वर्जिन साहित्यपीठ

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साहित्यिक संवेदनाएँ और कोरोना महामारी
Price: $2.00 USD. Words: 51,920. Language: Hindi. Published: September 20, 2020. Categories: Essay » Author profile
शब्द, जब यह शब्द सुनते हैं तो कई अर्थों में हमारे सामने प्रस्तुत होता है। एक शब्द के अनेक अर्थ देखे है कई अर्थो का एक शब्द देखा है दरअसल शब्द शब्द नहीं एक संसार है जिसमें अथाह कल्पना बसी है, अथाह संवेदना छिपी है। कई शब्द को जीवन कहा गया है शायद शब्द में जीवन ढूंढा जा सकता है। शब्द के रूप अनेक देखे हैं खासकर इस महामारी में एक शब्द ने जीवन को प्रभावित किया है। कई ऐसे शब्द है जो सफलता दिलाते हैं, कई
उर्मि (काव्य संग्रह)
Price: $2.00 USD. Words: 7,080. Language: Hindi. Published: September 13, 2020. Categories: Poetry » Female authors
‘उर्मि’ कविता संग्रह कवियित्री का पहला कविता संग्रह है। इस कविता संग्रह को तीन भागों में विभाजित किया गया है। ‘नन्हीं कोंपल’ के अन्तर्गत स्कूली शिक्षा के दौरान लिखी गई रचनाओं को शामिल किया गया है। इसके बाद की रचनाओं को ‘बाद के दिन’ भाग में शामिल किया गया है। तीसरे व अन्तिम भाग ‘चलते-चलते’ में अनायास ख़्यालों को रखा गया है।
प्रेमचंद की 6 कालजयी कहानियाँ (कहानी)
Price: $2.00 USD. Words: 17,290. Language: Hindi. Published: August 22, 2020. Categories: Fiction » Literary collections » Asian / General
हमारे अँग्रेजी दोस्त मानें या न मानें मैं तो यही कहूँगा कि गुल्ली-डंडा सब खेलों का राजा है। अब भी कभी लड़कों को गुल्ली-डंडा खेलते देखता हूँ, तो जी लोट-पोट हो जाता है कि इनके साथ जाकर खेलने लगूँ। न लान की जरूरत, न कोर्ट की, न नेट की, न थापी की। मजे से किसी पेड़ से एक टहनी काट ली, गुल्ली बना ली, और दो आदमी भी आ जाए, तो खेल शुरू हो गया। विलायती खेलों में सबसे बड़ा ऐब है कि उसके सामान महँगे होते हैं।
मानवीय संवेदना की धुरी पर एक खोया हुआ आदमी (लघुकथा संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 21,400. Language: Hindi. Published: July 18, 2020. Categories: Nonfiction » Relationships & Family » Family relationships
लेखन एक चुनौती है, अपने स्थान में खड़े सम्पूर्ण जगत के प्रति...ये अनवरत यात्रा है स्वयं से स्वयं के लिए...जिसकी लम्बी उबड़ खाबड़ मानवीय संवेदनाओ की पगडंडियों पर चलता रहता है......एक खोया हुआ आदमी… निरंतर....क्रमशः……...ईश्वरीय अनुकम्पा से मैं अपनी तीसरी पुस्तक के रूप में अपना लघुकथा संग्रह ‘’एक खोया हुआ आदमी” अपने पाठकों के समक्ष रख रही हूँ...इस आशा के साथ कि पाठकों की दृष्टि इस बार भी प्रोत्साहन के र
प्रेम प्रसून (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 3,150. Language: Hindi. Published: July 12, 2020. Categories: Poetry » Female authors
'प्रेम' मात्र शब्द नहीं है। यह ऐसा पवित्र एहसास है, जिसे प्राणिमात्र अनुभव करता है व आनन्द प्राप्त करता है। वस्तुतः प्रेम में वह शक्ति है जिससे मनुष्य प्रभु को भी अपना बना लेता है। जब तक सांसारिक या दैहिक स्तर पर प्रेम का अनुभव है तब तक त्रुटि का स्थान हो सकता है; आध्यात्मिक स्तर पर प्रभु स्वयं भक्त के बन्धन में आ बंधते हैं। प्रस्तुत काव्य संग्रह "प्रेम प्रसून" में सांसारिक प्रेम बोध या साम
लघुकथा मंजूषा 5
Price: $1.00 USD. Words: 5,770. Language: Hindi. Published: July 6, 2020. Categories: Fiction » Romance » Short stories
“क्यों बे! बाप का माल समझकर मिला रहा है क्या?" गिट्टी में डामर मिलाने वाले लड़के के गाल पर थप्पड़ मारते हुए ठेकेदार चीखा। "कम डामर से बैठक नहीं बन रही थी ठेकेदार जी। सड़क अच्छी बने यही सोचकर डामर की मात्रा ठीक रखी थी।" मिमियाते हुए लड़का बोला।
Moments (Collection of the Short Stories)
Price: $1.00 USD. Words: 17,180. Language: English. Published: October 20, 2019. Categories: Fiction » Women's fiction » General
This book is a mixed bag of emotions. Stories of different moments. Some which we live, treasure, share and learn from them and some which we want to change, forget and hide within us. All these stories are based on some real life incidents. Being an astrologer I get to meet a lot of people and listen to them. Everyone comes up with an interesting story which is hard to imagine at times, so my p
लघुकथा मंजूषा 4
Price: $2.00 USD. Words: 8,230. Language: Hindi. Published: September 28, 2019. Categories: Fiction » Educational
आदमी राजेन्द्र नागर 'निरन्तर' तपती दोपहर में नगर सेठ की दुकान के सामने से निकलते समय कल्लू के बच्चे यकायक पानी की ज़िद कर बैठे तो कल्लू ने सेठ जी से याचना की, "सेठ जी, बच्चे प्यासे हैं। पानी माँग रहे हैं, कृपया पिला दीजिए।" सेठ जी झल्लाए, "अभी यहाँ कोई आदमी नहीं है। बाद में आना।" आदमी राजेन्द्र नागर 'निरन्तर' तपती दोपहर में नगर सेठ की दुकान के सामने से निकलते समय कल्लू के बच्चे यकायक पानी
The MANNEQUIN
Price: Free! Words: 530. Language: English. Published: September 1, 2019. Categories: Nonfiction » Children's Books » Writing
Moving with my head facing the ground, I moved toward the clothes' shop. The moment I stepped into the shop, I saw something very strange. It was a mannequin that looked just like me. I was surprised and a bit scared too. I moved toward it. I stood very close to it and noticed that it looked totally like me. I considered it to be just a coincidence and moved into the store. As I took a step forwar
यहाँ अधिकारी शर्म से नहीं मरते!
Price: Free! Words: 2,740. Language: Hindi. Published: September 1, 2019. Categories: Nonfiction » True Crime » White-collar crime
मैं यह संस्मरण शासन और प्रशासन के उन सभी अंगों अथवा हिस्सों को समर्पित कर रहा हूँ, जिनके कुसंस्कारों की गंदगी से भारतमाता साँस तक नहीं ले पा रही है।
ज़िंदा हूँ मैं तुझमें (काव्य संग्रह)
Price: $2.00 USD. Words: 8,840. Language: Hindi. Published: August 25, 2019. Categories: Poetry » Female authors
कविता मानवीय दर्द की गहन अभिव्यक्ति है। कल्पना उसमें अर्घ्य का काम करती है तथा अनुभूतियाँ दंशों के सत्य का आभास कराती है। “मैं नीर भरी दुख की बदली” महादेवी वर्मा की चिर-परिचित पीड़ा है जो कहीं मीरा की पीर बनती है तो कहीं वियोगी की आह में अपनत्व खोजती है। डॉ. दर्शनी प्रिय की कविताएँ इसी प्रकार का भाव-बोध लिए है। उनमें जहाँ प्रेम के प्रति समर्पण की जिजीविषा है, वहाँ समाज में व्याप्त अन्याय के लिए
परिवर्तित परिवेश (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 2,360. Language: Hindi. Published: May 5, 2019. Categories: Poetry » Female authors
परिवर्तन सृष्टि का अकाट्य नियम है। जैसे-धरती के वातावरण में परिवर्तन, भौगोलिक सीमाओं में परिवर्तन, मौसम में परिवर्तन, समाज, शिक्षा व्यवस्था जीवन मूल्यों में परिवर्तन, स्वभाव में परिवर्तन इत्यादि। इन्हीं परिवर्तनों को देखकर हृदय में जो भाव आए वही पंक्तिबद्ध होकर पुस्तक रूप में निबद्ध हैं। अपने भावों को आपके समक्ष आपके आशीर्वाद हेतु प्रेषित किया है। कृपया आशीष देकर अनुगृहीत करें। परिवर
नवाब साहब का पड़ोस (व्यंग्य संकलन)
Price: $2.00 USD. Words: 47,670. Language: Hindi. Published: May 5, 2019. Categories: Fiction » Humor & comedy » Satire
साहित्यिक पीड़ा के क्षण डेढ़ सौ कविताओ और सौ से ऊपर कहानियो का लेखक शहर मे कई दिन से पड़ा है। लेकिन शहर है कि कही खुदबुद भी नही होती, एक बुलबुला नही उठता। एकदम मुर्दा शहर है - ‘डेड’। लेखक बहुत दुखी है। उनके शहर मे आने की खबर भी कुल जमा एक अखबार ने छापी, वह भी तब जब उनके मेज बान दुबे जी ने भाग दौड़ की। अखबारो मे भी एक दम ठस लोग बैठ गये है। इतने बड़े लेखक का नाम सुनकर भी चैकते नही, आखे मिचमिचाते कहते
Time: Let's Value It (Every Night We Die!)
Price: $1.00 USD. Words: 3,400. Language: English (Indian dialect). Published: February 18, 2019. Categories: Nonfiction » Psychology » General
Time is not a single word to describe or to explain or to define. I dare to write because it's time wish to write about it. Time is going on morning to evening. Value it because the same moment will not return, that will be but the second one, the new one. Time is fickle and fearless, jumping like a deer, here and there. Time is “Sufiyana” (simple and plane), singing like kabir, carefree & self-wi
हृदय की देह पर
Price: $1.00 USD. Words: 10,920. Language: Hindi. Published: February 6, 2019. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
मैंने 13 वर्ष की अवस्था से हृदय की अभिव्यक्ति को कागज पर उतरना शुरु कर दिया था। हृदय में उगे भाव कभी पद्य बन कर बहते तो कभी गद्य बन कर अपनी कहानी कहते। जब कभी अतीत हावी होता तो कलम से साथ साथ आँखें भी टपकती और पन्नें चितते जाते। यह क्या विधा थी नही जानती थी किन्तु दुबारा पढ़ने पर कुछ अलग सा महसूस होता तो अलग उठा कर रख देती। इस प्रकार बिना कोई शास्त्र पढ़े अपनी विधाएं स्वयं बनाती गयी और सतत लिखती रह
बेटियाँ देश की शान (काव्य संग्रह)
Price: $2.00 USD. Words: 4,700. Language: Hindi. Published: January 25, 2019. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
वन्दना गूंजते ही रहे वीणा के तारों पर, वन्दना, वन्दना, वन्दना के ये स्वर। वन्दना के ये स्वर। दीन को मान दो, मां हमें ज्ञान दो, शब्दों को प्राण दो, ऐसा वरदान दो, प्रीत के गीत हों, लेखनी हो निडर। वन्दना के ये स्वर। गूंजते ही रहे वीणा के तारों पर, वन्दना, वन्दना, वन्दना के ये स्वर। वन्दना के ये स्वर। वन्दना गूंजते ही रहे वीणा के तारों पर, वन्दना, वन्दना, वन्दना के ये स्वर। वन्दना के ये स्वर। द
लघुकथा मंजूषा 3
Price: $3.00 USD. Words: 45,360. Language: Hindi. Published: January 10, 2019. Categories: Fiction » Literary collections » Asian / General
‘लघुकथा मंजूषा’ शृंखला की तीसरी पुस्तक लघुकथा मंजूषा-3 नए प्रयोग के साथ प्रस्तुत की जा रही है। इस प्रयोग के तहत इस लघुकथा संग्रहालय हेतु छः संपादकों का चयन किया गया है। इस संग्रहालय के दो भाग हैं। दोनों भागों में तीन-तीन संपादकों हेतु स्थान सुनिश्चित किया गया है। इस लघुकथा संग्रहालय में सभी संपादकों के आलेख, उनकी स्वरचित लघुकथाएँ और उनके द्वारा चयनित अन्य लघुकथाकार मित्रों की लघुकथाएँ प्रदर्शित
काव्यादर्श (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 3,860. Language: Hindi. Published: December 28, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
निराला जी की यह पंक्ति बिल्कुल ही सच है। जीवन में इंसान वस्तु के रूप में सिर्फ हारता है अपनों से, समाज से, समय से, खुद से। जीतता है तो सिर्फ खुशियों से, देने की ख़ुशी अदभुत होती है। पुस्तक हो, प्यार हो, समय हो, धन हो, विश्वास हो सभी श्रेष्ठ दान है। निराला जी की यह पंक्ति बिल्कुल ही सच है। जीवन में इंसान वस्तु के रूप में सिर्फ हारता है अपनों से, समाज से, समय से, खुद से। जीतता है तो सिर्फ खुशियों से
मैं हूँ एक भाग हिमालय का
Price: $1.00 USD. Words: 12,880. Language: Hindi. Published: December 9, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
आप सबके समक्ष अपना पहला काव्य संग्रह रखते समय बहुत ख़ुश हूँ मगर असमंजस में हूँ। मैं जन्मना कवियत्री नहीं हूँ ना ही उन महान कवि-कवियत्रियों की श्रेणी में आने की कोशिश भी कर पाऊँगी जो बहुत छोटी उम्र से कवितायें लिखते हैं परिपक्व कवि हैं। मेरा काव्य लेखन बहुत देर से शुरू हुआ। मैं अपने बच्चों के (मॉंटेसॉरी) स्कूल में हिंदी पढ़ाती थी। मॉंटेसॉरी शिक्षा मेरे हिसाब से शिक्षा का एक बेहतरीन माध्यम है। हमारे
सरयू तीरे तीरथ (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 14,650. Language: Hindi. Published: October 29, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
यह मेरी प्रथम पुस्तक है। मैं बचपन से ही साहित्य से बड़ा लगाव रखता था। इस पुस्तक के लिखने का सबसे बड़ा श्रेय मैं श्री देवेंद्र सोनी जी को जाता है। मैं दसवीं का परीक्षा फल देखने के पश्चात पूर्णतया अवसाद ग्रस्त हो गया था। तभी फेसबुक पर मुझे आप मिले। आपकी प्रेरणादायक लघुकथाओं ने मुझे लिखना और जीना सिखाया। मैं विशेष आभार अग्रज कृष्ण कुमार द्विवेदी जी का भी करना चाहूँगा जिन्होंने मुझे लेखन हित में सदैव
बचपन के झरोखे से (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 1,250. Language: Hindi. Published: October 11, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
बालमन स्वभाव से ही सरल व चंचल होता है। छोटी-छोटी बातों में ही कभी प्रसन्न तो कभी रूठ जाता है। उलाहना देना तो बच्चों का जन्मसिद्ध अधिकार है। वो इसका प्रयोग बखूबी करते भी हैं। बच्चों के इस तरह रूठने, मनाने, उलाहना देने और छोटी-सी बातों में ही खुश हो जाने के विभिन्न भावों को मैंने कुछ कविताओं के माध्यम से अभिव्यक्त किया है। मेरा मानना है कि बच्चों का मन कोरा कागज़ होता है। उन्हें हमारी संस्कृति और संस
काव्य मञ्जूषा 2
Price: $1.00 USD. Words: 11,330. Language: Hindi. Published: October 8, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
मरद अब दूसरी औरत ले आया है मिथिलेश कुमार राय मरद अब दूसरी औरत ले आया है पहली औरत पाँच बेटियाँ जनने के बाद दरवाजे पर बँधी पशुओँ संग अपना दिल लगाने लगी है मरद जब भी उसे टोकता है उसकी आवाज कर्कश होती है एक छोटे से वाक्य मेँ कई तरह की भद्दी गालियाें मेँ मरद उसे रोज बताता है कि उसकी किस्मत कितनी फूटी हुई है मरद अब दूसरी औरत ले आया है मिथिलेश कुमार राय मरद अब दूसरी औरत ले आया है पहली औरत पाँच बेटियाँ
विरह के रंग (सुरिंदर कौर)
Price: $1.00 USD. Words: 4,090. Language: Hindi. Published: October 7, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
चुप से महफिल में चुप से महफिल में वो आये हुये है। बातें, होठों में कुछ दबाये हुये है। आँख से गिरे है, शबनम के कतरे शोले दिल में दफनाये हुये है । दिल ही जाने अब दिल की ये बातें हम तो दिलो जाँ, लुटाये हुये है। चुप से महफिल में चुप से महफिल में वो आये हुये है। बातें, होठों में कुछ दबाये हुये है। आँख से गिरे है, शबनम के कतरे शोले दिल में दफनाये हुये है । दिल ही जाने अब दिल की ये बातें हम
आओ याद करें
Price: $1.00 USD. Words: 5,860. Language: Hindi. Published: August 30, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
हिंदी बाल साहित्य की सृजन सुधा अनन्य प्रणयिनी प्रज्ञा गुप्ता ने संपादन, कहानी, बाल कविता, संस्मरण बाल जीवनी के माध्यम से हिंदी बाल साहित्य रचना को नई दृष्टि और गति प्रदान की है। रसायन शास्त्र में एम.एस-सी. प्रज्ञा ने बच्चों को प्रेरक और औत्सुक्य पूर्ण साहित्य रचना और पाठक के प्रति जिज्ञासा वृत्ति को पर्याप्त प्रोत्साहित किया है। उनका बाल साहित्य चिंतन निश्चय ही उपादेय, महत्वपूर्ण और स्तुत्य है।
shabdo ki mala
Price: $2.00 USD. Words: 4,340. Language: Hindi. Published: August 21, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
कविता.... शब्दों का जादू.... भावनाओं का मेल.... चाहतों का खेल.... किसी की तड़प.... किसी की आह.... किसी की वाह....। कविता.… से क्या कुछ नहीं प्रवाहित होता है शब्दों, भावों और लेखनी के संगम से होकर। अपनी कविता की बात करूं तो साथियों के चिढ़ाने को लेकर बिन मांँ की बच्ची के हृदय के उद्गार कब कविता के अंकुर बन लहराने लगे पता भी ना चला। कविता.... शब्दों का जादू.... भावनाओं का मेल.... चाहतों का खेल....
चिंगारियाँ
Price: $2.00 USD. Words: 21,970. Language: Hindi. Published: August 8, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
‘चिंगारियां’ कविता संग्रह की अधिकतर कविताएँ मौजूदा परिवेश को रेखांकित करती हिंदी कविता के समकालीन परिदृश्य में एक सार्थक हस्तक्षेप करती हैं। फिर चाहे फरीद खान हों, कुशेश्वर महतो हों, डॉ राकेश पाठक हों, राजेंद्र श्रीवास्तव हों, विजय कांत वर्मा हों, शरद कोकास हों, विजय राठौर हों या हीरालाल नागर हों। संवेदना, अभिव्यक्ति और काव्य का ओर-छोर छूती उनकी मौलिक पहचान कराती ये कविताएँ। भरपूर है इन कविताओं का
Yah Jo Kadi Hai
Price: $2.00 USD. Words: 8,630. Language: Hindi. Published: July 31, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
मेरे लिए कविता भावों की अभिव्यक्ति है। आज के युग में छंद और अलंकारों का महत्व नहीं रह गया है। गद्य कविता या मुक्तक ने स्थान ले लिया है। ऐसे में तुक मिल जाना केवल ध्वनि सौंदर्य को बढ़ाने का उपक्रम मात्र है। इस संग्रह में मैंने प्रयास किया है कि विविध विषयों के मोतियों को पिरोकर एक सुंदर माला बनाऊँ। कड़ी-कड़ी जोड़कर जीवन को अपनी दृष्टि से अवलोकित करने का प्रयास किया है। इसमें मैं कहाँ तक सफल रहा हूँ यह
Laghukatha Manjusha
Price: $2.00 USD. Words: 39,060. Language: Hindi. Published: July 31, 2018. Categories: Fiction » Literature » Literary
'लघुकथा मंजूषा' शृंखला की दूसरी पुस्तक लघुकथा मंजूषा-2 नए प्रयोग के साथ प्रस्तुत की जा रही है। इस प्रयोग के तहत पुस्तक को तीन भागों में बांटा गया है। पहले भाग में, अनुपस्थित लघुकथाकारों की उपस्थित लघुकथाएं रखी गई हैं (अर्थात वे लघुकथाकार, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, किन्तु उनकी लघुकथाएं आज भी उनकी उपस्थिति दर्ज कराने में सक्षम हैं।), ताकि नियमों में उलझने की बजाय लघुकथाकार प्रभावी लघुकथाओं को पढ़
बड़ी उम्र की स्त्रियों का प्रेम
Price: $2.00 USD. Words: 19,350. Language: Hindi. Published: July 9, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
घरेलू स्त्रियाँ होतीं है उनकी उपस्थिति, अनिवार्य..........किन्तु, होता है जैसे ज्योमेट्री बॉक्स में उपस्थित सैट स्क्वायर। होता है जैसे वर्णमाला, में उपस्थित ङ, ञ। होती है जैसे ट्रैफिक बत्ती के खंभे में उपस्थित वो पीली बत्ती। होती है जैसे मसालेदार सब्जी में उपस्थिति तेजपत्ते की। होता है जैसे पैतालीस बाद की स्त्रियों के शरीर में गर्भाशय। घरेलू स्त्रियाँ होतीं है उनकी उपस्थिति, अनिवार्य..
પડાવ
Price: $1.00 USD. Words: 37,530. Language: Gujarati. Published: June 28, 2018. Categories: Fiction » Biographical
શેઠ ધનસુખલાલની કાર ધીમી ગતિ થી બરોડા થી સાવલી તરફ આગળ વધી રહી છે. ધનસુખલાલ પાછળની સીટમાં બેઠા છે અને મધુકાકા ડ્રાઈવિંગ સીટ પર. મધુકાકા છેલ્લા દશ વર્ષ નાં વફાદાર ડ્રાઈવર . શેઠ ધનસુખલાલે ઘણા સમયથી સાવલી ના આચાર્ય મહાસુખનંદજીનાં આશ્રમ વિષે સાંભળ્યું હતું અને આશ્રમની મુલાકાત અને આચાર્યશ્રીનાં દર્શન ની ઈચ્છા જાગી હતી. શેઠ ધનસુખલાલની કાર ધીમી ગતિ થી બરોડા થી સાવલી તરફ આગળ વધી રહી છે. ધનસુખલાલ પાછળ
अजनबी शहर
Price: $1.00 USD. Words: 5,990. Language: Hindi. Published: June 28, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
ग़ज़ल हिन्दी और उर्दू भाषा की बेहतरीन और बहुचर्चित काव्य विधा है जो मन में इधर-उधर बेख़ौफ़ घूम रहे ख्यालातों और जज़्बातों को लफ़्ज़ों का खूबसूरत चोला पहना कर लिखने वाले के घर से पढ़ने वाले के दर तक पहुँचाती है। मैं अपनी पहली पुस्तक “अजनबी शहर” ग़ज़ल संग्रह के माध्यम से आपसे मुखातिब हो रही हूँ। इस ग़ज़ल संग्रह में बहुत ही सीधी सपाट कलम का प्रयोग किया गया है। हर ग़ज़ल में अलग-अलग रंग की स्याही प्रयोग की गई है जो
दिल की कलम से
Price: $1.00 USD. Words: 11,250. Language: Hindi. Published: June 21, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
छः महिने की नन्ही सी गुड़िया को अपनी गोद मे उठाए रोहित सबसे मिल रहा था। जाॅब के कारण अपने शहर कम ही आना होता था। इस बार एक शादी मे शामिल हुआ तो सबसे मिलना हो गया। कहते हैं पिता और बेटी का रिश्ता सबसे अनूठा होता है। रोहित भी नन्ही ट्विषा को जान से ज्यादा चाहता था। उसे किसी को भी गोद में लेने नही देता। बड़ी मुश्किल से ऑफिस से छुट्टी मिली थी, रोहित इन खूबसूरत लम्हों का एक भी पल गवाँना नही चाहता था। पित
Romancing the Thames
Price: $2.00 USD. Words: 104,580. Language: English. Published: June 20, 2018. Categories: Fiction » Romance » Contemporary
It was in my soul’s spiritual journey to the Almighty that the author’s beautiful Hindi words and thoughts transformed themselves into an English expression. As I translated this passionate work of art, it felt as if I was transferring the beads of the author’s swarnamala onto another thread from which I crafted my own garland. At one level stood Tom’s oppression, a symbol of British yoke and at
टेम्स की सरगम
Price: $2.00 USD. Words: 45,240. Language: Hindi. Published: June 20, 2018. Categories: Fiction » Romance » Historical
बीसवीं सदी के अंग्रेजों की गुलामी के कुछ दशक भारतीय मंच पर तमाम ऐसी घटनाओं को फोकस करने में लगे रहे जिससे सम्पूर्ण जनमानस जागा और गुलामी के कलंक को माथे से मिटाने में जुट गया। आजादी का प्रयास इतना, महत्वपूर्ण हो उठा था कि तमाम धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक असमानताएँ भूल बस संघर्ष की आँच में कूद पड़ने का जनमानस बन चुका था। एकबारगी धर्म, साहित्य, कला (संगीत, नृत्य, चित्रकला) से जुड़े लोग भी कुछ ऐसी ही मानस
मुझे जन्म दो माँ
Price: $2.00 USD. Words: 17,630. Language: Hindi. Published: June 18, 2018. Categories: Nonfiction » Literary criticism » Women Authors
औरत को लेकर कई सवाल मेरे दिमाग में मंडराते रहते हैं। क्यों परिवार की मान-मर्यादा, शिष्टता की सीमा रेखा लड़कियों को ही दिखाई जाती है, लड़कों को नहीं? क्यों पिता, भाई, पति, बेटे की सुरक्षा के घेरे में वह जिंदगी गुजारे? क्यों सारे व्रत, उपवास, नियम-धरम औरतों के जिम्मे? क्यों पति और पुत्र के कल्याण के लिए ही सारे व्रत, पूजा, अनुषअठान? क्यों नहीं औरतों के लिए यह सब? यह करो, यह मत करो, ऐसे उठो, ऐसे बैठो-
अन्तर्द्वन्द्व
Price: $1.00 USD. Words: 4,930. Language: Hindi. Published: June 13, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
साहित्य समाज को आईना दिखाता है और आईना कभी झूठ नहीं बोलता है। समाज की संरचना हमने और आपने ही की है, आदरणीय विजय तन्हा जी की रचनाएं पढ़ी और विवश हो गया सोचने को। वर्तमान परिप्रेक्ष्य एवं विसंगतियों का मार्मिक शब्द चित्र है विजय तन्हा का काव्य संग्रह "अन्तर्द्वन्द्व" जिसमें "अहसास", "पेट की आग", "अपनापन", "एक सच" आदि रचनाओं में हृदय को स्पर्श कर झकझोर देने की क्षमता है। "पैगाम" शीर्षक की रचना
मालवगढ़ की मालविका
Price: $2.00 USD. Words: 63,690. Language: Hindi. Published: June 13, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
और क़लम थरथरा उठी देवराला से रूपकुँवर आई और मेरे कानों में फुसफुसाई- “मुझे ढकेल-ढकेल कर पति की चिता के साथ ज़िंदा जलाई गई को अपनी कहानी में जीवित नहीं करोगी?” मेरी क़लम काँप गई- “नहीं रूपकुँवर... मैं औरत की पराजय नहीं लिख पाती।” वह ढीठ-सी जमकर मेरे सामने बैठ गई।.... उस वक़्त रेडियो में से एक दर्दीले गीत की आवाज़ कमरे को मुखर कर रही थी, पर गीत वही तो नहीं होता जो कानों को सुनाई दे? वह शरीर के रोम-रोम स
फूलों की खेती
Price: $2.00 USD. Words: 6,080. Language: Hindi. Published: June 10, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
माओवादी नहीं हूँ मैं खेत में खलिहान में काम करता हूँ ईंट भट्टा में क्रेशर मशीनों में काम कर पेट भरता हूँ तुम्हारी भाषा मुझे आती नहीं देह का रंग मेरा अलग है इसलिए तुमने माओवादी करार दिया आतंकवादी,चोर वैगरह कहकर प्रताड़ित किया मैं जंगलों-पहाड़ों में माओवादी नहीं हूँ मैं खेत में खलिहान में काम करता हूँ ईंट भट्टा में क्रेशर मशीनों में काम कर पेट भरता हूँ तुम्हारी भाषा मुझे आती नहीं देह का रंग मेरा अ
फिट्'टे मूंह तुंदा (डोगरी काह्'नी ते लेख संग्रैह्)
Price: $1.00 USD. Words: 7,310. Language: Hindi. Published: June 10, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
फिट्'टे मूंह तुंदा (निक्की काह्'नीं) रतन डोगरी ते डोगरी दे कलमकारें दे भविक्ख दे बारे च डूंह्'गा सोचे करदा हा। ओह् सोचै करदा हा जे फकीरे दे कनवीनर बनदे गै कलमकारें कियां उस्सी सिरै उप्पर चुकी लैता ऐ? हर पुस्तक विमोचन उप्पर फकीरे गी गै प्रधानता दित्ती जा करदी ऐ? रत्न गी बिंद भी समझ निं ही आवै करदी जे फकीरा रातो-रात इन्ना अक्लमंद कियां होई गया ऐ, जां ए सारा कमाल डोगरी साहित्य अकादमी दिल्ली
योग और योगा की शक्ति
Price: $2.00 USD. Words: 34,020. Language: Hindi. Published: June 9, 2018. Categories: Nonfiction » Inspiration » Meditation
बह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विचारों पर आधारित ‘‘अवैकनिंग विद द ब्रह्माकुमारीज’’ टेलीविजन कार्यक्रम के अन्तर्गत बी0के0 सिस्टर शिवानी और फिल्म अभिनेता सुरेश ओबेराॅय के बीच दार्शनिक वार्ता एवं बी0के0 सिस्टर शिवानी-कनुप्रिया के साथ विभिन्न विषयों पर दार्शनिक वार्ता का उपयोग मानसिक योग की व्याख्या में की गई है। बह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के विचारों पर आधारित ‘‘अवैकनिंग विद द ब्रह्माक
कटघरे में राम
Price: $2.00 USD. Words: 17,230. Language: Hindi. Published: June 2, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
ललित कुमार मिश्र साहित्यिक उपनाम विदेह निर्मोही, सोनीललित, प्रकृति नवरंग 9868429241 sonylalit@gmail.com जन्मस्थान: बिहार जन्मतिथि: 16 मार्च 1976 शिक्षा: स्नातक, राजधानी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय विधाएं: कविता, लघुकथा ललित कुमार मिश्र साहित्यिक उपनाम विदेह निर्मोही, सोनीललित, प्रकृति नवरंग 9868429241 sonylalit@gmail.com जन्मस्थान: बिहार जन्मतिथि: 16 मार्च 1976 शिक्षा: स्नातक, राजधान
प्यार के फूल
Price: $1.00 USD. Words: 16,130. Language: Hindi. Published: May 30, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
मेरे प्रिय पाठकों का, जिनका दुलार और सहयोग हमेशा मेरे साथ है। माँ शारदे का, जिनकी कृपा दृष्टि मुझ पर हमेशा बनी रहती है। वर्जिन साहित्यपीठ का, मेरे कहानी संग्रह को प्रकाशित करने के लिए। ईश्वर की असीम अनुकम्पा से मेरा पहला कहानी संग्रह आपके समक्ष प्रस्तुत है। भूलबश हुई गलतियों हेतु क्षमा प्रार्थी, एवं आपके सुझावों हेतु प्रतीक्षारत। आप हमें अपने सुझाव 9719469899 पर दे सकते हैं। कहानी संग्रह का लुत्फ़
व्यथा मेरी? (काव्य संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 2,450. Language: Hindi. Published: May 29, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
आशीर्वाद व शुभकामनाऐं। श्री इंदु भूषण बाली को मैं व्यक्तिगत रूप से पिछले 25 वर्षों से जानता हूँ। वह एक मेधावी व्यक्तित्व के स्वामी हैं। वह सदैव अपने शब्दों पर अडिग रहते हैं। वह हमेशा से अपने अधिकारों के लिए संघर्षशील हैं। इनका समस्त जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पित है। वह डोगरी भाषा के एक प्रसिद्ध कवि हैं और बहुत अच्छी कविताएं भी लिखते हैं। वह कर्त्तव्यनिष्ठ एवं कर्मशील व्यक्ति हैं। डा. बी.डी. शर्म
कहानी मञ्जूषा (कहानी संकलन)
Price: $2.00 USD. Words: 26,360. Language: Hindi. Published: May 28, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
मित्रों, कहानी मंजूषा का ये अंक आप सब के समक्ष प्रस्तुत है। कहानी सच को झूठ में लपेटकर कहने की कला होती है। अभिव्यक्ति के माध्यमों में सबसे सशक्त कहानी दादी, नानी के किस्सों के रूप में हमारे पास पहले से विद्यमान थी। हमारी सभ्यता में कहानियों का इतिहास उतना ही पुराना है, जितनी पुरानी हमारी सभ्यता है। हॉलीवुड के लोग कहते हैं कि इस वक्त संसार में उपलब्ध सभी कहानियों में महाभारत सर्वश्रेष्ठ कथा है। कह
Aao Bachcho! Suno Kahani
Price: $1.00 USD. Words: 19,480. Language: Hindi. Published: May 25, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
कसरत के फायदे राजू सन्डे होने के कारण देर से सोकर उठा तो उसकी माँ ने कहा, "राजू बेटा लेट उठना गलत बात है। शरीर पर इसका विपरीत असर पड़ता है देखो तो तुम्हारा शरीर भी मोटा होता जा रहा जो कि इस उम्र में ठीक नहीं है। इस उम्र में तो शरीर तंदुरुस्त व फुर्तीला होना चाहिए इसलिए अब कल से रोज तुम जल्दी उठोगे और कसरत व योगाभ्यास करोगे।" राजू बोला, "माँ इस ठण्ड में कहाँ जल्दी उठा जाता है। कितनी ठण्ड पड़ी है
सबरनाखा
Price: $2.00 USD. Words: 2,600. Language: Hindi. Published: May 25, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
शायद तुम्हारे लिए आनंद है सप्ताह भर से भूखे पेट हूँ पेट के गड्ढे में आग जल रही है धू-धू कर हुंह और बर्दास्त नहीं हो रहा है सर के ऊपर तक आग की लपटें उठ रही हैं पेट के गड्ढे को भरने जलती आग को बुझाने के लिए तुमसे कितना प्रार्थना किया एक मुट्ठी भोजन के लिए बार-बार गया तुम्हारे पास पर तुम बचे हुए भोजन को अधखाया और जूठन को मुझे देने में तुम्हें नागवार लगा गन्दी नाली में बहा दिया शायद तुम्हारे लिए आनं
स्कूल का दादा (मनोरंजक व शिक्षाप्रद बालकथाएँ)
Price: $2.00 USD. Words: 5,330. Language: Hindi. Published: May 24, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
इसी पुस्तक से.... “नहीं पिताजी, आज से मेरा जन्मदिन केक से नहीं; बल्कि इन नन्हें पौधों के रोपने से मनेगा।” “बच्चों! मुझे व इस देश को तुम पर गर्व है। निश्चय ही अपने विद्यालय की भांति ही देश के वातावरण को भी हरा-भरा बनाने में सफल होगे।” “कभी-कभी प्रार्थना के बाद भारत माता की जय की आवाज सुनकर वह भी अपना हाथ ऊपर कर देता। पर उसकी आवाज सुनायी नहीं पड़ती। वह बोल नहीं पाता था; लेकिन उसकी आंखों में पढ़ने और
छेड़ दो तार (काव्य संग्रह)
Price: $2.00 USD. Words: 4,690. Language: Hindi. Published: May 23, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
छेड़ दो तार छेड़ दो तार वीणा के हे शारदे मन में दीपक प्रभा का दमकने लगे खिल उठें सारी कलियाँ पवन झूम ले गुन गुनायें ये पंक्षी गगन चूम ले प्यार ही प्यार हो हर दिशाओं में अब छेड़ दो तार छेड़ दो तार वीणा के हे शारदे मन में दीपक प्रभा का दमकने लगे खिल उठें सारी कलियाँ पवन झूम ले गुन गुनायें ये पंक्षी गगन चूम ले प्यार ही प्यार हो हर दिशाओं में अब छेड़ दो तार छेड़ दो तार वीणा के हे शारदे मन में दीप
सबसे अच्छा पिता
Price: $1.00 USD. Words: 2,340. Language: Hindi. Published: May 23, 2018. Categories: Fiction » Literature » Plays & Screenplays
दोस्तो, मै, आलोक फोगाट आपके सामने एक मार्मिक कहानी लेकर उपस्थित हुआ हूँ, माँ-बाप कैसे पेट काटकर अपने बच्चों को पढाते हैं फिर समस्या आती है उनका भविष्य बनाने की| उच्च शिक्षा का खर्चा सुनकर तो उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं,कैसे पैसों का इंतजाम होता है, उनकी जिन्दगी में एक अजनबी का भगवान बनकर आना| यही इस कहानी का आकर्षण है| दोस्तो, मै, आलोक फोगाट आपके सामने एक मार्मिक कहानी लेकर उपस्थित हुआ हूँ, माँ-
मैं अद्वितीय हूँ (कविता संग्रह)
Price: $1.00 USD. Words: 2,630. Language: Hindi. Published: May 22, 2018. Categories: Poetry » Contemporary Poetry
मत दिखाओ यह आंखें फोड़ भी देंगे यह आंखें देश मुझे अति प्रिय मेरा झुका के देखो यह आंखें शर्म नहीं आती ओ बेशर्म क्या बेच खाई हैं यह आंखें अपना समझ छोड़ा तुम्हें निर्लज्ज तु, तेरी यह आंखें देशद्रोह हमें सहन नहीं है झुकाई हैं तेरी यह आंखें मत दिखाओ यह आंखें फोड़ भी देंगे यह आंखें देश मुझे अति प्रिय मेरा झुका के देखो यह आंखें शर्म नहीं आती ओ बेशर्म क्या बेच खाई हैं यह आंखें अपना समझ छोड़ा तुम्हें नि
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