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Ramcharcha (Hindi)
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Price: $4.99 USD. Words: 44,030. Language: Hindi. Published: July 10, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
प्यारे बच्चो! तुमने विजयदशमी का मेला तो देखा ही होगा। कहींकहीं इसे रामलीला का मेला भी कहते हैं। इस मेले में तुमने मिट्टी या पीतल के बन्दरों और भालुओं के से चेहरे लगाये आदमी देखे होंगे। राम, लक्ष्मण और सीता को सिंहासन पर बैठे देखा होगा और इनके सिंहासन के सामने कुछ फासले पर कागज और बांसों का बड़ा पुतला देखा होगा। इस पुतले के दस सिर और बीस हाथ देखे होंगे। वह रावण का पुतला है।
The Loves of Krishna: In Indian Painting and Poetry (Illustrated)
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Price: $2.99 USD. Words: 54,560. Language: English. Published: July 8, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Poetry » Ancient Poetry
During the twentieth century, a certain type of Indian painting began to fascinate the West. Unlike Mughal art, it was a product of Hindu courts in Rajasthan and the Punjab Hills and unlike Mughal painting, its chief concern was with the varied phases of romance. Ladies would be shown brooding in their chambers as storm clouds mounted in the sky.
Two Sister (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,650. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
दोनों बहनें दो साल के बाद एक तीसरे नातेदार के घर मिलीं और खूब रो-धोकर खुश हुईं तो बड़ी बहन रूपकुमारी ने देखा कि छोटी बहन रामदुलारी सिर से पाँव तक गहनों से लदी हुई है, कुछ उसका रंग खुल गया है, स्वभाव में कुछ गरिमा आ गयी है और बातचीत करने में ज्यादा चतुर हो गयी है। कीमती बनारसी साड़ी और बेलदार उन्नावी मखमल के जम्पर ने उसके रूप को और भी चमका दिया-वही रामदुलारी, लडक़पन में सिर के बाल खोले,
Srishti (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 6,140. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
(अदन की वाटिका, तीसरे पहर का समय। एक बड़ा सांप अपना सिर फूलों की एक क्यारी में छिपाये हुए और अपने शरीर को एक वृक्ष की शाखाओं में लपेटे हुए पड़ा है। वृक्ष भलीभांति च़ चुका है, क्योंकि सृष्टि के दिन हमारे अनुमान से कहीं अधिक बड़े थे। सर्प उस व्यक्ति को नहीं दिखाई दे सकता जिसको उसकी विद्यमानता का ज्ञान नहीं है, क्योंकि उसके हरे और भूरे रंग के मेल से धोखा होता है।
Rahsya (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,480. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
विमल प्रकाश ने सेवाश्रम के द्वार पर पहुँचकर जेब से रूमाल निकाला और बालों पर पड़ी हुई गर्द साफ की, फिर उसी रूमाल से जूतों की गर्द झाड़ी और अन्दर दाखिल हुआ। सुबह को वह रोज टहलने जाता है और लौटती बार सेवाश्रम की देख-भाल भी कर लेता है। वह इस आश्रम का बानी भी है, और संचालक भी। सेवाश्रम का काम शुरू हो गया था। अध्यापिकाएँ लड़कियों को पढ़ा रही थीं, माली फूलों की क्यारियों में पानी दे रहा था
Namak ka Droga (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,290. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वरप्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो लोग चोरी-छिपे इसका व्यापार करने लगे। अनेक प्रकार के छल-प्रपंचों का सूत्रपात हुआ, कोई घूस से काम निकालता था, कोई चालाकी से। अधिकारियों के पौ-बारह थे। पटवारीगिरी का सर्वसम्मानित पद छोड-छोडकर लोग इस विभाग की बरकंदाजी करते थे। इसके दारोगा पद के लिए तो वकीलों का भी जी ललचाता था।
Meri Pahli Rachna (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 1,990. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
उस वक्त मेरी उम्र कोई १३ साल की रही होगी। हिन्दी बिल्कुल न जानता था। उर्दू के उपन्यास पढ़ने-लिखने का उन्माद था। मौलाना शरर, पं० रतननाथ सरशार, मिर्जा रुसवा, मौलवी मुहम्मद अली हरदोई निवासी, उस वक्त के सर्वप्रिय उपन्यासकार थे। इनकी रचनाएँ जहाँ मिल जाती थीं, स्कूल की याद भूल जाती थी और पुस्तक समाप्त करके ही दम लेता था। उस जमाने में रेनाल्ड के उपन्यासों की धूम थी। उर्दू में उनके अनुवाद धड़ाधड़ निकल रहे
Manovratti Aur Lanchan (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 6,260. Language: Hindi. Published: July 3, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मनोवृत्ति एक सुंदर युवती, प्रात:काल, गाँधी-पार्क में बिल्लौर के बेंच पर गहरी नींद में सोयी पायी जाय, यह चौंका देनेवाली बात है। सुंदरियाँ पार्कों में हवा खाने आती हैं, हँसती हैं, दौड़ती हैं, फूल-पौधों से खेलती हैं, किसी का इधर ध्यान नहीं जाता; लेकिन कोई युवती रविश के किनारे वाले बेंच पर बेखबर सोये, यह बिलकुल गैर मामूली बात है, अपनी ओर बल-पूर्वक आकर्षित करने वाली। रविश पर कितने आदमी चहलकदमी कर रहे
Rajarshi (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 41,760. Language: Hindi. Published: July 2, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
भुवनेश्वरी मंदिर का पत्थर का घाट गोमती नदी में जाकर मिल गया है। एक दिन ग्रीष्म-काल की सुबह त्रिपुरा के महाराजा गोविन्दमाणिक्य स्नान करने आए हैं, उनके भाई नक्षत्रराय भी साथ हैं। ऐसे समय एक छोटी लडकी अपने छोटे भाई को साथ लेकर उसी घाट पर आई। राजा का वस्त्र खींचते हुए पूछा, "तुम कौन हो?" राजा मुस्कराते हुए बोले, "माँ, मैं तुम्हारी संतान हूँ।" लडकी बोली, "मुझे पूजा के लिए फूल तोड़ दो ना!"
Aankh Ki Kirkiri (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 70,560. Language: Hindi. Published: July 1, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
विनोद की माँ हरिमती महेंद्र की माँ राजलक्ष्मी के पास जा कर धरना देने लगी। दोनों एक ही गाँव की थीं, छुटपन में साथ खेली थीं। राजलक्ष्मी महेंद्र के पीछे पड़ गईं - 'बेटा महेंद्र, इस गरीब की बिटिया का उद्धार करना पड़ेगा। सुना है, लड़की बड़ी सुंदर है, फिर पढ़ी-लिखी भी है। उसकी रुचियाँ भी तुम लोगों जैसी हैं। महेंद्र बोला - 'आजकल के तो सभी लड़के मुझ जैसे ही होते हैं।'
Rabindranath Tagore's Selected Stories (Hindi)
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Price: $4.99 USD. Words: 75,230. Language: Hindi. Published: June 30, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मेरी पाँच वर्ष की छोटी लड़की मिनी से पल भर भी बात किए बिना नहीं रहा जाता। दुनिया में आने के बाद भाषा सीखने में उसने सिर्फ एक ही वर्ष लगाया होगा। उसके बाद से जितनी देर तक सो नहीं पाती है, उस समय का एक पल भी वह चुप्पी में नहीं खोती। उसकी माता बहुधा डाँट-फटकारकर उसकी चलती हुई जबान बन्द कर देती है; किन्तु मुझसे ऐसा नहीं होता। मिनी का मौन मुझे ऐसा अस्वाभाविक-सा प्रतीत होता है, कि मुझसे वह अधिक देर...
Mangal Sutra (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 15,200. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
प्रेमचन्द का जन्म ३१ जुलाई सन् १८८० को बनारस शहर से चार मील दूर समही गाँव में हुआ था। आपके पिता का नाम अजायब राय था। वह डाकखाने में मामूली नौकर के तौर पर काम करते थे। आपके पिता ने केवल १५ साल की आयू में आपका विवाह करा दिया। विवाह के एक साल बाद ही पिताजी का देहान्त हो गया। अपनी गरीबी से लड़ते हुए प्रेमचन्द ने अपनी पढ़ाई मैट्रिक तक पहुंचाई। जीवन के आरंभ में आप अपने गाँव से दूर बनारस पढ़ने के लिए
Kankaal (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 67,340. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
प्रतिष्ठान के खँडहर में और गंगा-तट की सिकता-भूमि में अनेक शिविर और फूस के झोंपड़े खड़े हैं। माघ की अमावस्या की गोधूली में प्रयाग में बाँध पर प्रभात का-सा जनरव और कोलाहल तथा धर्म लूटने की धूम कम हो गयी है; परन्तु बहुत-से घायल और कुचले हुए अर्धमृतकों की आर्तध्वनि उस पावन प्रदेश को आशीर्वाद दे रही है। स्वयं-सेवक उन्हें सहायता पहुँचाने में व्यस्त हैं। यों तो प्रतिवर्ष यहाँ पर जन-समूह एकत्र होता है...
Kafan (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,070. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
झोपड़े के द्वार पर बाप और बेटा दोनों एक बुझे हुए अलाव के सामने चुपचाप बैठे हुए हैं और अन्दर बेटे की जवान बीबी बुधिया प्रसव-वेदना में पछाड़ खा रही थी। रह-रहकर उसके मुँह से ऐसी दिल हिला देने वाली आवाज़ निकलती थी, कि दोनों कलेजा थाम लेते थे। जाड़ों की रात थी, प्रकृति सन्नाटे में डूबी हुई, सारा गाँव अन्धकार में लय हो गया था। घीसू ने कहा-मालूम होता है, बचेगी नहीं। सारा दिन दौड़ते हो गया, जा देख तो आ।
Holi Ka Uphar (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 2,150. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
मैकूलाल अमरकान्त के घर शतरंज खेलने आये, तो देखा, वह कहीं बाहर जाने की तैयारी कर रहे हैं। पूछा-कहीं बाहर की तैयारी कर रहे हो क्या भाई? फुरसत हो, तो आओ, आज दो-चार बाजियाँ हो जाएँ। अमरकान्त ने सन्दूक में आईना-कंघी रखते हुए कहा-नहीं भाई, आज तो बिलकुल फुरसत नहीं है। कल जरा ससुराल जा रहा हूँ। सामान-आमान ठीक कर रहा हूँ। मैकू-तो आज ही से क्या तैयारी करने लगे? चार कदम तो हैं। शायद पहली बार जा रहे हो?
Grah Niti Aur Naya Vivah (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 9,820. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
गृह-नीति जब माँ, बेटे से बहू की शिकायतों का दफ्तर खोल देती है और यह सिलसिला किसी तरह खत्म होते नजर नहीं आता, तो बेटा उकता जाता है और दिन-भर की थकान के कारण कुछ झुँझलाकर माँ से कहता है, 'तो आखिर तुम मुझसे क्या करने को कहती हो अम्माँ ? मेरा काम स्त्री को शिक्षा देना तो नहीं है। यह तो तुम्हारा काम है ! तुम उसे डाँटो, मारो,जो सजा चाहे दो। मेरे लिए इससे ज्यादा खुशी की और क्या बात हो सकती है...
Ghaswali Aur Dil ki Rani (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 11,220. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
घासवाली मुलिया हरी-हरी घास का गट्ठा लेकर आयी, तो उसका गेहुआँ रंग कुछ तमतमाया हुआ था और बड़ी-बड़ी मद-भरी आँखो में शंका समाई हुई थी। महावीर ने उसका तमतमाया हुआ चेहरा देखकर पूछा- क्या है मुलिया, आज कैसा जी है। मुलिया ने कुछ जवाब न दिया- उसकी आँखें डबडबा गयीं! महावीर ने समीप आकर पूछा- क्या हुआ है, बताती क्यों नहीं? किसी ने कुछ कहा है, अम्माँ ने डाँटा है, क्यों इतनी उदास है?
Ghar Jamai Aur Dhikkar (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 10,320. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
घर जमाई हरिधन जेठ की दुपहरी में ऊख में पानी देकर आया और बाहर बैठा रहा। घर में से धुआँ उठता नजर आता था। छन-छन की आवाज भी आ रही थी। उसके दोनों साले उसके बाद आये और घर में चले गए। दोनों सालों के लड़के भी आये और उसी तरह अंदर दाखिल हो गये; पर हरिधन अंदर न जा सका। इधर एक महीने से उसके साथ यहाँ जो बर्ताव हो रहा था और विशेषकर कल उसे जैसी फटकार सुननी पड़ी थी, वह उसके पाँव में बेड़ियाँ-सी डाले हुए था।
Eidgah Aur Gulli Danda (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 8,030. Language: Hindi. Published: June 28, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
ईदगाह रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, यानी संसार को ईद की बधाई दे रहा है। गाँव में कितनी हलचल है। ईदगाह जाने की तैयारियाँ हो रही हैं। किसी के कुरते में बटन नहीं है, पड़ोस के घर में सुई-धागा लेने दौड़ा जा रहा है।
Duniya Ka Sabse Anmol Ratan (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,540. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
दिलफ़िगार एक कँटीले पेड़ के नीचे दामन चाक किये बैठा हुआ खून के आँसू बहा रहा था। वह सौन्दर्य की देवी यानी मलका दिलफ़रेब का सच्चा और जान देने वाला प्रेमी था। उन प्रेमियों में नहीं, जो इत्र-फुलेल में बसकर और शानदार कपड़ों से सजकर आशिक के वेश में माशूक़ियत का दम भरते हैं। बल्कि उन सीधे-सादे भोले-भाले फ़िदाइयों में जो जंगल और पहाड़ों से सर टकराते हैं और फ़रियाद मचाते फिरते हैं। दिलफ़रेब ने उससे कहा था
Doodh ka Daam Aur Do Bailon ki Katha (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 7,640. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
दूध का दाम अब बड़े-बड़े शहरों में दाइयाँ, नर्सें और लेडी डाक्टर, सभी पैदा हो गयी हैं; लेकिन देहातों में जच्चेखानों पर अभी तक भंगिनों का ही प्रभुत्व है और निकट भविष्य में इसमें कोई तब्दीली होने की आशा नहीं। बाबू महेशनाथ अपने गाँव के जमींदार थे, शिक्षित थे और जच्चेखानों में सुधार की आवश्यकता को मानते थे, लेकिन इसमें जो बाधाएँ थीं, उन पर कैसे विजय पाते ?
Chamatkar Aur Beti Ka Dhan (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,850. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
चमत्कार बी.ए. पास करने के बाद चन्द्रप्रकाश को एक टयूशन करने के सिवा और कुछ न सूझा। उसकी माता पहले ही मर चुकी थी, इसी साल पिता का भी देहान्त हो गया और प्रकाश जीवन के जो मधुर स्वप्न देखा करता था, वे सब धूल में मिल गये। पिता ऊँचे ओहदे पर थे, उनकी कोशिश से चन्द्रप्रकाश को कोई अच्छी जगह मिलने की पूरी आशा थी; पर वे सब मनसूबे धरे रह गये और अब गुजर-बसर के लिए वही 30) महीने की टयूशन रह गई।
Bilashi (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 1,750. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
पक्का दो कोस रास्ता पैदल चलकर स्कूल में पढ़ने जाया करता हूँ। मैं अकेला नहीं हूँ, दस-बारह जने हैं। जिनके घर देहात में हैं, उनके लड़कों को अस्सी प्रतिशत इसी प्रकार विद्या-लाभ करना पड़ता है। अत: लाभ के अंकों में अन्त तक बिल्कुल शून्य न पड़ने पर भी जो पड़ता है, उसका हिसाब लगाने के लिए इन कुछेक बातों पर विचार कर लेना काफी होगा कि जिन लड़कों को सबेरे आठ बजे के भीतर ही बाहर निकल कर आने-जाने में चार....
Beton Wali Vidhwa Aur Maa (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 13,100. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary criticism
बेटोंवाली विधवा पंडित अयोध्यानाथ का देहांत हुआ तो सबने कहा, ईश्वर आदमी की ऐसी ही मौत दे। चार जवान बेटे थे, एक लड़की। चारों लड़कों के विवाह हो चुके थे, केवल लड़की क्‍वाँरी थी। संपत्ति भी काफी छोड़ी थी। एक पक्का मकान, दो बगीचे, कई हजार के गहने और बीस हजार नकद। विधवा फूलमती को शोक तो हुआ और कई दिन तक बेहाल पड़ी रही, लेकिन जवान बेटों को सामने देखकर उसे ढाढ़स हुआ।
Anupama Ka Prem (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 2,950. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी। वह समझती थी, मनुष्य के हृदय में जितना प्रेम, जितनी माधुरी, जितनी शोभा, जितना सौंदर्य, जितनी तृष्णा है, सब छान-बीनकर, साफ कर उसने अपने मष्तिष्क के भीतर जमा कर रखी है। मनुष्य- स्वभाव, मनुष्य-चरित्र, उसका नख दर्पण हो गया है। संसार में उसके लिए सीखने योग्य वस्तु और कोई नही है, सबकुछ जान चुकी है, सब कुछ सीख चुकी है।
Alankar (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 61,460. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
उन दिनों नील नदी के तट पर बहुत से तपस्वी रहा करते थे। दोनों ही किनारों पर कितनी ही झोंपड़ियां थोड़ी थोड़ी दूर पर बनी हुई थीं। तपस्वी लोग इन्हीं में एकान्तवास करते थे और जरूरत पड़ने पर एक दूसरे की सहायता करते थे। इन्हीं झोंपड़ियों के बीच में जहां तहां गिरजे बने हुए थे। परायः सभी गिरजाघरों पर सलीब का आकार दिखाई देता था। धमोर्त्सवों पर साधु सन्त दूर दूर से वहां आ जाते थे।
Aahuti (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 3,480. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
आनन्द ने गद्देदार कुर्सी पर बैठकर सिगार जलाते हुए कहा-आज विशम्भर ने कैसी हिमाकत की! इम्तहान करीब है और आप आज वालण्टियर बन बैठे। कहीं पकड़ गये, तो इम्तहान से हाथ धोएँगे। मेरा तो खयाल है कि वजीफ़ा भी बन्द हो जाएगा। सामने दूसरे बेंच पर रूपमणि बैठी एक अखबार पढ़ रही थी। उसकी आँखें अखबार की तरफ थीं; पर कान आनन्द की तरफ लगे हुए थे। बोली-यह तो बुरा हुआ। तुमने समझाया नहीं?
11 Vars Ka Samay (Hindi)
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Price: $0.99 USD. Words: 5,510. Language: Hindi. Published: June 27, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
दिन-भर बैठे-बैठे मेरे सिर में पीड़ा उत्‍पन्‍न हुई : मैं अपने स्‍थान से उठा और अपने एक नए एकांतवासी मित्र के यहाँ मैंने जाना विचारा। जाकर मैंने देखा तो वे ध्‍यान-मग्‍न सिर नीचा किए हुए कुछ सोच रहे थे। मुझे देखकर कुछ आश्‍चर्य नहीं हुआ; क्‍योंकि यह कोई नई बात नहीं थी। उन्‍हें थोड़े ही दिन पूरब से इस देश मे आए हुआ है। नगर में उनसे मेरे सिवा और किसी से विशेष जान-पहिचान नहीं है;
Path Ke Davedar (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 80,560. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
अपूर्व के मित्र मजाक करते, ''तुमने एम. एस-सी. पास कर लिया, लेकिन तुम्हारे सिर पर इतनी लम्बी चोटी है। क्या चोटी के द्वारा दिमाग में बिजली की तरंगें आती जाती रहती हैं?'' अपूर्व उत्तर देता, ''एम. एस-सी. की किताबों में चोटी के विरुध्द तो कुछ लिखा नहीं मिलता। फिर बिजली की तरंगों के संचार के इतिहास का तो अभी आरम्भ ही नहीं हुआ है। विश्वास न हो तो एम. एस-सी. पढ़ने वालों से पूछकर देख लो।''
Dehati Samaj (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 44,190. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
बाबू वेणी घोषाल ने मुखर्जी बाबू के घर में पैर रखा ही था कि उन्हें एक स्त्री दीख पड़ी, पूजा में निमग्न। उसकी आयु थी, यही आधी के करीब। वेणी बाबू ने उन्हें देखते ही विस्मय से कहा, 'मौसी, आप हैं! और रमा किधर है?' मौसी ने पूजा में बैठे ही बैठे रसोईघर की ओर संकेत कर दिया। वेणी बाबू ने रसोईघर के पास आ कर रमा से प्रश्‍न किया - 'तुमने निश्‍चय किया या नहीं, यदि नहीं तो कब करोगी?' रमा रसोई में व्यस्त थी।
Nirmala (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 63,980. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
यों तो बाबू उदयभानुलाल के परिवार में बीसों ही प्राणी थे, कोई ममेरा भाई था, कोई फुफेरा, कोई भांजा था, कोई भतीजा, लेकिन यहां हमें उनसे कोई प्रयोजन नहीं, वह अच्छे वकील थे, लक्ष्मी प्रसन्न थीं और कुटुम्ब के दरिद्र प्राणियों को आश्रय देना उनका कत्तव्य ही था। हमारा सम्बन्ध तो केवल उनकी दोनों कन्याओं से है, जिनमें बड़ी का नाम निर्मला और छोटी का कृष्णा था। अभी कल दोनों साथ-साथ गुड़िया खेलती थीं।
Rangbhumi (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 245,070. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
शहर अमीरों के रहने और क्रय-विक्रय का स्थान है। उसके बाहर की भूमि उनके मनोरंजन और विनोद की जगह है। उसके मध्‍य भाग में उनके लड़कों की पाठशालाएँ और उनके मुकद़मेबाजी के अखाड़े होते हैं, जहाँ न्याय के बहाने गरीबों का गला घोंटा जाता है। शहर के आस-पास गरीबों की बस्तियाँ होती हैं। बनारस में पाँड़ेपुर ऐसी ही बस्ती है।
Prema (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 42,610. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
संध्या का समय है, डूबने वाले सूर्य की सुनहरी किरणें रंगीन शीशो की आड़ से, एक अंग्रेजी ढंग पर सजे हुए कमरे में झॉँक रही हैं जिससे सारा कमरा रंगीन हो रहा है। अंग्रेजी ढ़ंग की मनोहर तसवीरें, जो दीवारों से लटक रहीं है, इस समय रंगीन वस्त्र धारण करके और भी सुंदर मालूम होती है। कमरे के बीचोंबीच एक गोल मेज़ है जिसके चारों तरफ नर्म मखमली गद्दोकी रंगीन कुर्सियॉ बिछी हुई है।
Srikanta (Hindi)
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Price: $4.99 USD. Words: 227,470. Language: Hindi. Published: June 26, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
मेरी सारी जिन्दगी घूमने में ही बीती है। इस घुमक्कड़ जीवन के तीसरे पहर में खड़े होकर, उसके एक अध्याापक को सुनाते हुए, आज मुझे न जाने कितनी बातें याद आ रही हैं। यों घूमते-फिरते ही तो मैं बच्चे से बूढ़ा हुआ हूँ। अपने-पराए सभी के मुँह से अपने सम्बन्ध में केवल 'छि:-छि:' सुनते-सुनते मैं अपनी जिन्दगी को एक बड़ी भारी 'छि:-छि:' के सिवाय और कुछ भी नहीं समझ सका।
Pratigya (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 27,850. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
देवकी - 'जा कर समझाओ-बुझाओ और क्या करोगे। उनसे कहो, भैया, हमारा डोंगा क्यों मझधार में डुबाए देते हो। तुम घर के लड़के हो। तुमसे हमें ऐसी आशा न थी। देखो कहते क्या हैं।' देवकी - 'आखिर क्यों? कोई हरज है?' देवकी ने इस आपत्ति का महत्व नहीं समझा। बोली - 'यह तो कोई बात नहीं आज अगर कमलाप्रसाद मुसलमान हो जाए, तो क्या हम उसके पास आना-जाना छोड़ देंगे? हमसे जहाँ तक हो सकेगा, हम उसे समझाएँगे ...
Karmabhumi (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 129,270. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
हमारे स्कूलों और कॉलेजों में जिस तत्परता से फीस वसूल की जाती है, शायद मालगुजारी भी उतनी सख्ती से नहीं वसूल की जाती। महीने में एक दिन नियत कर दिया जाता है। उस दिन फीस का दाखिला होना अनिवार्य है। या तो फीस दीजिए, या नाम कटवाइए, या जब तक फीस न दाखिल हो, रोज कुछ जुर्माना दीजिए। कहीं-कहीं ऐसा भी नियम है कि उसी दिन फीस दुगुनी कर दी जाती है, और किसी दूसरी तारीख को दुगुनी फीस न दी तो नाम कट जाता है।
Gaban (Hindi)
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Price: $2.99 USD. Words: 108,000. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
बरसात के दिन हैं, सावन का महीना । आकाश में सुनहरी घटाएँ छाई हुई हैं । रह - रहकर रिमझिम वर्षा होने लगती है । अभी तीसरा पहर है ; पर ऐसा मालूम हों रहा है, शाम हो गयी । आमों के बाग़ में झूला पड़ा हुआ है । लड़कियाँ भी झूल रहीं हैं और उनकी माताएँ भी । दो-चार झूल रहीं हैं, दो चार झुला रही हैं । कोई कजली गाने लगती है, कोई बारहमासा । इस ऋतु में महिलाओं की बाल-स्मृतियाँ भी जाग उठती हैं ।
Sangram Part 1-5 (Hindi)
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Price: $4.99 USD. Words: 54,020. Language: Hindi. Published: June 25, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
प्रभात का समय। सूर्य की सुनहरी किरणें खेतों और वृक्षों पर पड़ रही हैं। वृक्षपुंजों में पक्षियों का कलरव हो रहा है। बसंत ऋतु है। नई-नई कोपलें निकल रही हैं। खेतों में हरियाली छाई हुई है। कहीं-कहीं सरसों भी फूल रही है। शीत-बिंदु पौधों पर चमक रहे हैं। हलधर : अब और कोई बाधा न पड़े तो अबकी उपज अच्छी होगी। कैसी मोटी-मोटी बालें निकल रही हैं। राजेश्वरी : यह तुम्हारी कठिन तपस्या का फल है।
Kamasutra with Sexual Positions (Illustrated)
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Price: $5.99 USD. Words: 64,300. Language: English. Published: June 17, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Erotica » Women's Erotica
In the beginning, the Lord of Beings created men and women, and in the form of commandments in one hundred thousand chapters laid down rules for regulating their existence with regard to Dharma,[1] Artha,[2] and Kama.[3] Some of these commandments, namely those which treated of Dharma, were separately written by Swayambhu Manu; those that related to Artha were compiled by Brihaspati;
Godaan (Hindi)
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Price: $3.99 USD. Words: 174,120. Language: English. Published: April 22, 2014 by Sai ePublications. Category: Fiction » Literature » Literary
होरीराम ने दोनों बैलों को सानी-पानी दे कर अपनी स्त्री धनिया से कहा - गोबर को ऊख गोड़ने भेज देना। मैं न जाने कब लौटूँ। जरा मेरी लाठी दे दे। धनिया के दोनों हाथ गोबर से भरे थे। उपले पाथ कर आई थी। बोली - अरे, कुछ रस-पानी तो कर लो। ऐसी जल्दी क्या है? होरी ने अपने झुर्रियों से भरे हुए माथे को सिकोड़ कर कहा - तुझे रस-पानी की पड़ी है, मुझे यह चिंता है कि अबेर हो गई तो मालिक से भेंट न होगी।
Philosophy of Religion
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Price: $4.99 USD. Words: 87,610. Language: English. Published: October 19, 2013 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Philosophy » Religious philosophy
Philosophy of Religion starts with the presupposition that religion and religious ideas can be taken out of the domain of feeling or practical experience and made objects of scientific reflection. It implies that, whilst religion and philosophy have the same objects, the attitude of the human spirit towards these objects is in each case, different.
Knowledge of Herbs
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Price: $4.99 USD. Words: 29,260. Language: English. Published: August 22, 2013 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Health, wellbeing, & medicine » Alternative medicine
Ailanthus Almond Apple Tree Arabian Jasmine Arjun Tree Asafoetida Asiatic grewia Asparagus Bacopa Balanite Bamboo Banyan Tree Barbados Aloe Barbreng Bauhinia-Red (Red Ebony) Beleric Myrobalans/ Beddanut
Sexual Positions
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Price: $2.99 USD. Words: 7,680. Language: English. Published: August 21, 2013 by Sai ePublications. Category: Fiction » Erotica » General
Position 1. "69" - THE POSITION OF MUTUAL SUCKING Position 2. "PENETRATING THE EYE" Position 3. "CLIMBING THE TREE" Position 4. "PENETRATION WITH DEEP BACKWARD MOVEMENT" Variant 1 Position 5. "THE GAZELLE AND THE STALLION" Position 6. "THE PIVOT" Position 7. "THE BLOW OF THE BULL" Position 8. "SEESAWING" Position 9. "BUTTERING" Position 10. "THE CONCEALED DOOR" Variant 1
Indian Cook Book
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Price: $3.99 USD. Words: 16,210. Language: English. Published: February 15, 2013 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Cooking, Food, Wine, Spirits » Indian
Many regard curry as one of the new things in cookery. This is a mistake. Curry is an old, old method of preparing meats and vegetables. Nor is it an East Indian method exclusively. In all Oriental and tropical countries foods are highly seasoned, and although the spices may differ, and although the methods of preparation may not be the same, nevertheless, ...
Kamasutra with Ancient & Modern Illustrations
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Price: $5.99 USD. Words: 67,200. Language: English. Published: February 15, 2013 by Sai ePublications. Category: Fiction » Erotica » Historical
Man should study the Kama Sutra and the arts and sciences subordinate thereto, in addition to the study of the arts and sciences contained in Dharma and Artha. Even young maids should study this Kama Sutra along with its arts and sciences before marriage, and after it they should continue to do so with the consent of their husbands.
Thought-Forms
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Price: $1.99 USD. Words: 21,250. Language: English. Published: February 1, 2013 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Philosophy » New age philosophy
As knowledge increases, the attitude of science towards the things of the invisible world is undergoing considerable modification. Its attention is no longer directed solely to the earth with all its variety of objects, or to the physical worlds around it; but it finds itself compelled to glance further afield, and to construct hypotheses as to the nature of the matter and force which lie in ...
आरती संग्रह
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Price: $1.99 USD. Words: 5,270. Language: Hindi. Published: January 28, 2013 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Religion and Spirituality » Hinduism
1. श्री गणेशजी की आरती 2. श्री लक्ष्मीजी की आरती 3. श्री शिवजी की आरती 4. श्री भैरवजी की आरती 5. श्री गोरखनाथजी की आरती 6. श्री पार्वतीजी की आरती 7. श्री अम्बेजी की आरती 8. श्री हनुमानजी की आरती 9. श्री बालाजी की आरती 10. श्री गायत्रीजी की आरती 11. श्री अन्नपूर्णा देवी जी की आरती 12. श्री अथ वृहस्पतिवार की आरती 13. श्री अथ बुधवार की आरती 14. श्री गंगाजी की आरती 15. श्री गौरीनंदनजी की आरती
भारत यात्रा : तीर्थ एवं दर्शनीय स्थल
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Price: $3.99 USD. Words: 33,210. Language: Hindi. Published: January 26, 2013 by Sai ePublications. Category: Nonfiction » Religion and Spirituality » Religious philosophy
माता का बुलावा है भारत के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का दरबार है वैष्णों देवी का मंदिर। भक्तों को शांति और कामनाओं की पूर्ति करने वाली मां मनोहारी त्रिकूट पर्वतमाला के अंचल में अवस्थित है। इस धर्मस्थान को प्रकृति ने स्वंय अपने हाथों से रचा है। इस धर्म स्थल की उत्पत्ति कब और कैसे हुई कोई सही जानकारी प्राप्त नहीं है फिर भी इस गुफा के बारे में कई कथाएं प्रचलित है। एक पौराणिक कथा बताती है कि वैष्णो


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