dinesh kumar

Biography

Born in 1960 at New Delhi, India. Right from his early age he started practicing various gospel of Ancient Indian Wisdom (the knowledge drawn by the experiences of great seers).

Dinesh kumar directly transformed/motivated & touched more than five hundred thousand minds (500,000), thousands of academicians, professionals and business leaders. His lectures upon various facets of Self Development and Ancient Indian Wisdom run into hundreds and out of those 250 have been produced in the form of video documents (around 200 are available at his channel on youtube by the name gospel4learning). By way of a regular television broadcast of his recorded discourses, more than five million people have directly benefited of his knowledge. His recordings are regularly utilized by several training departments of large multinational industrial and business organizations.

He has authored several books on self development in light of Ancient Indian Wisdom.

As an ardent researcher he is always engaged in search of Ancient gospel of Ancient Indian wisdom that can be brought in use as a direct solution to the problems of today's mankind. Ancient scriptures like Shrimed Bhagwad Gita, Vedas, Upanishads and Darshan are the root of his understanding; besides he owes all credit of his knowledge to his master a great seer, whom he considers as his perennial source of all understanding.

Visiting Faculty in various Large Multinationals in India. As a Teacher/Trainer he Transforms the human insight through various program of Learning(Workshops) that are exclusively guided by Indian Ancient Wisdom.

He spends adequate time in training sincere seekers at different places in Himalyas, India. He organizes highly impact generating retreats ranging from 3 to 10 days. The major subjects of his retreat are like Will Power, Intutive Intelligence, Gnostic Yoga (Subtler existential aspects of Human existence), Leadership; Beyond,Growing within (stress related, Nachiketa the forgotten (Never give up, Ego Transformed, Miracles of Internal Growth, Beyond Emotional Intelligence, Awareness Audit, Esoteric Dimensions of Communication... and few more...

The Hindi version of his book Desire 2 Will has now, become a part of an awareness drive at India which is targeted to touch several hundred thousand young girls. Under a drive to check Femal Foeticide a program has been envisaged(which is under its way)wherein he shall conduct several live workshops in schools and colleges amidst young girls in order to ignite their self confidence. According to dinesh kumar a human being devoid of any worthy ambition in life cannot dispense justice to ones education and thereby cannot awaken ones latent potential.

He emphasises that in order to awaken ones latent potential it is mandatory to give oneself with a meaningful objective to ones life... a meaninful objective itself is a catalyst to trigger the fire of arousing ones deep potentials...

Where to find dinesh kumar online


Books

इच्छा से संकल्प फिर चमत्कार - ichha se sankalp phir chamatkar
Price: $5.50 USD. Words: 60,800. Language: Hindi. Published: February 24, 2015. Categories: Nonfiction » Self-improvement » Personal Growth / Success
40000 COPIES SOLD DURING DIRECT LECTURE; अगर तुम्हारी आयु 18 से 40 के बीच की है और तुम्हे अपने आप को मैनेज करना नहीं आता है। तुम अपने विचारो , इच्छाओं एवं कल्पनाओं में सदा खोये रहते हो और अपने आप पर कोई भी नियंत्रण नहीं है। एक के बाद एक दिन बीतते जाते हैं पर थोड़ा सा भी परिवर्तन जीवन में नहीं दिखाई दे रहा है। दिन , हफ्ते महीने , और वर्ष बीत रहे हैं परन्तु जीवन में न तो कोई सार्थक गति है और न ही को
उपयुक्त भाव एक सशक्त उपचार पद्दति है , upyukt bhav ek sashakt upchar paddati hai
Price: $2.25 USD. Words: 6,040. Language: Hindi. Published: February 24, 2015. Categories: Nonfiction » Health, wellbeing, & medicine » Alternative therapies
कहते हैं न की जा की रही भावना जैसी प्रभु मूर्ति तीन देखि तैसी। यह बात धर्म की दृष्टि से तो हम अनेको बार सुनते आये हैं परन्तु हममे से विरले होंगे जिन्हे यह भी बोध होगा की इस सिद्धांत आद्योपांत प्रभाव हमारे मन , बुद्धि और शरीर के स्वस्थ्य से सम्बंधित है। इस सिद्धांत के दुरुपयोग से हम अनेको प्रकार के रोगों को अपनी और आमंत्रित भी कर सकते हैं और इसीके अनुपालन के द्वारा हम अनेकों प्रकार के रोगो से सर्व
पर्सनैलिटी में असंभव को संभव , तीर्थ चेतना के द्वारा , personality mei asambhav ko sambhav tirth chetna ke dwara
Price: $2.25 USD. Words: 8,830. Language: Hindi. Published: February 24, 2015. Categories: Nonfiction » Religion & Spirituality » Hinduism
हमारे ऋषियों ने तीर्थ यात्रा पर बहुत अधिक बल दिया है। क्या तीर्थाटन कोई पुण्य प्राप्ति का साधन है यां फिर कोई अत्यंत गहरा वैज्ञानिक रहस्य जिसे हम जानते ही नहीं हैं। हाँ यह सत्य है की तीर्थ यात्रा एक अत्यंत गहरा वैज्ञानिक रहस्य है जो मनुष्य के व्यक्तित्व में असंभव को संभव करा सकता है। अनदेखे जगत की शक्तियों का किस प्रकार प्रयोग करते हुए मनुष्य अपने जीवन में परिवर्तन उत्पन्न करा सकता है; यह उसी व
सुषुप्ति योग - निद्रा योग , sushupti yoga, nidra yoga
Price: $2.25 USD. Words: 7,010. Language: Hindi. Published: February 24, 2015. Categories: Nonfiction » Religion & Spirituality » Yoga
जिस निद्रा को सामान्य जन केवल एक निष्क्रियता का अंतराल मानते हैं योगी जन उसी काल को मनुष्य के निर्माण की वास्तविक प्रयोगशाला के रूप में जानते हैं. ध्यान से विचार करें कि आप निद्रा में होते हैं तब केवल आपका शरीर बहरी स्तरों पर हिल नहीं रहा होता। आप मात्र करवट बदलते हैं। परन्तु भीतर आपके शरीर के समूचे अंग अवयव पूरी सक्रियता से कार्यरत होते है। आगरा आपके भीतरी अंग कार्य नहीं कर रहे हों तो आप जीव
प्रायश्चित का तथ्य - तथ्य प्रायश्चित, prayshchit ka tathya - tathya prayshchit
Price: $2.25 USD. Words: 6,890. Language: Hindi. Published: February 24, 2015. Categories: Nonfiction » Religion & Spirituality » Hinduism
एक बात आपको गहराई से जान लेनी चाहिए की अगर प्रायश्चित का विषय हमारे भविष्य के घटना क्रमों से जुड़ा नहीं होता तो उसे हम कभी भी नहीं उठाते। और दूसरी बात यह की अगर इसका सम्बन्ध हमारे जीवन की सफलता असफलता से लेना देना नहीं होता तो भी हम इस विषय को नहीं उठाते। तीसरे यह की अगर प्रायश्चित का लेना हमारी पर्सनालिटी से नहीं होता तो भी हम उसे नहीं उठाते। यह विषय मनुष्य के वास्तविक हितों तक किस गहराई त
एकाग्रता की चाबी किसके पास - Ekagrata ki chabi kiske pas
Price: $2.25 USD. Words: 8,090. Language: Hindi. Published: February 24, 2015. Categories: Nonfiction » Self-improvement » Personal Growth / General
ऋषिओं का वाक्य है की 'जहाँ चित्त वहां प्राण ', अर्थात जिस किसी भी विषय पर मनुष्य का ध्यान केन्द्रित हो जायेगा वहीँ पर कुछ रचना आरम्भ होने लगेगी। परन्तु सबसे बड़ी विषमता यह है की यह एकाग्रता कैसे लगे। अस्थिर मानस असंख्य विचारों में आधे अधूरे उलझता और नाचता भर रह जाता है। आश्चर्य का विषय यह है की यह समस्या केवल बच्चों के नाम से अवश्य गयी जाती है परन्तु इसके शिकार सभी आयु के लोग रहते हैं।
भय से दो दो हाथ , bhay se do do hath
Price: $2.25 USD. Words: 4,830. Language: Hindi. Published: February 24, 2015. Categories: Nonfiction » Self-improvement » Confidence & self-esteem
न जाने जीवन भर कितनी बड़ी मात्रा में भय रह रह कर और आ आ कर हमे अस्त व्यस्त एवं त्रस्त कर डालता है। इस भय को आने के लिए कोई अनुमति नहीं लेनी पड़ती और यह हमारे सबसे गहरे स्तरों पर घुस कर ऐसी घुस पैठ करने लगता है की प्रतीत हो जाता है की अब किसी काम के नहीं रहे। दिमाग की स्थिरता इसके दुष्प्रभाव से हवा हो जाती है , स्मृतियाँ खोने लगती हैं , निर्णय लेना असंभव सा प्रतीत होने लगता है। अच्छा खासा व्यक्ति
अपना उद्देश्य पट कैसे बुने , apna uddeshya put kaise bune
Price: $2.00 USD. Words: 7,150. Language: Hindi. Published: February 24, 2015. Categories: Nonfiction » Self-improvement » Personal Growth / General
बहुत कठिन होता है अपने जीवन के उद्देश्य का निर्धारण कर पाना। जहाँ हज़ारों विचार घड़ी मस्तिष्क में घुस कर हमें अपनी ओर खीचने में रस्सा कशी कर रहें हो वहां उपयुक्त और उचित निर्धारण कर पाना बहुत ही टेढ़ी खीर बन जाता है। सोचने बैठो तो कुछ समझ ही नहीं आता है। यह विषय न तो रोज रोज दिमाग में उभरतें है और न ही इनके विषय में हर किसी से चर्चा करना भी संभव होता है।
Destiny Re scripted (Desire 2 Will)
Price: $7.99 USD. Words: 55,820. Language: English. Published: July 12, 2013. Categories: Nonfiction » Self-improvement » Personal Growth / Success
Demystifying procedure of transforming a Desire into a formidable force of True Will.Understand it this way; Like a caterpillar first dies & then undergoes a transmutation into a butterfly... We along with Our Deepest Desires have to undergo a transmutation from the status of ordinary allurance or craving. it is only then, that our dormant enormity is released

dinesh kumar's tag cloud