वर्जिन साहित्यपीठ

Biography

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Books

सरयू तीरे तीरथ (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 14,650. Language: Hindi. Published: October 29, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
यह मेरी प्रथम पुस्तक है। मैं बचपन से ही साहित्य से बड़ा लगाव रखता था। इस पुस्तक के लिखने का सबसे बड़ा श्रेय मैं श्री देवेंद्र सोनी जी को जाता है। मैं दसवीं का परीक्षा फल देखने के पश्चात पूर्णतया अवसाद ग्रस्त हो गया था। तभी फेसबुक पर मुझे आप मिले। आपकी प्रेरणादायक लघुकथाओं ने मुझे लिखना और जीना सिखाया। मैं विशेष आभार अग्रज कृष्ण कुमार द्विवेदी जी का भी करना चाहूँगा जिन्होंने मुझे लेखन हित में सदैव
बचपन के झरोखे से (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 1,250. Language: Hindi. Published: October 11, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
बालमन स्वभाव से ही सरल व चंचल होता है। छोटी-छोटी बातों में ही कभी प्रसन्न तो कभी रूठ जाता है। उलाहना देना तो बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है। वो इसका प्रयोग बखूबी करते भी हैं। बच्चों के इस तरह रूठने, मनाने, उलाहना देने और छोटी-सी बातों में ही खुश हो जाने के विभिन्न भावों को मैंने कुछ कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया है। मेरा मानना है कि बच्चों का मन कोरा कागज़ होता है। उन्हें हमारी संस्कृति और संस
काव्य मञ्जूषा 2
Price: $1.00 USD. Words: 11,330. Language: Hindi. Published: October 8, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मरद अब दूसरी औरत ले आया है मिथिलेश कुमार राय मरद अब दूसरी औरत ले आया है पहली औरत पाँच बेटियाँ जनने के बाद दरवाजे पर बँधी पशुओँ संग अपना दिल लगाने लगी है मरद जब भी उसे टोकता है उसकी आवाज कर्कश होती है एक छोटे से वाक्य मेँ कई तरह की भद्दी गालियाें मेँ मरद उसे रोज बताता है कि उसकी किस्मत कितनी फूटी हुई है मरद अब दूसरी औरत ले आया है मिथिलेश कुमार राय मरद अब दूसरी औरत ले आया है पहली औरत पाँच बेटियाँ
विरह के रंग (सुरिंदर कौर)
Price: $1.00 USD. Words: 4,090. Language: Hindi. Published: October 7, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
चुप से महफिल में चुप से महफिल में वो आये हुये है। बातें, होठों में कुछ दबाये हुये है। आँख से गिरे है, शबनम के कतरे शोले दिल में दफनाये हुये है । दिल ही जाने अब दिल की ये बातें हम तो दिलो जाँ, लुटाये हुये है। चुप से महफिल में चुप से महफिल में वो आये हुये है। बातें, होठों में कुछ दबाये हुये है। आँख से गिरे है, शबनम के कतरे शोले दिल में दफनाये हुये है । दिल ही जाने अब दिल की ये बातें हम
आओ याद करें
Price: $1.00 USD. Words: 5,860. Language: Hindi. Published: August 30, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
हिंदी बाल साहित्य की सृजन सुधा अनन्य प्रणयिनी प्रज्ञा गुप्ता ने संपादन, कहानी, बाल कविता, संस्मरण बाल जीवनी के माध्यम से हिंदी बाल साहित्य रचना को नई दृष्टि और गति प्रदान की है। रसायन शास्त्र में एम.एस-सी. प्रज्ञा ने बच्चों को प्रेरक और औत्सुक्य पूर्ण साहित्य रचना और पाठक के प्रति जिज्ञासा वृत्ति को पर्याप्त प्रोत्साहित किया है। उनका बाल साहित्य चिंतन निश्चय ही उपादेय, महत्वपूर्ण और स्तुत्य है।
shabdo ki mala
Price: $2.00 USD. Words: 4,340. Language: Hindi. Published: August 21, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
कविता.... शब्दों का जादू.... भावनाओं का मेल.... चाहतों का खेल.... किसी की तड़प.... किसी की आह.... किसी की वाह....। कविता.… से क्या कुछ नहीं प्रवाहित होता है शब्दों, भावों और लेखनी के संगम से होकर। अपनी कविता की बात करूं तो साथियों के चिढ़ाने को लेकर बिन मांँ की बच्ची के हृदय के उद्गार कब कविता के अंकुर बन लहराने लगे पता भी ना चला। कविता.... शब्दों का जादू.... भावनाओं का मेल.... चाहतों का खेल....
चिंगारियाँ
Price: $2.00 USD. Words: 21,970. Language: Hindi. Published: August 8, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
‘चिंगारियां’ कविता संग्रह की अधिकतर कविताएँ मौजूदा परिवेश को रेखांकित करती हिंदी कविता के समकालीन परिदृश्य में एक सार्थक हस्तक्षेप करती हैं। फिर चाहे फरीद खान हों, कुशेश्वर महतो हों, डॉ राकेश पाठक हों, राजेंद्र श्रीवास्तव हों, विजय कांत वर्मा हों, शरद कोकास हों, विजय राठौर हों या हीरालाल नागर हों। संवेदना, अभिव्यक्ति और काव्य का ओर-छोर छूती उनकी मौलिक पहचान कराती ये कविताएँ। भरपूर है इन कविताओं का
Yah Jo Kadi Hai
Price: $2.00 USD. Words: 8,630. Language: Hindi. Published: July 31, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मेरे लिए कविता भावों की अभिव्यक्ति है। आज के युग में छंद और अलंकारों का महत्व नहीं रह गया है। गद्य कविता या मुक्तक ने स्थान ले लिया है। ऐसे में तुक मिल जाना केवल ध्वनि सौंदर्य को बढ़ाने का उपक्रम मात्र है। इस संग्रह में मैंने प्रयास किया है कि विविध विषयों के मोतियों को पिरोकर एक सुंदर माला बनाऊँ। कड़ी-कड़ी जोड़कर जीवन को अपनी दृष्टि से अवलोकित करने का प्रयास किया है। इसमें मैं कहाँ तक सफल रहा हूँ यह
Laghukatha Manjusha
Price: $2.00 USD. Words: 39,060. Language: Hindi. Published: July 31, 2018. Categories: Fiction » Literature » Literary
'लघुकथा मंजूषा' शृंखला की दूसरी पुस्तक लघुकथा मंजूषा-2 नए प्रयोग के साथ प्रस्तुत की जा रही है। इस प्रयोग के तहत पुस्तक को तीन भागों में बांटा गया है। पहले भाग में, अनुपस्थित लघुकथाकारों की उपस्थित लघुकथाएं रखी गई हैं (अर्थात वे लघुकथाकार, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, किन्तु उनकी लघुकथाएं आज भी उनकी उपस्थिति दर्ज कराने में सक्षम हैं।), ताकि नियमों में उलझने की बजाय लघुकथाकार प्रभावी लघुकथाओं को पढ़
बड़ी उम्र की स्त्रियों का प्रेम
Price: $2.00 USD. Words: 19,350. Language: Hindi. Published: July 9, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
घरेलू स्त्रियाँ होतीं है उनकी उपस्थिति, अनिवार्य..........किन्तु, होता है जैसे ज्योमेट्री बॉक्स में उपस्थित सैट स्क्वायर। होता है जैसे वर्णमाला, में उपस्थित ङ, ञ। होती है जैसे ट्रैफिक बत्ती के खंभे में उपस्थित वो पीली बत्ती। होती है जैसे मसालेदार सब्जी में उपस्थिति तेजपत्ते की। होता है जैसे पैतालीस बाद की स्त्रियों के शरीर में गर्भाशय। घरेलू स्त्रियाँ होतीं है उनकी उपस्थिति, अनिवार्य..
પડાવ
Price: $1.00 USD. Words: 37,530. Language: Gujarati. Published: June 28, 2018. Categories: Fiction » Biographical
શેઠ ધનસુખલાલની કાર ધીમી ગતિ થી બરોડા થી સાવલી તરફ આગળ વધી રહી છે. ધનસુખલાલ પાછળની સીટમાં બેઠા છે અને મધુકાકા ડ્રાઈવિંગ સીટ પર. મધુકાકા છેલ્લા દશ વર્ષ નાં વફાદાર ડ્રાઈવર . શેઠ ધનસુખલાલે ઘણા સમયથી સાવલી ના આચાર્ય મહાસુખનંદજીનાં આશ્રમ વિષે સાંભળ્યું હતું અને આશ્રમની મુલાકાત અને આચાર્યશ્રીનાં દર્શન ની ઈચ્છા જાગી હતી. શેઠ ધનસુખલાલની કાર ધીમી ગતિ થી બરોડા થી સાવલી તરફ આગળ વધી રહી છે. ધનસુખલાલ પાછળ
अजनबी शहर
Price: $1.00 USD. Words: 5,990. Language: Hindi. Published: June 28, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
ग़ज़ल हिन्दी और उर्दू भाषा की बेहतरीन और बहुचर्चित काव्य विधा है जो मन में इधर-उधर बेख़ौफ़ घूम रहे ख्यालातों और जज़्बातों को लफ़्ज़ों का खूबसूरत चोला पहना कर लिखने वाले के घर से पढ़ने वाले के दर तक पहुँचाती है। मैं अपनी पहली पुस्तक “अजनबी शहर” ग़ज़ल संग्रह के माध्यम से आपसे मुखातिब हो रही हूँ। इस ग़ज़ल संग्रह में बहुत ही सीधी सपाट कलम का प्रयोग किया गया है। हर ग़ज़ल में अलग-अलग रंग की स्याही प्रयोग की गई है जो
दिल की कलम से
Price: $1.00 USD. Words: 11,250. Language: Hindi. Published: June 21, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
छः महिने की नन्ही सी गुड़िया को अपनी गोद मे उठाए रोहित सबसे मिल रहा था। जाॅब के कारण अपने शहर कम ही आना होता था। इस बार एक शादी मे शामिल हुआ तो सबसे मिलना हो गया। कहते हैं पिता और बेटी का रिश्ता सबसे अनूठा होता है। रोहित भी नन्ही ट्विषा को जान से ज्यादा चाहता था। उसे किसी को भी गोद में लेने नही देता। बड़ी मुश्किल से ऑफिस से छुट्टी मिली थी, रोहित इन खूबसूरत लम्हों का एक भी पल गवाँना नही चाहता था। पित
Romancing the Thames
Price: $2.00 USD. Words: 104,580. Language: English. Published: June 20, 2018. Categories: Fiction » Romance » Contemporary
It was in my soul’s spiritual journey to the Almighty that the author’s beautiful Hindi words and thoughts transformed themselves into an English expression. As I translated this passionate work of art, it felt as if I was transferring the beads of the author’s swarnamala onto another thread from which I crafted my own garland. At one level stood Tom’s oppression, a symbol of British yoke and at
टेम्स की सरगम
Price: $2.00 USD. Words: 45,240. Language: Hindi. Published: June 20, 2018. Categories: Fiction » Romance » Historical
बीसवीं सदी के अंग्रेजों की गुलामी के कुछ दशक भारतीय मंच पर तमाम ऐसी घटनाओं को फोकस करने में लगे रहे जिससे सम्पूर्ण जनमानस जागा और गुलामी के कलंक को माथे से मिटाने में जुट गया। आजादी का प्रयास इतना, महत्वपूर्ण हो उठा था कि तमाम धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक असमानताएँ भूल बस संघर्ष की आँच में कूद पड़ने का जनमानस बन चुका था। एकबारगी धर्म, साहित्य, कला (संगीत, नृत्य, चित्रकला) से जुड़े लोग भी कुछ ऐसी ही मानस
मुझे जन्म दो माँ
Price: $2.00 USD. Words: 17,630. Language: Hindi. Published: June 18, 2018. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Women Authors
औरत को लेकर कई सवाल मेरे दिमाग में मंडराते रहते हैं। क्यों परिवार की मान-मर्यादा, शिष्टता की सीमा रेखा लड़कियों को ही दिखाई जाती है, लड़कों को नहीं? क्यों पिता, भाई, पति, बेटे की सुरक्षा के घेरे में वह जिंदगी गुजारे? क्यों सारे व्रत, उपवास, नियम-धरम औरतों के जिम्मे? क्यों पति और पुत्र के कल्याण के लिए ही सारे व्रत, पूजा, अनुषअठान? क्यों नहीं औरतों के लिए यह सब? यह करो, यह मत करो, ऐसे उठो, ऐसे बैठो-
अन्तर्द्वन्द्व
Price: $1.00 USD. Words: 4,930. Language: Hindi. Published: June 13, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
साहित्य समाज को आईना दिखाता है और आईना कभी झूठ नहीं बोलता है। समाज की संरचना हमने और आपने ही की है, आदरणीय विजय तन्हा जी की रचनाएं पढ़ी और विवश हो गया सोचने को। वर्तमान परिप्रेक्ष्य एवं विसंगतियों का मार्मिक शब्द चित्र है विजय तन्हा का काव्य संग्रह "अन्तर्द्वन्द्व" जिसमें "अहसास", "पेट की आग", "अपनापन", "एक सच" आदि रचनाओं में हृदय को स्पर्श कर झकझोर देने की क्षमता है। "पैगाम" शीर्षक की रचना
फूलों की खेती
Price: $2.00 USD. Words: 6,080. Language: Hindi. Published: June 10, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
माओवादी नहीं हूँ मैं खेत में खलिहान में काम करता हूँ ईंट भट्टा में क्रेशर मशीनों में काम कर पेट भरता हूँ तुम्हारी भाषा मुझे आती नहीं देह का रंग मेरा अलग है इसलिए तुमने माओवादी करार दिया आतंकवादी,चोर वैगरह कहकर प्रताड़ित किया मैं जंगलों-पहाड़ों में माओवादी नहीं हूँ मैं खेत में खलिहान में काम करता हूँ ईंट भट्टा में क्रेशर मशीनों में काम कर पेट भरता हूँ तुम्हारी भाषा मुझे आती नहीं देह का रंग मेरा अ
फिट्'टे मूंह तुंदा (डोगरी काह्'नी ते लेख संग्रैह्)
Price: $1.00 USD. Words: 7,310. Language: Hindi. Published: June 10, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
फिट्'टे मूंह तुंदा (निक्की काह्'नीं) रतन डोगरी ते डोगरी दे कलमकारें दे भविक्ख दे बारे च डूंह्'गा सोचे करदा हा। ओह् सोचै करदा हा जे फकीरे दे कनवीनर बनदे गै कलमकारें कियां उस्सी सिरै उप्पर चुकी लैता ऐ? हर पुस्तक विमोचन उप्पर फकीरे गी गै प्रधानता दित्ती जा करदी ऐ? रत्न गी बिंद भी समझ निं ही आवै करदी जे फकीरा रातो-रात इन्ना अक्लमंद कियां होई गया ऐ, जां ए सारा कमाल डोगरी साहित्य अकादमी दिल्ली
योग और योगा की शक्ति
Price: $2.00 USD. Words: 34,020. Language: Hindi. Published: June 9, 2018. Categories: Nonfiction » Inspiration » Meditation
बह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विचारों पर आधारित ‘‘अवैकनिंग विद द ब्रह्माकुमारीज’’ टेलीविजन कार्यक्रम के अन्तर्गत बी0के0 सिस्टर शिवानी और फिल्म अभिनेता सुरेश ओबेराॅय के बीच दार्शनिक वार्ता एवं बी0के0 सिस्टर शिवानी-कनुप्रिया के साथ विभिन्न विषयों पर दार्शनिक वार्ता का उपयोग मानसिक योग की व्याख्या में की गई है। बह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विचारों पर आधारित ‘‘अवैकनिंग विद द ब्रह्माक
कटघरे में राम
Price: $2.00 USD. Words: 17,230. Language: Hindi. Published: June 2, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
ललित कुमार मिश्र साहित्यिक उपनाम विदेह निर्मोही, सोनीललित, प्रकृति नवरंग 9868429241 sonylalit@gmail.com जन्मस्थान: बिहार जन्मतिथि: 16 मार्च 1976 शिक्षा: स्नातक, राजधानी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय विधाएं: कविता, लघुकथा ललित कुमार मिश्र साहित्यिक उपनाम विदेह निर्मोही, सोनीललित, प्रकृति नवरंग 9868429241 sonylalit@gmail.com जन्मस्थान: बिहार जन्मतिथि: 16 मार्च 1976 शिक्षा: स्नातक, राजधान
प्यार के फूल
Price: $1.00 USD. Words: 16,130. Language: Hindi. Published: May 30, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
मेरे प्रिय पाठकों का, जिनका दुलार और सहयोग हमेशा मेरे साथ है। माँ शारदे का, जिनकी कृपा दृष्टि मुझ पर हमेशा बनी रहती है। वर्जिन साहित्यपीठ का, मेरे कहानी संग्रह को प्रकाशित करने के लिए। ईश्वर की असीम अनुकम्पा से मेरा पहला कहानी संग्रह आपके समक्ष प्रस्तुत है। भूलबश हुई गलतियों हेतु क्षमा प्रार्थी, एवं आपके सुझावों हेतु प्रतीक्षारत। आप हमें अपने सुझाव 9719469899 पर दे सकते हैं। कहानी संग्रह का लुत्फ़
व्यथा मेरी? (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 2,450. Language: Hindi. Published: May 29, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
आशीर्वाद व शुभकामनाऐं। श्री इंदु भूषण बाली को मैं व्यक्तिगत रूप से पिछले 25 वर्षों से जानता हूँ। वह एक मेधावी व्यक्तित्व के स्वामी हैं। वह सदैव अपने शब्दों पर अडिग रहते हैं। वह हमेशा से अपने अधिकारों के लिए संघर्षशील हैं। इनका समस्त जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पित है। वह डोगरी भाषा के एक प्रसिद्ध कवि हैं और बहुत अच्छी कविताएं भी लिखते हैं। वह कर्त्तव्यनिष्ठ एवं कर्मशील व्यक्ति हैं। डा. बी.डी. शर्म
कहानी मञ्जूषा (कहानी संकलन)
Price: $2.00 USD. Words: 26,360. Language: Hindi. Published: May 28, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
मित्रों, कहानी मंजूषा का ये अंक आप सब के समक्ष प्रस्तुत है। कहानी सच को झूठ में लपेटकर कहने की कला होती है। अभिव्यक्ति के माध्यमों में सबसे सशक्त कहानी दादी, नानी के किस्सों के रूप में हमारे पास पहले से विद्यमान थी। हमारी सभ्यता में कहानियों का इतिहास उतना ही पुराना है, जितनी पुरानी हमारी सभ्यता है। हॉलीवुड के लोग कहते हैं कि इस वक्त संसार में उपलब्ध सभी कहानियों में महाभारत सर्वश्रेष्ठ कथा है। कह
सबरनाखा
Price: $2.00 USD. Words: 2,600. Language: Hindi. Published: May 25, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
शायद तुम्हारे लिए आनंद है सप्ताह भर से भूखे पेट हूँ पेट के गड्ढे में आग जल रही है धू-धू कर हुंह और बर्दास्त नहीं हो रहा है सर के ऊपर तक आग की लपटें उठ रही हैं पेट के गड्ढे को भरने जलती आग को बुझाने के लिए तुमसे कितना प्रार्थना किया एक मुट्ठी भोजन के लिए बार-बार गया तुम्हारे पास पर तुम बचे हुए भोजन को अधखाया और जूठन को मुझे देने में तुम्हें नागवार लगा गन्दी नाली में बहा दिया शायद तुम्हारे लिए आनं
स्कूल का दादा (मनोरंजक व शिक्षाप्रद बालकथाएँ)
Price: $2.00 USD. Words: 5,330. Language: Hindi. Published: May 24, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
इसी पुस्तक से.... “नहीं पिताजी, आज से मेरा जन्मदिन केक से नहीं; बल्कि इन नन्हें पौधों के रोपने से मनेगा।” “बच्चों! मुझे व इस देश को तुम पर गर्व है। निश्चय ही अपने विद्यालय की भांति ही देश के वातावरण को भी हरा-भरा बनाने में सफल होगे।” “कभी-कभी प्रार्थना के बाद भारत माता की जय की आवाज सुनकर वह भी अपना हाथ ऊपर कर देता। पर उसकी आवाज सुनायी नहीं पड़ती। वह बोल नहीं पाता था; लेकिन उसकी आंखों में पढ़ने और
छेड़ दो तार (काव्य संग्रह)
Price: $2.00 USD. Words: 4,690. Language: Hindi. Published: May 23, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
छेड़ दो तार छेड़ दो तार वीणा के हे शारदे मन में दीपक प्रभा का दमकने लगे खिल उठें सारी कलियाँ पवन झूम ले गुन गुनायें ये पंक्षी गगन चूम ले प्यार ही प्यार हो हर दिशाओं में अब छेड़ दो तार छेड़ दो तार वीणा के हे शारदे मन में दीपक प्रभा का दमकने लगे खिल उठें सारी कलियाँ पवन झूम ले गुन गुनायें ये पंक्षी गगन चूम ले प्यार ही प्यार हो हर दिशाओं में अब छेड़ दो तार छेड़ दो तार वीणा के हे शारदे मन में दीप
सबसे अच्छा पिता
Price: $1.00 USD. Words: 2,340. Language: Hindi. Published: May 23, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
दोस्तो, मै, आलोक फोगाट आपके सामने एक मार्मिक कहानी लेकर उपस्थित हुआ हूँ, माँ-बाप कैसे पेट काटकर अपने बच्चों को पढाते हैं फिर समस्या आती है उनका भविष्य बनाने की| उच्च शिक्षा का खर्चा सुनकर तो उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं,कैसे पैसों का इंतजाम होता है, उनकी जिन्दगी में एक अजनबी का भगवान बनकर आना| यही इस कहानी का आकर्षण है| दोस्तो, मै, आलोक फोगाट आपके सामने एक मार्मिक कहानी लेकर उपस्थित हुआ हूँ, माँ-
मैं अद्वितीय हूँ (कविता संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 2,630. Language: Hindi. Published: May 22, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मत दिखाओ यह आंखें फोड़ भी देंगे यह आंखें देश मुझे अति प्रिय मेरा झुका के देखो यह आंखें शर्म नहीं आती ओ बेशर्म क्या बेच खाई हैं यह आंखें अपना समझ छोड़ा तुम्हें निर्लज्ज तु, तेरी यह आंखें देशद्रोह हमें सहन नहीं है झुकाई हैं तेरी यह आंखें मत दिखाओ यह आंखें फोड़ भी देंगे यह आंखें देश मुझे अति प्रिय मेरा झुका के देखो यह आंखें शर्म नहीं आती ओ बेशर्म क्या बेच खाई हैं यह आंखें अपना समझ छोड़ा तुम्हें नि
आप मैं और शैडो
Price: $1.00 USD. Words: 6,710. Language: Hindi. Published: May 22, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
हर आदमी कई बार स्वयं से बातें करता है और उन सारी गतिविधयों, योजनाओं, परेशानियों आदि का हल इन्ही क्रम में खोज निकलता है। यह कोई गंभीर बात नहीं बल्कि, साधारण सी बात है जिसे हम आत्ममंथन, आत्मनिर्देश अथवा आत्मसंवेदना के रूप में देखते हैं। देखा भी गया है कि जब किसी व्यक्ति की समस्या का कोई समाधान नहीं मिल पा रहा होता है, तब आत्मचेतना उस जवाब को ढूँढ लाती है। हर आदमी कई बार स्वयं से बातें करता है और उन
निर्णय लेने की शक्ति
Price: $1.00 USD. Words: 49,910. Language: Hindi. Published: May 21, 2018. Categories: Nonfiction » Religion and Spirituality » Devotional
बह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विचारों पर आधारित ‘‘अवैकनिंग विद द ब्रह्माकुमारीज’’ टेलीविजन कार्यक्रम के अन्तर्गत बी0के0 सिस्टर शिवानी और फिल्म अभिनेता सुरेश ओबेराय के बीच दार्शनिक वार्ता एवं बी0के0 सिस्टर शिवानी-कनुप्रिया के साथ विभिन्न विषयों पर दार्शनिक वार्ता को पुस्तक का आधार बनाया गया है। पुस्तक रचना में अमूल्य सहयोग देने वाली धर्म पत्नी श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव के योगदान को नकारा नही
तेरे आने की उम्मीद (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 9,370. Language: Hindi. Published: May 21, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
रुक जा रुक जा दो पल के लिए ही सही पर आज तू रुक जा रो लेने दे मुझे तेरे कांधे में सर रखकर तू आज फिर मेरा हमदम बन जा ना रोक मेरे आंसूओं को . बह जाने दे इसे तू बस मेरी इन नजरो में खो जा थाम ले एक बार फिर से इन हाथों को , जो छोड़ा था तुने ज़माने के डर से थाम के इन हाथों को तू ,फिर से अपनी महोब्बत को जिंदा कर जा रुक जा रुक जा दो पल के लिए ही सही पर आज तू रुक जा रो लेने दे मुझे तेरे कांधे में सर
अलंकरण
Price: $1.00 USD. Words: 9,060. Language: Hindi. Published: May 21, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मुझे ऐसे शहर में घर नही चाहिए सिलवटों में चादरों की बिक जाए प्यार जहाँ, मुझे ऐसे शहर में घर नहीं चाहिए| स्पर्शों में हवस हो सम्मान की ना हो जगह, मुझे ऐसे शहर में घर नहीं चाहिए| गूंजती रहीं हों जहाँ सिसकियाँ सन्नाटों में, फंस गयी हों हिचकियाँ शोरगुल के काँटों में, उम्मीद ने तोड़ा हो दम विश्वास की छाया में जहाँ, मुझे ऐसे शहर में घर नहीं चाहिए| मुझे ऐसे शहर में घर नही चाहिए सिलवटों में चादरों की ब
नाही है कोई ठिकाना (कहानी)
Price: $1.00 USD. Words: 5,230. Language: Hindi. Published: May 17, 2018. Categories: Fiction » Literature » Literary
छोटकू बाबू साहेब कब से चटोरी के बाबा केसर से पता नहीं का खुसर - फुसर कर रहे थे कि चटोरी की माई लाजवंती एकदम बेचैन हुए आंगन से ओसारी और ओसारी से आंगन कर रही थी। लगा कि उसके पेट में मरोड़ होने लगी। चापाकल से टूटहिया प्लास्टिक की बाल्टी में पानी भर कर चली गई, घर के पिछूती! वहां से आने के बाद भी वह हल्की नहीं हुई। माटी से हाथ मांज और हाथ - पैर धो फिर ओसारी में आई। देखा, अब छोटकू बाबू साहेब खटिया से उठे
अवधपति! आ जाओ इक बार (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 8,720. Language: Hindi. Published: May 15, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
भक्त की करुण पुकार सुनकर भक्तवत्सल परमपिता परमेश्वर हर युग में आए हैं, इसी अटूट विश्वास और अक्षय श्रद्धा से संतृप्त मानस भाव लेकर अवध पुकार रहा है अवधपति मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को। उस राम को जो भक्त की वांछित मनोकामना पूर्ति हेतु मानव ही नहीं अपितु पशु, पक्षी अथवा प्रकृति के रूप में भी अविलम्ब दौड़े चले आते हैं और आएँगे भी क्योंकि यह एक अबोध भक्त की पुकार है। पुरातन धरोहर, वर्तमान यथार्थ एवं भव
घमंडी सियार व अन्य कहानियाँ (बालकथा संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 14,980. Language: Hindi. Published: May 14, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
खुशियां जब मिलती हैं, तो मन को लुभाती है। ये हरेक चीज से मिल सकती है। किसी से मिलने पर खुशी मिलती है। कभी सम्मान मिलने पर हम इसे प्राप्त करते हैं। कभी पुस्तक छपने पर मन प्रफुल्लित हो जाता है। कभी कोई रिश्ता बन जाता है तो मन खुशियों से भर जाता है। ये सब खुशियां प्राप्ति करने के रास्ते हैं। जो जानेअनजाने हमें प्राप्त होते हैं। बहुत अच्छा लगता है जब अच्छे-अच्छे काम होते हैं। अच्छेअच्छे लोग मिलते हैं
अपनी-अपनी व्यथा (लघुकथा संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 14,360. Language: Hindi. Published: May 12, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
खुशियां जब मिलती हैं तो मन को लुभाती है। ये हरेक चीज से मिल सकती है। किसी से मिलने पर खुशी मिलती है। कभी सम्मान मिलने पर हम इसे प्राप्त करते हैं। कभी पुस्तक छपने पर मन प्रफुल्लित हो जाता है। कभी कोई रिश्ता बन जाए तो मन खुशियों से भर जाता है। ये सब खुशियां प्राप्ति के रास्ते हैं। जो जाने-अनजाने हमें प्राप्त होते हैं। बहुत अच्छा लगता है जब अच्छेअच्छे काम होते हैं। अच्छे-अच्छे लोग मिलते हैं। उन से ह
गुदगुदाते पल (कहानी संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 8,510. Language: Hindi. Published: May 11, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
छोटी-छोटी बातें कहने का शौक है मुझे। ‘समिश्रा’ के नाम से गद्य-पद्य, दोनों विधा में लिखती हूँ। आत्म मुग्धता? नहीं आत्म प्रवंचना? नहीं फिर क्या बात है मुझमें बस एक प्यारा सा दिल मेरा और हंसी की सौगात है मुझमें दुनिया में होंगे सुखनवर बहुत अच्छे से भी अच्छे, पर बात जो मेरी वह किसी में भी नहीं छोटी-छोटी बातें कहने का शौक है मुझे। ‘समिश्रा’ के नाम से गद्य-पद्य, दोनों विधा में लिखती हूँ। आत्म मुग
मैं और मेरे एहसास (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 7,460. Language: Hindi. Published: May 10, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
सबसे पहले मैं मेरा यह काव्य संग्रह “मैं और मेरे एहसास” के लिए श्रीमती सबा खान जी (भोपाल) का दिल से बहुत आभारी हूँ! सबा खान जी खुद लेखिका हैं…नौकरी भी करतीं हैं…बच्चों और पिछड़ी जातियों के लिये भी काम करती हैं…इतनी सारी व्यस्तता के बावजूद भी इस काव्य संग्रह के लिये इसकी ई फाइल तैयार करने में सबा खान जी ने खुशी खुशी मेरी बहुत ही मदद की है मेरे परम मित्र श्री अशोक कटेसीया जी (मेरे कालेज के मित्र) और श
भकोल (कहानी)
Price: $1.00 USD. Words: 20,000. Language: Hindi. Published: May 9, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
"भकोल" की पत्नी "सौम्या" को नेताइन बनने का शौक चर्राया था। जो नेपाल से सटे नवका गांव की रहने वाली है । समाजिक रूप से पिछड़ी जाति " रेड़ा " की बेटी सौम्या की शादी एक दूसरे समाजिक रूप से पिछड़ी जाति " बहेड़ा " के युवा भकोल से, हो तो गई थी, लेकिन दोनों में कोई जोड़ नही था। "सौम्या" गोरी, पतली, लंबी और मैट्रिक पास जबकि "भकोल" काला, मोटा, नाटा और अंगूठा छाप। क़िस्मत की मारी सौम्या बेचारी के सपने सारे
एक दिन सभी स्त्रियाँ नग्न हो जाएंगी
Price: $1.00 USD. Words: 5,450. Language: Hindi. Published: May 8, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
एक दिन सभी स्त्रियाँ नग्न हो जाएंगी तुम जानते हो स्त्रियों को अपनी देह से प्रेम होता है उनकी जान उनकी देह में ही होती है इसीलिए वे इसे सजाती सँवारती और सलीके से ज़ाहिर करती हैं वे कभी भी पूर्णतः नग्न नहीं होतीं एक दिन सभी स्त्रियाँ नग्न हो जाएंगी तुम जानते हो स्त्रियों को अपनी देह से प्रेम होता है उनकी जान उनकी देह में ही होती है इसीलिए वे इसे सजाती सँवारती और सलीके से ज़ाहिर करती हैं वे कभी भी
गुलदस्ता
Price: $1.00 USD. Words: 14,990. Language: Hindi. Published: May 8, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
अपनी बात खुशियां जब मिलती हैं तो मन को लुभाती है। ये हरेक चीज से मिल सकती है। किसी से मिलने पर खुशी मिलती है। कभी सम्मान मिलने पर हम इसे प्राप्त करते हैं। कभी पुस्तक छपने पर मन प्रफुल्लित हो जाता है। कभी कोई रिश्ता बन जाए तो मन खुशियों से भर जाता है। ये सब खुशियां प्राप्ति के रास्ते हैं। जो जाने-अनजाने हमें प्राप्त होते हैं। बहुत अच्छा लगता है जब अच्छेअच्छे काम होते हैं। अच्छे-अच्छे लोग मिलते है
बच्चे सोचते हैं (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 5,230. Language: Hindi. Published: May 6, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
बच्चे सोचते हैं बच्चे सोचते हैं- माँ कभी बीमार नहीं होती उसके घुटनों में दर्द नहीं होता हाथ नहीं दुखते शरीर थकता नहीं, वह घंटों जो कहती है बच्चे सोचते हैं बच्चे सोचते हैं- माँ कभी बीमार नहीं होती उसके घुटनों में दर्द नहीं होता हाथ नहीं दुखते शरीर थकता नहीं, वह घंटों जो कहती है बच्चे सोचते हैं बच्चे सोचते हैं- माँ कभी बीमार नहीं होती उसके घुटनों में दर्द नहीं होता हाथ नहीं दुखते शरीर थकता नहीं,
मेरी कलम रो रही है (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 2,660. Language: Hindi. Published: May 6, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
"मेरी कलम रो रही है" कविता संग्रह प्रस्तुत करते हुए मुझे अतीव प्रसन्नता हो रही है। मेरी ये कविताएँ साहित्य के हर पहलू को छूती हुई मानव चेतना को पुष्ट करती जाती हैं। जहाँ सागर की विशालता हो, वहाँ एक बूंद के रूप में स्मृतियों में अंकित चंद भावनाओं को उकेर कर मैं आशा करता हूँ कि मेरे आत्म विश्वास का यह तुहिन कण भी सागर की अनंत धाराओं में शनै शनै चलते रहने का विश्वास न खोएगा ! "मेरी कलम रो रही है " को
एक ख्वाब की मौत (कहानी संग्रह)
Price: $2.00 USD. Words: 18,080. Language: Hindi. Published: May 5, 2018. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Drama
झूला कुछ तीस साल बीत गये, शादी के बाद साल-दर-साल। अगर सब कुछ सफलता और विफलता के मामले में मापा जाता है, तो उनकी शादी एक विफल शादी थी। हालांकि वे एक साथ बने रहे, एक दूसरे के लिए बहुत कम महसूस करते थे, दिलो में कोई वास्तविक जुडाव नहीं था, पर वे एक साथ रहते रहे क्योंकि उनके कोई दूसरा विकल्प नहीं था। तलाक उनके लिए एक विदेशी शब्द था, एक बात जो समुद्र के पार होती है, गोरे लोगों के देशों में। उसके लि
बांधो नहीं मुझे (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 4,650. Language: Hindi. Published: May 4, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
आत्म मुग्धता? नहीं आत्म प्रवंचना? नहीं फिर क्या बात है मुझमें बस एक प्यारा सा दिल मेरा और हंसी की सौगात है मुझमें दुनिया में होंगे सुखनवर बहुत अच्छे से भी अच्छे, पर बात जो मेरी वह किसी में भी नहीं आत्म मुग्धता? नहीं आत्म प्रवंचना? नहीं फिर क्या बात है मुझमें बस एक प्यारा सा दिल मेरा और हंसी की सौगात है मुझमें दुनिया में होंगे सुखनवर बहुत अच्छे से भी अच्छे, पर बात जो मेरी वह किसी में भी नह
इन्द्रधनुष (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 1,060. Language: Hindi. Published: May 4, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
मन कभी शांत है बहुत, कभी हलचल भी है बहुत, कभी दर्द सहता हूँ , कभी गीत कहता हूँ कभी रमता जोगी हूँ, कभी बुद्ध रहता हूँ मैं मौन कहता हूँ दरख़्त बेजुबान ही सही, मगर दर्द तो सहता है, फिर भी छाँव देता है, फल दूंगा यही कहता है मैं मौन कहता हूँ मन कभी शांत है बहुत, कभी हलचल भी है बहुत, कभी दर्द सहता हूँ , कभी गीत कहता हूँ कभी रमता जोगी हूँ, कभी बुद्ध रहता हूँ मैं मौन कहता हूँ दरख़्त बेजुबान ही सही
एक मुलाकात
Price: $2.00 USD. Words: 8,150. Language: Hindi. Published: May 3, 2018. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Books & Reading
संस्कृत चिरञ्जीविनी भाषा है जो न कभी मरी थी न मरेगी। यह तो आज कम्प्यूटर के क्षेत्र में ऐसी प्रविष्ट हुई है जिसे नासा के लिए भी उखाड़ फेंकना आसान नहीं है। यह ग्रन्थ पाँच समकालीन संस्कृत रचनाकारों (डॉ. नवलता, डॉ. शशि तिवारी, प्रो. ताराशंकर शर्मा ‘पाण्डेय’ डॉ. जगदीश प्रसाद सेमवाल, डॉ. सुरचना त्रिवेदी) के साक्षात्कार का संकलन है। इन विद्वानों ने जहाँ संस्कृत की वर्तमान स्थिति पर दुःख प्रकट किया है वह
तूं ते अऊं (डोगरी कविता संग्रैह्)
Price: $1.00 USD. Words: 3,720. Language: Hindi. Published: May 2, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
बस तूं गै तूं ऐं खाबें च ख्यालें च सोहें च स्यालें च धुंधें च पालें च नैहरें च नालें च दुखें-कसालें च बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं । अक्खियें दी जोती च जीवन दे मोती च पत-झड़ च ब्हारें च बांकड़े नजारें च बस तूं गै तूं ऐं खाबें च ख्यालें च सोहें च स्यालें च धुंधें च पालें च नैहरें च नालें च दुखें-कसालें च बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं बस तूं गै तूं ऐं । अक्खियें दी जोती
भारत स्वाभिमान लौटाना है (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 13,600. Language: Hindi. Published: May 1, 2018. Categories: Fiction » Poetry » Contemporary Poetry
जय हिन्द, जय भारती-२ चलो उट्ठो हे देश बासियो, नया इतिहास रचाना है, भारत को स्वच्छ बनाने का, संकल्प आज दोहराना है. जय हिन्द........... इस संकल्प के साथ-साथ, गँगा को निर्मल बनाना है, अब समय नहीं कुछ है बाकी, इन कामों में लग जाना है. जय हिन्द........... जय हिन्द, जय भारती-२ चलो उट्ठो हे देश बासियो, नया इतिहास रचाना है, भारत को स्वच्छ बनाने का, संकल्प आज दोहराना है. जय हिन्द........... इस संकल
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