरे दिन आ गये। रग्घू की उम्र उस समय केवल दस वर्ष की थी। चैन से गाँव में गुल्ली-डंडा खेलता फिरता था। माँ के आते ही चक्की में जुतना पड़ा। पन्ना रुपवती स्त्री थी और रुप और गर्व में चोली-दामन का नाता है।

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